दुर्ग के चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय में मारपीट का आरोप, पत्रकारिता का धौंस दिखाने के मामले में आरोपी गिरफ्तार
बालिका की काउंसलिंग के दौरान विवाद का आरोप; शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और धमकी देने के मामले में पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा

दुर्ग। महिला एवं बाल विकास विभाग के चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय में काउंसलिंग के दौरान कथित मारपीट, धक्का-मुक्की और शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में दुर्ग पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पत्रकारिता का धौंस दिखाकर विभागीय कर्मचारियों को झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर विवेचना की और आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, यह मामला दुर्ग स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय, पांच बिल्डिंग का है। यहां एक नाबालिग बालिका और उसकी मां की काउंसलिंग के दौरान कथित रूप से विवाद हुआ था।
भिक्षावृत्ति में संलग्न बच्चों के संरक्षण से जुड़ा मामला
प्रकरण में शिकायतकर्ता चंद्रप्रकाश पटेल, उम्र 42 वर्ष, निवासी सिविल लाइन, कसारीडीह, दुर्ग, महिला एवं बाल विकास विभाग के चाइल्ड हेल्पलाइन में परियोजना समन्वयक के पद पर कार्यरत हैं।
विभाग की ओर से भिक्षावृत्ति में संलग्न बच्चों को बचाकर संरक्षण और सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आवश्यक कार्रवाई की जाती है। इसी क्रम में विभागीय टीम ने नेहरू नगर चौक पर एक लगभग 15 वर्षीय बालिका को कार के शीशे साफ करते हुए देखा था।
इसके बाद बालिका को विभागीय कार्यालय लाया गया, जहां आवश्यक प्रक्रिया के तहत उसकी और उसकी मां गोलू बाई की काउंसलिंग की जा रही थी।
काउंसलिंग के दौरान धक्का-मुक्की और मारपीट का आरोप
शिकायत के मुताबिक, बालिका और उसकी मां की काउंसलिंग के दौरान हनु नायक उर्फ हनुमान कथित रूप से कार्यालय पहुंचा। आरोप है कि इस दौरान उसने महिला और विभागीय कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की एवं मारपीट की।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति ने पत्रकारिता का धौंस दिखाते हुए कर्मचारियों को झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी और उनके शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की।
पुलिस ने शिकायत में बताए गए घटनाक्रम के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपों की पुष्टि और घटना से जुड़े तथ्यों का परीक्षण विवेचना के दौरान किया जाना है।
BNS की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज
प्रार्थी चंद्रप्रकाश पटेल की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 646/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 121(2), 132, 296, 115(2) एवं 351(3) में अपराध पंजीबद्ध किया।
इन धाराओं के अंतर्गत दर्ज प्रकरण में शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और धमकी सहित शिकायत में वर्णित आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस ने मामले की विवेचना प्रारंभ कर आरोपी की पतासाजी की।
पतासाजी के बाद आरोपी गिरफ्तार
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी की तलाश की और उसे हिरासत में लिया। पूछताछ एवं विवेचना के उपरांत आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई संबंधित साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
आरोपी के विरुद्ध पहले भी मामले दर्ज होने की जानकारी
उपलब्ध पुलिस विवरण के अनुसार, आरोपी हनु नायक उर्फ हनुमान, उम्र 30 वर्ष, निवासी टंकी मरोदा, जिला दुर्ग के विरुद्ध पूर्व में थाना सुपेला और थाना नेवई में मारपीट से संबंधित प्रकरण दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
हालांकि, वर्तमान मामले में लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।
शासकीय कार्य में बाधा डालने पर वैधानिक कार्रवाई
यह मामला सरकारी विभाग में बच्चों के संरक्षण से संबंधित प्रक्रिया के दौरान कथित विवाद से जुड़ा है। विभागीय कर्मचारियों के कामकाज में बाधा डालने, मारपीट करने अथवा धमकी देने संबंधी शिकायतों पर पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करती है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि पत्रकारिता या किसी अन्य पद अथवा पहचान का अनुचित प्रभाव दिखाकर शासकीय कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने या धमकी देने जैसी गतिविधियों से दूर रहें।
पुलिस ने यह भी कहा है कि ऐसी किसी घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना दें, ताकि शिकायत की जांच कर तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई
चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय में हुई इस घटना को लेकर दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। मामले की विवेचना में शिकायत, उपलब्ध साक्ष्य और संबंधित पक्षों के बयान महत्वपूर्ण होंगे।
उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में मारपीट, धमकी और शासकीय कार्य में बाधा डालने संबंधी बातें शिकायत में लगाए गए आरोप हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।
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