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शारदीय नवरात्रि में 15 अक्टूबर से सजेगी चैतन्य देवियों की भव्य झांकी, गुफाओं और पर्वतों से प्रकट होंगी नौ दिव्य शक्तियां…

सेक्टर-7, भिलाई के अंतर्दिशा भवन में होगा अनूठा लाइट एंड साउंड आयोजन, शाम 6:30 से रात 10 बजे तक श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन

भिलाई । शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर भिलाई में इस बार श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता और दिव्यता से जुड़ी अनूठी अनुभूति का अवसर मिलेगा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से सेक्टर-7 स्थित अंतर्दिशा भवन प्रांगण में नौ देवियों की भव्य चैतन्य झांकी सजाई जा रही है। यह आयोजन 15 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा।

शारदीय नवरात्रि में 15 अक्टूबर से सजेगी चैतन्य देवियों की भव्य झांकी, गुफाओं और पर्वतों से प्रकट होंगी नौ दिव्य शक्तियां...

लाइट एंड साउंड से सजेगी नौ देवियों की झांकी

चैतन्य देवियों की झांकी को विशेष लाइट एंड साउंड प्रस्तुति से सजाया जाएगा। इसमें पर्वतों, गुफाओं और धरती के गर्भ से प्रकट होती नौ चैतन्य देवियों की झलक श्रद्धालुओं को देखने को मिलेगी।

जड़ मूर्तियों की तरह अचल और एकाग्र मुद्रा में दिखाई देने वाली ये चैतन्य देवियां इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।

शाम 6:30 से रात 10 बजे तक दर्शन

श्रद्धालु प्रतिदिन शाम 6:30 बजे से रात 10 बजे तक चैतन्य देवियों के दर्शन कर सकेंगे।

आयोजकों के अनुसार झांकी का उद्देश्य केवल धार्मिक दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को सकारात्मकता, शांति और आत्मिक शक्ति का अनुभव कराना भी है।

सकारात्मक वातावरण और आत्मपरिवर्तन का संदेश

भिलाई सेवाकेंद्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने बताया कि चारों ओर शक्तियों की स्थापना और पूजन से वातावरण सकारात्मक एवं शक्तिशाली बनता है।

उन्होंने कहा कि यदि श्रद्धालु इन शिव शक्तियों का आह्वान करते हुए अपने जीवन से बुराइयों, व्यर्थ विचारों और व्यसनों को समाप्त करने का संकल्प लें, तो सकारात्मक वातावरण उनके जीवन में सहज परिवर्तन का माध्यम बन सकता है।

राजयोग साधना से चैतन्य देवियों का स्वरूप

इस झांकी की सबसे खास विशेषता यह है कि ब्रह्माकुमारी बहनें स्वयं चैतन्य देवियों का रूप धारण करती हैं।

गहन तपस्या और राजयोग की सतत साधना के कारण वे जड़ मूर्तियों के समान अचल और अडोल मुद्रा में दिखाई देती हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह दृश्य आध्यात्मिक शांति और दिव्यता का अनुभव कराने वाला होता है।

कुछ पल आध्यात्मिक वातावरण में बिताने का अवसर

आयोजन स्थल पर आने वाले श्रद्धालु चैतन्य देवियों के दर्शन के साथ कुछ समय शांत और आध्यात्मिक वातावरण में भी बिता सकेंगे।

आयोजकों के अनुसार इस अनुभव के माध्यम से लोगों को जीवन में सकारात्मक सोच, आत्मिक शांति और दिव्यता की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

महाकुंभ और सिंहस्थ में भी हो चुकी है प्रस्तुति

भिलाई ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा चैतन्य देवियों की यह झांकी इससे पहले प्रयागराज महाकुंभ, उज्जैन सिंहस्थ कुंभ और कोटा में भी सफलतापूर्वक प्रदर्शित की जा चुकी है।

इन आयोजनों में देश-विदेश से पहुंचे अनेक श्रद्धालुओं ने चैतन्य देवियों के दर्शन किए और आयोजन की सराहना की।

90 वर्ष की सेवाओं का उल्लेख

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय विश्व के 140 से अधिक देशों में अपनी सेवाएं संचालित कर रहा है। संस्था अपनी 90 वर्ष की सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला नेतृत्व में संचालित आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए जानी जाती है।

भिलाई में आयोजित होने वाली यह चैतन्य देवी झांकी शारदीय नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने जा रही है।

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