
भिलाई। साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच दुर्ग पुलिस ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की पहल तेज कर दी है। छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान 2026 के तहत हिंदू मिलन मंदिर, भिलाई में आयोजित NEET सम्मान समारोह के दौरान पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, हैकिंग और ऑनलाइन ठगी से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए।

द फ्लैश एकेडमी द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पाटन प्रांशु तिवारी और PSI हसनैन रज़ा ने साइबर अपराधियों के बदलते तौर-तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ठग डर, लालच या भरोसे का फायदा उठाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
पुलिस, CBI या बैंक अधिकारी बनकर बना रहे निशाना
जागरूकता कार्यक्रम में बताया गया कि साइबर ठग खुद को पुलिस, CBI, ED, बैंक या किसी अन्य प्रतिष्ठित संस्था का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर तत्काल पैसे ट्रांसफर करने या बैंकिंग जानकारी साझा करने का दबाव बनाया जाता है।
पुलिस ने समझाइश दी कि ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय संबंधित संस्था से उसके आधिकारिक माध्यम से सत्यापन करना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, PIN, CVV या पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए।
एक गलती से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
कार्यक्रम में विद्यार्थियों और अभिभावकों को संदिग्ध लिंक, QR कोड और APK फाइलों को लेकर विशेष रूप से सावधान किया गया। पुलिस ने कहा कि बिना सत्यापन किसी लिंक पर क्लिक करने या संदिग्ध APK डाउनलोड करने से बचना चाहिए।
इसके साथ ही मोबाइल में अनावश्यक एप्लीकेशन डाउनलोड न करने और किसी ऐप को जरूरत से ज्यादा अनुमति नहीं देने की सलाह दी गई। कॉल फॉरवर्डिंग और मैसेज फॉरवर्डिंग जैसी सुविधाओं की भी समय-समय पर जांच करने को कहा गया।
ऑनलाइन निवेश के नाम पर भी हो रही धोखाधड़ी
पुलिस ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाले साइबर अपराधों के प्रति भी लोगों को सचेत किया। कम समय में अधिक मुनाफा, लॉटरी, इनाम, नौकरी या अन्य आकर्षक ऑफर के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल और संदेशों पर भरोसा नहीं करने की अपील की गई।
NEET समारोह में सम्मान के साथ सुरक्षा का संदेश
द फ्लैश एकेडमी, भिलाई के NEET सम्मान समारोह में सफल विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। इसी मंच का उपयोग दुर्ग पुलिस ने साइबर सुरक्षा का संदेश विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों तक पहुंचाने के लिए किया।
कार्यक्रम में जिला आबकारी अधिकारी दुर्ग अंकुश बनर्जी, सहायक संचालक छत्तीसगढ़ स्टेट ऑडिट चंद्रकांत सोम, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पाटन प्रांशु तिवारी, नगर पुलिस अधीक्षक निशांत पाठक, सुप्रिटेंडेंट सेंट्रल GST आशीष बिस्वास, फाउंडर एवं संपादक भिलाई टाइम्स यशवंत साहू तथा जनरल सेक्रेटरी हिंदू मिलन सेवा समिति भिलाई सुभाष साहा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
द फ्लैश एकेडमी के डायरेक्टर तुहीन मंडल, शिक्षकगण, विद्यार्थी और अभिभावक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर समय गंवाए बिना 1930 पर शिकायत करें और संबंधित पुलिस थाने को भी तत्काल सूचना दें।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर कोई व्यक्ति भयभीत कर पैसे की मांग करे तो राशि ट्रांसफर न करें। OTP, PIN, CVV, पासवर्ड और अन्य बैंकिंग गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
साइबर जागृति अभियान 2026 के तहत 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक लोगों को लगातार साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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