शून्य विद्युत दुर्घटना के लक्ष्य पर जोर, जवाहर नगर जोन में विशेष सुरक्षा कार्यशाला…
लाइन कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरणों के सही इस्तेमाल का कराया गया प्रायोगिक अभ्यास

दुर्ग । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल), दुर्ग क्षेत्र के अंतर्गत जवाहर नगर जोन में निरीक्षण के साथ विशेष विद्युत सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जोन के सभी लाइन कर्मचारियों और एफओसी कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य मैदानी अमले को विद्युत लाइनों पर काम करते समय आवश्यक सुरक्षा सावधानियों की जानकारी देना तथा सुरक्षा उपकरणों के सही रखरखाव और उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यशाला में दुर्ग क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने तकनीकी एवं ठेका कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिकांश विद्युत दुर्घटनाएं छोटी-छोटी लापरवाहियों के कारण होती हैं। ऐसे में बुनियादी सुरक्षा नियमों का पालन करने और बचाव उपकरणों का पूरी तरह उपयोग करने से दुर्घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
सुरक्षा उपकरणों के उपयोग का कराया गया प्रायोगिक प्रदर्शन
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने मैदानी कर्मचारियों को सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट, दस्ताने, टेस्टर और डिस्चार्ज रॉड सहित विभिन्न सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल का प्रायोगिक प्रदर्शन कराया। कर्मचारियों को उपकरणों के सुरक्षित उपयोग और उनकी बारीकियों के बारे में जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि विद्युत कार्य के दौरान केवल अपनी सुरक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि सहकर्मियों और आम नागरिकों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। सुरक्षा नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही विद्युत दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई।
कार्यशाला के माध्यम से कर्मचारियों को सुरक्षित कार्यप्रणाली अपनाने और सुरक्षा उपकरणों के अनिवार्य उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने शून्य विद्युत दुर्घटना के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी और निरंतर सतर्कता को जरूरी बताया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य अभियंता एस. मनोज, कार्यपालन अभियंता अनसुईया ठाकुर एवं आर.के. दानी, सहायक अभियंता एम.के. साहू एवं ए.पी. साहू सहित जवाहर नगर जोन के समस्त तकनीकी कर्मचारी उपस्थित रहे।
समाचार क्र.: 85/2026





