आईआईटी भिलाई में युवा संगम चरण–VI का शुभारंभ…

भिलाई/ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई में दिनांक 25 मई 2026 को प्रतिष्ठित “युवा संगम चरण–VI” कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय द्वारा “एक भारत श्रेष्ठ भारत” अभियान के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देशभर के युवाओं के मध्य सांस्कृतिक समन्वय एवं जन-जन के बीच आपसी जुड़ाव को सुदृढ़ करना है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के प्रतिनिधिमंडल का 25 मई से 29 मई 2026 तक छत्तीसगढ़ भ्रमण आयोजित किया गया है। कार्यक्रम का समन्वयन आईआईटी दिल्ली द्वारा तथा मेजबानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई द्वारा की जा रही है। युवा संगम का मूल उद्देश्य “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त बनाना है।
यह कार्यक्रम अनुभवात्मक शिक्षण एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है, जो युवा संगम के पाँच प्रमुख स्तंभों — पर्यटन, परंपरा, प्रगति, प्रौद्योगिकी एवं परस्पर संपर्क — पर आधारित है। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं पद्मश्री सम्मान से अलंकृत पद्मश्री फूलबासन बाई यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश, कुलसचिव डॉ. जयेश चंद्र एस. पई, अनुसंधान एवं विकास अधिष्ठाता प्रो. संतोष बिस्वास, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. उदयराज तथा युवा संगम चरण–VI (HEI–IIT Bhilai) के नोडल अधिकारी डॉ. कृष्ण मुरारी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
उद्घाटन सत्र के दौरान सभी वक्ताओं ने राष्ट्रीय एकता, युवा सहभागिता, सांस्कृतिक समझ एवं अनुभवात्मक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला तथा युवा संगम जैसे कार्यक्रमों की आवश्यकता को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि पद्मश्री फूलबासन बाई यादव ने अपने प्रेरणादायी जीवन संघर्षों एवं सामाजिक चुनौतियों को साझा करते हुए महिला सशक्तिकरण एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में किए गए अपने कार्यों की जानकारी दी।
उन्होंने युवाओं को दृढ़ संकल्प एवं सकारात्मक सोच के साथ समाजहित में कार्य करने हेतु प्रेरित किया। आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के बावजूद कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु आयोजकों एवं प्रतिभागियों की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, समाज विकास में प्रौद्योगिकी की भूमिका तथा वैश्विक चुनौतियों के समय भारत की एकता एवं दृढ़ता पर अपने विचार व्यक्त किए।
कुलसचिव डॉ. जयेश चंद्र एस. पई ने भारत की सांस्कृतिक विविधता एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं पारंपरिक व्यंजनों से परिचित कराया तथा प्रतिनिधिमंडल के उत्साह की सराहना की।
अनुसंधान एवं विकास अधिष्ठाता प्रो. संतोष बिस्वास ने सामाजिक चुनौतियों के समाधान हेतु अनुसंधान, नवाचार एवं बहुविषयक सहयोग के महत्व को रेखांकित किया तथा युवाओं को सतत विकास हेतु प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. उदयराज ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए उन्हें कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता हेतु प्रेरित किया। उन्होंने छात्र विनिमय कार्यक्रमों को नेतृत्व क्षमता, सांस्कृतिक समझ एवं राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहित करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
नोडल अधिकारी डॉ. कृष्ण मुरारी ने युवा संगम कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रस्तावित भ्रमण, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं संवादात्मक सत्रों के बारे में बताया, जिनका उद्देश्य युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं भावनात्मक जुड़ाव को प्रोत्साहित करना है।
पाँच दिवसीय सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिनिधिमंडल छत्तीसगढ़ के विभिन्न सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, औद्योगिक एवं विरासत स्थलों का भ्रमण करेगा। प्रस्तावित स्थलों में पुरखौती मुक्तांगन, जनजातीय संग्रहालय, राजभवन छत्तीसगढ़, भोरमदेव मंदिर, सरोदा बांध, राजिम, सिरपुर एवं भिलाई इस्पात संयंत्र प्रमुख हैं।
प्रतिनिधिगण आईआईटी भिलाई परिसर में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, वृक्षारोपण अभियान एवं श्रमदान जैसी विभिन्न सहभागितापूर्ण गतिविधियों में भी भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के दौरान विशेष ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
युवाओं में भाषाई विविधता एवं सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने हेतु भारतीय भाषाओं का एक विशेष सत्र केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान (CIIL) द्वारा आयोजित किया जाएगा। साथ ही, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (IBITF) द्वारा उद्यमिता विकास सत्र भी आयोजित किया जाएगा।
यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, तकनीकी प्रगति एवं सामाजिक विविधता से परिचित कराने के साथ-साथ देश के युवाओं के मध्य राष्ट्रीय एकता एवं आपसी समझ को सुदृढ़ करने का प्रयास करेगा। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे नवीन कुमार उपाध्याय द्वारा प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने मुख्य अतिथि, गणमान्य अतिथियों, प्रतिनिधियों, आयोजन समिति, संकाय सदस्यों, स्वयंसेवकों एवं समस्त सहयोगी कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए युवा संगम चरण–VI के सफल शुभारंभ हेतु सभी के योगदान की सराहना की।
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