अन्‍य

आईआईटी भिलाई में हिंदी का जश्न: एक महीने में 15 से अधिक आयोजन, संस्थानभर में दिखा भाषा के प्रति उत्साह…

विद्यार्थियों, फैकल्टी, कर्मचारियों और आउटसोर्स स्टाफ ने लिया हिस्सा; कविता, वाद-विवाद से लेकर कार्यशाला और प्रश्नोत्तरी तक हुए विविध कार्यक्रम

भिलाई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई में 1 से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित हिंदी माह का 30 सितंबर को सफलतापूर्वक समापन हुआ। पूरे एक महीने चले इस आयोजन में संस्थान से जुड़े लगभग हर वर्ग—संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, आउटसोर्स स्टाफ और विद्यार्थियों—ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस दौरान 15 से अधिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसने हिंदी के प्रति संस्थान के व्यापक जुड़ाव और उत्साह को सामने रखा।आईआईटी भिलाई में हिंदी का जश्न: एक महीने में 15 से अधिक आयोजन, संस्थानभर में दिखा भाषा के प्रति उत्साह...

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई शुरुआत

हिंदी माह की शुरुआत 1 सितंबर को दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद पूरे महीने संस्थान परिसर में हिंदी भाषा, साहित्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़े विभिन्न आयोजन लगातार चलते रहे।

कार्यक्रमों की श्रृंखला में वार्षिक पत्रिका के नामकरण के लिए प्रतियोगिता, स्वरचित कविता लेखन, निबंध लेखन और काव्य सम्मेलन जैसे आयोजन शामिल रहे। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

काव्य सम्मेलन में रचनाओं ने बांधा समां

हिंदी माह के दौरान आयोजित काव्य सम्मेलन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। प्रतिभागियों ने अपनी स्वरचित रचनाओं और कविताओं के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति अपनी रचनात्मकता और भावनाओं को अभिव्यक्त किया। काव्य पाठ के दौरान प्रस्तुत रचनाओं ने उपस्थित श्रोताओं को प्रभावित किया और कार्यक्रम को यादगार बनाया।

वाद-विवाद और तात्कालिक भाषण से बढ़ा आत्मविश्वास

माहभर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों को अपनी भाषाई क्षमता प्रदर्शित करने का मंच दिया। वाद-विवाद प्रतियोगिता, कवितापाठ, तात्कालिक भाषण और प्रश्नोत्तरी जैसे आयोजनों में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को न केवल हिंदी में अपनी अभिव्यक्ति को बेहतर बनाने का अवसर मिला, बल्कि मंच पर बोलने, विचार रखने और आत्मविश्वास के साथ संवाद करने का अनुभव भी प्राप्त हुआ।

आउटसोर्स स्टाफ को भी जोड़ा गया

आईआईटी भिलाई के हिंदी माह की एक उल्लेखनीय विशेषता यह रही कि आयोजन को केवल विद्यार्थियों और शैक्षणिक वर्ग तक सीमित नहीं रखा गया। संस्थान के आउटसोर्स स्टाफ के लिए भी विशेष रूप से निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई।

इस पहल के माध्यम से हिंदी माह की गतिविधियों को संस्थान के विभिन्न कार्यक्षेत्रों और वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। इससे आयोजन में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हुई।

राजभाषा हिंदी को अपनाने की ली शपथ

हिंदी माह के मध्य में आयोजित विशेष सत्र में केंद्र सरकार के मंत्री का संदेश साझा किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने राजभाषा हिंदी को अपनाने की शपथ भी ली।

इसके अलावा हिंदी से संबंधित कार्यशाला और राजभाषा नीति पर सामूहिक चर्चा का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को राजभाषा हिंदी के महत्व, उसके प्रयोग और व्यापक भूमिका को समझने का अवसर मिला।

समापन समारोह में विजेताओं का सम्मान

30 सितंबर को हिंदी माह का समापन समारोह आयोजित किया गया। इसमें संस्थान के संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने सहभागिता की। महीनेभर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार और सम्मान प्रदान किए गए।

आईआईटी भिलाई में हिंदी का जश्न: एक महीने में 15 से अधिक आयोजन, संस्थानभर में दिखा भाषा के प्रति उत्साह...

 

समापन अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने हिंदी माह के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भावनात्मक एकता का सशक्त माध्यम है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को दैनिक जीवन में हिंदी के प्रयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

तकनीकी उत्कृष्टता के साथ भाषा और संस्कृति पर भी जोर

आईआईटी भिलाई का यह हिंदी माह केवल एक संस्थागत आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने तकनीकी शिक्षा और शोध के साथ भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को भी सामने रखा।

एक प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान के रूप में आईआईटी भिलाई शोध और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ-साथ भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी गतिविधियां आयोजित करता रहा है। हिंदी माह के दौरान हुए विविध कार्यक्रमों ने इसी व्यापक दृष्टिकोण को रेखांकित किया।

पूरे एक महीने चले आयोजनों में विद्यार्थियों से लेकर कर्मचारियों और आउटसोर्स स्टाफ तक की भागीदारी ने यह दिखाया कि हिंदी केवल औपचारिक संचार की भाषा नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति, रचनात्मकता और संस्थागत जुड़ाव का माध्यम भी बन सकती है।

संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे      https://jantakikalam.com/

इन खबरों का लाभ लेने के लिए अपने परिचितों को फॉरवर्ड करना ना भूलें।

सोशल मीडिया लिंक
https://www.facebook.com/jkk07?mibextid=ZbWKwL

https://twitter.com/jantakikalam?t=5O4Ia8i834982M2CTfTOAQ&s=09

https://instagram.com/jantakikalam?igshid=OGQ5ZDc2ODk2ZA==

https://t.me/jkk21

https://whatsapp.com/channel/0029Va8Wah48V0tizzAQs30d
खबरों की अपडेट पाने के लिये subscribe करे
www.jantakikalam.com.

खबरों और विज्ञापन के लिये सम्पर्क करे
[email protected]
मो. – 9827156570

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button