दुर्ग के ऐतिहासिक जेआरडी स्कूल में बनेगा 270 सीटर ऑडिटोरियम, 1.34 करोड़ रुपये मंजूर…
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल से ऐतिहासिक शैक्षणिक धरोहर को मिलेगा नया स्वरूप, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा सभागार

दुर्ग। शहर के गांधी चौक स्थित ऐतिहासिक जेआरडी मल्टीपरपस स्कूल को जल्द ही नई पहचान मिलने जा रही है। विद्यालय के संरक्षण और शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में शासन ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए यहां 270 सीटर ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 1 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के प्रयासों से स्वीकृत इस परियोजना से विद्यालय परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त सभागार का निर्माण होगा।

शिक्षा मंत्री के निरीक्षण के बाद मिली निर्माण को मंजूरी
विद्यालय के संरक्षण और शैक्षणिक उन्नयन को लेकर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विगत दिनों शिक्षा विभाग एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के अधिकारियों के साथ जेआरडी स्कूल परिसर का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने विद्यालय भवन की वर्तमान स्थिति, आवश्यक मरम्मत, संरचनात्मक मजबूती और ऐतिहासिक स्वरूप को सुरक्षित रखने के संबंध में शिक्षकों एवं इंजीनियरों से विस्तार से चर्चा की थी।

इसके बाद शासन स्तर पर पहल करते हुए ऑडिटोरियम निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है। आरईएस विभाग के इंजीनियरों के अनुसार, प्रशासकीय स्वीकृति के तहत प्रथम चरण में 82 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
दुर्ग की ऐतिहासिक शैक्षणिक विरासत है जेआरडी स्कूल
देश की आजादी से पहले स्थापित जेआरडी मल्टीपरपस स्कूल दुर्ग शहर की सबसे पुरानी शैक्षणिक संस्थाओं में शामिल है। इस विद्यालय से शहर की कई पीढ़ियों की यादें और भावनाएं जुड़ी हुई हैं। लंबे समय तक यह संस्थान शिक्षा के प्रमुख केंद्र के साथ-साथ शहर की सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि जेआरडी स्कूल केवल एक शैक्षणिक संस्था नहीं, बल्कि दुर्ग शहर की विरासत और पहचान है। यहां से शिक्षा प्राप्त कर हजारों विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी खेल, साहित्य, पत्रकारिता, कला, पुलिस, सेना, राजनीति और प्रशासनिक सेवाओं सहित अनेक क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्वयं उनका भी इस विद्यालय से विद्यार्थी के रूप में जुड़ाव रहा है। ऐसे में इस ऐतिहासिक संस्था का संरक्षण और विकास उनके लिए विशेष महत्व रखता है।
ऐतिहासिक हॉल को मिलेगा आधुनिक ऑडिटोरियम का स्वरूप
जेआरडी स्कूल परिसर में स्थित ऐतिहासिक हॉल कभी दुर्ग शहर की प्रमुख गतिविधियों का केंद्र हुआ करता था। उस दौर में जब शहर में बड़े सभागारों की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, तब इसी हॉल में अनेक महत्वपूर्ण शासकीय प्रशिक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आयोजित किए जाते थे।
नए निर्माण के तहत इस ऐतिहासिक परिसर में 270 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम तैयार किया जाएगा। इसे शिक्षा विभाग की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। ऑडिटोरियम में अटैच बाथरूम सहित अन्य जरूरी सुविधाओं का भी निर्माण किया जाएगा।
सुपर-30 योजना से विद्यार्थियों को मिल रही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
जेआरडी स्कूल में शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के साथ विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विद्यालय में सुपर-30 योजना प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत NEET और JEE जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विशेष कोचिंग, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
इस पहल से दुर्ग और आसपास के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधाएं मिल रही हैं। इससे ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
ऐतिहासिक पहचान के साथ आधुनिक सुविधाओं का होगा विस्तार
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदेश में शासकीय विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। जेआरडी स्कूल का संरक्षण और विकास केवल भवन के नवीनीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुर्ग शहर की ऐतिहासिक शैक्षणिक धरोहर को संरक्षित करते हुए उसे नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
270 सीटर ऑडिटोरियम के निर्माण से विद्यालय में शैक्षणिक, सांस्कृतिक और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। इससे ऐतिहासिक जेआरडी स्कूल की गौरवशाली पहचान को बनाए रखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप इसका विकास हो सकेगा।
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