आईआईटी भिलाई में राजभाषा नीति पर नराकास स्तरीय कार्यशाला, हिंदी के प्रभावी प्रयोग पर हुई चर्चा…
संवैधानिक प्रावधानों से कार्यालयीन कामकाज तक हिंदी के इस्तेमाल के महत्वपूर्ण पहलुओं से रूबरू हुए अधिकारी-कर्मचारी

भिलाई। आईआईटी भिलाई में नराकास स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। “संघ की राजभाषा नीति” विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों को राजभाषा नीति, हिंदी के संवैधानिक प्रावधानों तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रभावी उपयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
राजभाषा नीति के पहलुओं पर विस्तार से जानकारी
कार्यशाला के मुख्य वक्ता भिलाई इस्पात संयंत्र के उपप्रबंधक (संपर्क व प्रशासन-राजभाषा) जितेंद्र दास मानिकपुरी रहे। उन्होंने संघ की राजभाषा नीति और इससे जुड़े संवैधानिक प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही, दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक और प्रभावी प्रयोग किस प्रकार किया जा सकता है, इस पर भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
सरल और रोचक अंदाज में हुई विषय की प्रस्तुति
जितेंद्र दास मानिकपुरी ने जटिल विषयों को सरल, सहज और रोचक तरीके से प्रस्तुत किया। उनके व्याख्यान के माध्यम से प्रतिभागियों को राजभाषा नीति के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिला। ज्ञानवर्धक जानकारी के साथ प्रस्तुति के मनोरंजक अंदाज ने कार्यशाला को प्रतिभागियों के लिए उपयोगी बनाया।
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और राजभाषा से संबंधित विषयों को समझने में रुचि दिखाई।
अधिकारियों-कर्मचारियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम का मंच संचालन रेशमा बानो ने किया। इस अवसर पर संस्थान के कुलसचिव, हिंदी अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
दैनिक कामकाज में हिंदी के प्रयोग पर जोर
कार्यशाला के माध्यम से उपस्थित प्रतिभागियों को संघ की राजभाषा नीति को समझने के साथ-साथ कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिक प्रभावी उपयोग की दिशा में व्यावहारिक जानकारी मिली। आयोजन को ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताते हुए प्रतिभागियों ने इसमें सक्रिय सहभागिता की।
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