ऑपरेशन विश्वास” के तहत नाबालिक बच्चों एवं अभिभावकों को जागरूक करने चलाये जा रहे यातायात जन -जागरूकता कार्यक्रम के तहत अभियान

दुर्ग दिनांक 31 जुलाई 2026 को यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता अभियान के अंतर्गत केपीएस स्कूल, नेहरू नगर, खालसा पब्लिक स्कूल, शकुंतला विद्यालय, के कुल 2500 छात्र / छात्राओं में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी भूमिका के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
यातायात पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने एवं वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने से पूर्व किसी भी प्रकार का दोपहिया अथवा चारपहिया वाहन चलाना कानूनन अपराध होने के साथ-साथ स्वयं एवं अन्य लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा है। नाबालिग अवस्था में वाहन चलाने से दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है, जिससे परिवार एवं समाज दोनों प्रभावित होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाने, यातायात संकेतों एवं ट्रैफिक सिग्नलों का पालन करने, गलत दिशा में वाहन नहीं चलाने तथा सड़क पार करते समय आवश्यक सावधानी बरतने जैसे महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी भी दी गई।
यातायात पुलिस द्वारा विद्यार्थियों से आग्रह किया गया कि वे अपने माता-पिता एवं परिवार के अन्य सदस्यों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें तथा सड़क सुरक्षा के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने में सहभागी बनें।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन से भी अपील की गई कि यदि कोई छात्र-छात्रा स्वयं वाहन चलाकर विद्यालय आता है तो उस पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक आयोजित कर उन्हें मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों, नाबालिग वाहन संचालन के दुष्परिणामों एवं संभावित कानूनी कार्रवाई से अवगत कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय दुर्घटना को रोका जा सके।
*अपील :-*
यातायात पुलिस दुर्ग ने पुनः सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन चलाने की अनुमति न दें। बच्चों की सुरक्षा, उनका उज्ज्वल भविष्य एवं सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।




