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25 साल की जनसेवा का जिक्र, केदार कश्यप बोले- मोदी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को मिली विकास की नई रफ्तार…

आवास, किसान सम्मान निधि, रेल-सड़क कनेक्टिविटी से लेकर आदिवासी विकास तक गिनाईं उपलब्धियां

दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा की ओर से देश और छत्तीसगढ़ में हुए विकास कार्यों को लेकर दुर्ग में संभाग स्तरीय प्रेस वार्ता आयोजित की गई। साइंस कॉलेज के समीप स्थित सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता को छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने संबोधित किया। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, अधोसंरचना परियोजनाओं और छत्तीसगढ़ को मिली केंद्रीय सौगातों का उल्लेख किया।

प्रेस वार्ता में कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, विधायक ललित चंद्राकर, भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा, सभापति श्याम शर्मा, जिला महामंत्री दिलीप साहू और मीडिया प्रभारी राजा महोबिया सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

25 वर्ष की जनसेवा को बताया सेवा और सुशासन की यात्रा

केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा यात्रा के 25 वर्ष पूरे होना सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की लंबी यात्रा का अवसर है। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई राजनीतिक प्रशासनिक यात्रा आगे चलकर देश के प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार भी मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और अक्टूबर 2025 में सरकार के प्रमुख के रूप में सेवा के 25वें वर्ष में प्रवेश किया।

केदार कश्यप ने कहा, “हर जिम्मेदारी को जनसेवा का अवसर मानकर काम करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली का प्रमुख आधार रहा है। गरीब, किसान, महिला, युवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया है।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” को शासन की दिशा का आधार बनाया गया। सरकार की योजनाओं को केवल घोषणाओं तक सीमित रखने के बजाय लाभार्थियों तक प्रत्यक्ष रूप से पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की गई।

जनधन से बदली सरकारी सहायता पहुंचाने की व्यवस्था

केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री जनधन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया। बैंक खाते, आधार और मोबाइल के माध्यम से सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूती मिली।

उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और बिचौलियों की भूमिका कम करने की दिशा में काम हुआ। गरीब परिवारों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने का असर सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी दिखाई दिया।

गरीब कल्याण योजनाओं से खाद्य सुरक्षा को मजबूती

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में लगभग 25 करोड़ लोगों के अत्यधिक गरीबी से बाहर आने का उल्लेख प्रधानमंत्री ने स्वयं अपने 25वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर किया था।

उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 81 करोड़ लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी बड़ी संख्या में परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत खाद्यान्न का लाभ मिल रहा है।

कश्यप ने कहा कि गरीब परिवार के लिए भोजन की सुरक्षा, आवास, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक सुरक्षा केवल योजनाएं नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन की बुनियादी आवश्यकताएं हैं।

पक्का घर गरीब परिवारों के लिए सम्मान का आधार

प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना पूरा करने में इस योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके मुताबिक घर सिर्फ दीवार और छत नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और स्थिरता का आधार है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में आवासों का निर्माण हुआ है और प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवासों के निर्माण का दावा किया गया। आवास निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की बात उन्होंने कही।

केदार कश्यप ने 30 मार्च 2025 को छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तीन लाख हितग्राहियों के गृह प्रवेश कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण अवसर था, जो लंबे समय से पक्के घर की प्रतीक्षा कर रहे थे।

उज्ज्वला और नल-जल से महिलाओं को राहत

महिलाओं के जीवन में बदलाव का उल्लेख करते हुए कश्यप ने उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना के कारण छत्तीसगढ़ की लगभग 39 लाख 54 हजार महिलाओं को रसोई के धुएं से राहत मिली है। वहीं जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के लगभग 41 लाख 50 हजार ग्रामीण परिवारों तक नल से पानी पहुंचने का दावा किया गया।

उन्होंने कहा, “रसोई गैस, शौचालय और घर तक नल से पानी जैसी सुविधाओं ने महिलाओं के रोजमर्रा के जीवन में व्यावहारिक बदलाव लाने का काम किया है।”

आयुष्मान भारत से स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच

केदार कश्यप ने आयुष्मान भारत योजना को गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने पर प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के उपचार का सुरक्षा कवच मिला है।

उन्होंने यह भी कहा कि योजना का विस्तार 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तक किया गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के विकास को भी उन्होंने प्रदेश की प्राथमिकताओं से जोड़ा।

किसान सम्मान निधि से किसानों को आर्थिक सहारा

किसानों के मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता दी जा रही है।

प्रेस वार्ता में दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के 25 लाख 51 हजार किसानों को 11 हजार 277 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता उनके खातों में पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि यह सहायता किसानों के लिए बीज, खाद, कृषि कार्य और पारिवारिक जरूरतों में उपयोगी साबित होती है।

उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि के साथ सिंचाई, फसल बीमा, कृषि अवसंरचना, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है। धान उत्पादन और खरीदी में छत्तीसगढ़ की पहचान का उल्लेख करते हुए उन्होंने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने को प्राथमिकता बताया।

युवा और छोटे उद्यमियों के लिए नए अवसर

केदार कश्यप ने मुद्रा योजना, कौशल विकास, स्टार्टअप इंडिया और पीएम विश्वकर्मा जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं, छोटे उद्यमियों और पारंपरिक कारीगरों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हुए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नौकरी पाने वाले युवाओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि युवाओं को कौशल और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में अवसर उपलब्ध कराना भी है।

डिजिटल इंडिया से सेवाओं तक आसान पहुंच

डिजिटल इंडिया का उल्लेख करते हुए कश्यप ने कहा कि ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण से आम नागरिकों के लिए कई सुविधाएं आसान हुई हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल भुगतान जैसी व्यवस्थाओं से सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम करने में मदद मिली है। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को शिक्षा, व्यापार, बैंकिंग और प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

छत्तीसगढ़ को मिली रेल और सड़क परियोजनाओं की सौगात

छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास का उल्लेख करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश में रेल, सड़क, ऊर्जा और कनेक्टिविटी से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं पर काम हुआ है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 51 हजार करोड़ रुपये की लागत से रेलवे सुविधाओं के विस्तार का कार्य चल रहा है। इसमें नई रेल लाइन, दोहरीकरण, ट्रैक विस्तार, रेलवे फ्लाईओवर और पुलों से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का भी उन्होंने उल्लेख किया।

‘विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़’ के तहत हजारों करोड़ की परियोजनाएं

कश्यप ने 24 फरवरी 2024 को आयोजित “विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि 34 हजार 400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण, राष्ट्र को समर्पण और शिलान्यास हुआ था।

इन परियोजनाओं में सड़क, रेलवे, कोयला, बिजली और सौर ऊर्जा से जुड़े कार्य शामिल रहे। उन्होंने लारा ताप विद्युत परियोजना के प्रथम चरण के राष्ट्र को समर्पण और दूसरे चरण के शिलान्यास को भी प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने 30 मार्च 2025 को बिलासपुर में 33 हजार 700 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों के लोकार्पण, शिलान्यास और कार्यारंभ का उल्लेख किया। इन परियोजनाओं में ऊर्जा, रेल, सड़क, शिक्षा और आवास से संबंधित कार्य शामिल बताए गए।

सड़क नेटवर्क से गांव और बाजार के बीच बढ़ी कनेक्टिविटी

केदार कश्यप ने राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों के विस्तार को प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से यात्रा समय कम होने के साथ व्यापार और परिवहन को भी सुविधा मिलती है।

रायपुर-विशाखापत्तनम मार्ग, रायपुर-दुर्ग बायपास और रायपुर-बिलासपुर-कटघोरा जैसे प्रमुख मार्गों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सड़कें उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को बारहमासी सड़क संपर्क से जोड़ने का भी उन्होंने उल्लेख किया।

जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर जोर

प्रेस वार्ता में जनजातीय विकास को भी प्रमुखता दी गई। कश्यप ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के 6,691 जनजातीय गांवों के समग्र विकास पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन गांवों में आवास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और आजीविका जैसी सुविधाओं को मजबूत करने का लक्ष्य है।

पीएम जनमन योजना के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का भी उन्होंने उल्लेख किया। उनके अनुसार छत्तीसगढ़ में 56 हजार से अधिक ऐसे परिवारों तक आवास, सड़क, पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का काम हुआ है।

बस्तर में नक्सलवाद के बाद विकास की नई दिशा का दावा

बस्तर के संदर्भ में केदार कश्यप ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ समेत देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लक्ष्य की उपलब्धि का उल्लेख किया।

उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों, स्थानीय नागरिकों और कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले कर्मचारियों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

कश्यप ने कहा, “बस्तर में अब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, संचार और आजीविका के अवसरों को और मजबूत करना हमारा संकल्प है। विकास की मुख्यधारा से हर गांव और हर परिवार को जोड़ना जरूरी है।”

उन्होंने नियद नेल्लानार जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा शिविरों और आसपास के गांवों में राशन, पेयजल, बिजली, बैंकिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका से जुड़ी सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

बस्तर पर्यटन और स्थानीय प्रतिभाओं की संभावनाओं पर जोर

कश्यप ने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत में पर्यटन की बड़ी संभावनाएं हैं। चित्रकोट जलप्रपात, जंगल, ऐतिहासिक स्थल, जनजातीय कला और स्थानीय परंपराएं देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर सकती हैं।

उन्होंने बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक्स जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे स्थानीय कलाकारों, खिलाड़ियों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिल रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र में पीएम श्री स्कूलों का उल्लेख

शिक्षा के क्षेत्र में पीएम श्री विद्यालयों के उन्नयन का उल्लेख करते हुए कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के 29 जिलों में 130 पीएम श्री विद्यालयों के उन्नयन की पहल की गई है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, बेहतर कक्षाएं और शिक्षण संसाधन विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण प्रदान करने में मदद करेंगे।

रायपुर के विद्या समीक्षा केंद्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था की निगरानी और सुधार की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिल सकती है।

उद्योग, ऊर्जा और निवेश को लेकर भी गिनाईं उपलब्धियां

केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों, ऊर्जा क्षमता, कृषि उत्पादन और भौगोलिक स्थिति के कारण औद्योगिक विकास की महत्वपूर्ण संभावनाएं रखता है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वय से निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। ताप विद्युत के साथ नवीकरणीय ऊर्जा और सौर ऊर्जा को भी भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे परिवारों को घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का अवसर मिलता है।

नवा रायपुर और नई औद्योगिक संभावनाओं का जिक्र

कश्यप ने सिंगल विंडो व्यवस्था और डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से निवेशकों और उद्यमियों को सुविधा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि निवेश के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है। नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल पार्क और स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्रों जैसी पहलों को उन्होंने रोजगार और निवेश की संभावनाओं से जोड़ा।

रजत महोत्सव पर भी विकास परियोजनाओं का उल्लेख

केदार कश्यप ने 1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि 14 हजार 260 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ।

उन्होंने सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य और ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं के साथ नए विधानसभा भवन और जनजातीय संग्रहालय के उद्घाटन का भी उल्लेख किया।

पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा तक चार लेन मार्ग के लिए लगभग 3,150 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के उत्तरी हिस्से में आवागमन, व्यापार और पर्यटन को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प

प्रेस वार्ता के अंत में केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री के जनसेवा के 25 वर्ष का अवसर सेवा भावना को और मजबूत करने का समय है।

उन्होंने “सेवा संकल्प अभियान” का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, उनकी समस्याएं सुनने और समाधान में सहयोग करने का काम करेंगे।

उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि पात्र व्यक्ति को उसका लाभ मिले। आवास, राशन, किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला, नल कनेक्शन, स्वास्थ्य सुरक्षा और जनजातीय योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंचना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है।”

केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की योजनाओं को पात्र परिवारों तक पहुंचाने का कार्य आगे बढ़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से प्रदेश के विकास को गति देने की बात उन्होंने कही।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है और सेवा, सुशासन तथा जनकल्याण के मार्ग पर काम आगे भी जारी रहेगा।

 

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