
दुर्ग । साइबर ठगी से प्राप्त रकम को बैंक खातों के माध्यम से हासिल करने के मामले में सुपेला पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहन राव (28 वर्ष), निवासी इंदिरा नगर, वार्ड क्रमांक 16, सुपेला, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के बैंक खाते का इस्तेमाल ऑनलाइन साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किए जाने से संबंधित साक्ष्य मिले हैं।
इस प्रकरण में पूर्व में 25 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मोहन राव की गिरफ्तारी के बाद अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 26 हो गई है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है।
172 बंधन बैंक खातों के इस्तेमाल का मामला
पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी में सामने आया कि देश के विभिन्न राज्यों में लोगों के साथ हुई ऑनलाइन साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए 172 बंधन बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
इस जानकारी के आधार पर थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 679/2026 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3) और 318(4) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
बैंक रिकॉर्ड और खाताधारकों की भूमिका की जांच
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित बैंक कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। इसके साथ ही बैंक खातों से जुड़ी जानकारी, उपलब्ध अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों को संकलित किया गया।
पुलिस ने खाताधारकों की भूमिका का परीक्षण करते हुए यह पता लगाने का प्रयास किया कि संबंधित खातों में साइबर ठगी की रकम किस प्रकार प्राप्त हुई और उनका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया। पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की संलिप्तता की जांच की गई।
ऑनलाइन ठगी की रकम प्राप्त करने में बैंक खातों का इस्तेमाल
प्रकरण में सामने आए तथ्यों के अनुसार, साइबर ठगी से हासिल धनराशि को बैंक खातों में प्राप्त करने के लिए इन खातों का उपयोग किया गया। ऐसे खातों के माध्यम से रकम प्राप्त करने के बाद उसे आगे हस्तांतरित किए जाने की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
साइबर अपराधों में दूसरों के बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने और उसके लेन-देन के लिए किया जा सकता है। ऐसे खातों को सामान्यतः म्यूल बैंक खाते कहा जाता है। सुपेला पुलिस इस मामले में बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संबंधित खाताधारकों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
मोहन राव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा
पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान मोहन राव की भूमिका के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
प्रकरण में पहले ही 25 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद यह संख्या बढ़कर 26 हो गई है। पुलिस अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान करने और उनके विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के लिए विवेचना आगे बढ़ा रही है।
ये है आरोपी का विवरण
नाम: मोहन राव
उम्र: 28 वर्ष
निवासी: इंदिरा नगर, वार्ड क्रमांक 16, सुपेला, जिला दुर्ग
थाना: सुपेला, जिला दुर्ग
अपराध क्रमांक: 679/2026
धारा: 318(2), 318(3), 318(4), भारतीय न्याय संहिता (BNS)
प्रकरण में कुल गिरफ्तार आरोपी: 26
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना सुपेला के थाना प्रभारी निरीक्षक एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक धनेश्वर साहू, आरक्षक प्रदीप सिंह तथा एसीसीयू (ACCU) की टीम का योगदान रहा। पुलिस टीम ने बैंक खातों से संबंधित जानकारी, उपलब्ध दस्तावेजों और विवेचना में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका की जांच करते हुए वैधानिक कार्रवाई की।
दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, ओटीपी या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी उपलब्ध न कराएं।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि कमीशन या अन्य आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए देना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। इसलिए बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा करने से बचें और किसी भी संदिग्ध लेन-देन के प्रति सतर्क रहें।
यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है, तो वह तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सकता है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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