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छत्तीसगढ़ ने खोया जनसेवा का समर्पित चेहरा, अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का 78 वर्ष की उम्र में निधन…

लंबे समय तक शिक्षक के रूप में संवारी विद्यार्थियों की जिंदगी, दो बार बने विधायक; सादगी, सहज व्यवहार और जनसेवा के लिए हमेशा याद किए जाएंगे कोर्सेवाड़ा

दुर्ग/भिलाई। छत्तीसगढ़ की राजनीति और अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के लिए 30 अक्टूबर का दिन दुखद खबर लेकर आया। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का 78 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से फेफड़ों से संबंधित बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से दुर्ग-भिलाई सहित पूरे प्रदेश के राजनीतिक, सामाजिक और भाजपा संगठन के गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।

कोर्सेवाड़ा का जाना केवल एक जनप्रतिनिधि का निधन नहीं, बल्कि शिक्षा, संगठन और जनसेवा के क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहे एक ऐसे व्यक्तित्व का अवसान है, जिसने अपने सहज व्यवहार और जनता से सीधे जुड़ाव के माध्यम से अलग पहचान बनाई थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।

शिक्षक के रूप में शुरू हुआ था सार्वजनिक जीवन

डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का सार्वजनिक जीवन शिक्षा के क्षेत्र से शुरू हुआ। उन्होंने जनवरी 1972 में सहायक शिक्षक के रूप में शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं प्रारंभ की थीं। करीब 34 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का काम किया।

शिक्षक के रूप में उनके सरल स्वभाव और समर्पण के कारण क्षेत्र के लोग उन्हें स्नेहपूर्वक ‘गुरुजी’ कहकर संबोधित करते थे। शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उनके सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में भी दिखाई देती रही।

ताराचंद साहू के निज सहायक के रूप में भी किया काम

शिक्षा विभाग में सेवाएं देने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ाया। राजनीति में आने से पहले वे करीब 12 वर्षों तक पूर्व सांसद ताराचंद साहू के निज सहायक के रूप में कार्यरत रहे। इस दौरान उन्हें जनसमस्याओं को करीब से समझने और लोगों के बीच रहकर काम करने का अनुभव मिला।

बाद में उन्होंने शासकीय सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की।

अहिवारा के पहले विधायक बनने का मिला गौरव

वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई अहिवारा विधानसभा सीट से भाजपा ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया। चुनाव में जीत दर्ज कर वे इस नवगठित विधानसभा क्षेत्र के पहले विधायक बने। इस तरह अहिवारा के राजनीतिक इतिहास में उनका नाम एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ दर्ज हुआ।

वर्ष 2013 और 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया, लेकिन इसके बावजूद वे संगठन और क्षेत्र की जनता से जुड़े रहे। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया। उन्होंने शानदार जीत दर्ज कर दूसरी बार विधानसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

विकास कार्यों को दी प्राथमिकता

विधायक के रूप में कोर्सेवाड़ा ने अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी। क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए।

नंदनी क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की पहल भी उनके प्रयासों में शामिल रही। शासन स्तर पर उन्हें अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया था। इस पद पर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था।

राष्ट्रपति के हाथों मिला था गुरु घासीदास सम्मान

डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए वर्ष 2006 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के हाथों गुरु घासीदास सम्मान से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2013 में उन्हें श्रेष्ठ विधायक पुरस्कार भी प्रदान किया गया।

राजनीति में महत्वपूर्ण पदों पर रहने के बावजूद उनकी पहचान सादगी, शालीनता और सहज व्यवहार के लिए रही। वे अपनी उपलब्धियों का श्रेय हमेशा जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं और अपने मार्गदर्शकों को देते थे।

हैदराबाद से पैतृक गांव भेण्ड्रा लाई गई पार्थिव देह

निधन के बाद 31 अक्टूबर को उनका पार्थिव शरीर विमान से रायपुर लाया गया। इसके बाद भिलाई-3 स्थित उनके शासकीय आवास और दुर्ग के जवाहर नगर में अंतिम दर्शन एवं श्रद्धांजलि का कार्यक्रम रखा गया। यहां बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इसके बाद पार्थिव देह बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड स्थित उनके पैतृक गांव भेण्ड्रा ले जाई गई, जहां दोपहर 2 बजे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार का कार्यक्रम निर्धारित था।

मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ नेताओं ने जताया शोक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व, जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और संगठन के प्रति अटूट निष्ठा उनकी विशेष पहचान रही। वे अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहे। उनका निधन भाजपा परिवार और प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।

प्रदेश के अन्य वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी उनके निधन को राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति बताते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।

 

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