ऑपरेशन विश्वास” के सकारात्मक परिणाम – नाबालिग वाहन चालकों पर प्रभावी नियंत्रण, स्कूलों में व्यापक यातायात जागरूकता एवं पिंक पेट्रोलिंग द्वारा संयुक्त सुरक्षा अभियान जारी

दुर्ग मुख्य बिंदु :
यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग के निर्देशन में जिलेभर में “ऑपरेशन विश्वास” के तहत नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध विशेष प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल वैधानिक कार्यवाही करना नहीं, बल्कि बच्चों एवं उनके अभिभावकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
संक्षिप्त विवरण :
अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन जिले के प्रमुख चौक-चौराहों, विद्यालयों के आसपास एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाते पाए जाने वाले नाबालिगों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। साथ ही उनके अभिभावकों को कंट्रोल रूम बुलाकर मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों, कानूनी दायित्वों एवं सड़क सुरक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जा रही है तथा भविष्य में नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं देने संबंधी संकल्प पत्र भरवाए जा रहे हैं।
यातायात पुलिस के सतत प्रयासों, विद्यालय प्रबंधन एवं अभिभावकों के सहयोग का सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। आज पूरे जिले में केवल 05 नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध कार्यवाही की गई, जबकि विगत 04 दिनों में कुल 94 नाबालिग वाहन चालकों पर वैधानिक कार्यवाही की जा चुकी है।
इसी अवधि में जिले के 16 विद्यालयों में विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें शारदा विद्यालय, मैत्री विद्या निकेतन, बेथनी विद्यालय, मानसरोवर विद्यालय, स्वामी आत्मानंद विद्यालय, फरीद नगर विद्यालय, जनता स्कूल भिलाई-03 सहित अन्य विद्यालयों के लगभग 8000 छात्र-छात्राओं को बिना लाइसेंस वाहन नहीं चलाने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, यातायात संकेतों की जानकारी, नशे की स्थिति में वाहन नहीं चलाने तथा नाबालिग अवस्था में वाहन चलाने के दुष्परिणामों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान सभी विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन एवं सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक रहने की शपथ भी दिलाई गई।
स्कूल परिवहन सुरक्षा एवं छात्रा संरक्षण संयुक्त अभियान :
“ऑपरेशन विश्वास” के अंतर्गत पिंक पेट्रोलिंग एवं यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से विद्यालय परिवहन सुरक्षा अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं, विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना तथा स्कूल परिवहन वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कराना है।
अभियान के दौरान स्कूल बस, ऑटो, वैन, ई-रिक्शा एवं अन्य विद्यालय परिवहन वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीयन, फिटनेस, बीमा, परमिट एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने, बच्चों को असुरक्षित तरीके से ले जाने, चालक द्वारा मोबाइल फोन का उपयोग करने, नशे की अवस्था में वाहन संचालन अथवा अन्य गंभीर लापरवाही पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
साथ ही छात्राओं एवं विद्यार्थियों से सुरक्षित एवं गोपनीय वातावरण में संवाद स्थापित कर किसी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न अथवा अभद्र व्यवहार संबंधी शिकायतों की जानकारी प्राप्त की जा रही है तथा प्राप्त शिकायतों पर तत्काल नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। विद्यालय प्रबंधन को सुरक्षित परिवहन व्यवस्था, चालक एवं परिचालकों की नियमित निगरानी तथा अभिभावकों के साथ सतत समन्वय बनाए रखने हेतु आवश्यक निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
सराहनीय कार्य :
उक्त अभियान के सफल संचालन में यातायात पुलिस दुर्ग, पिंक पेट्रोलिंग टीम, संबंधित यातायात जोन के अधिकारी एवं कर्मचारी, विद्यालय प्रबंधन तथा सभी सहभागी शिक्षकों एवं अभिभावकों की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस समस्त अभिभावकों से अपील करती है कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन चलाने के लिए उपलब्ध न कराएं। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन संचालन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों एवं अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के जीवन के लिए गंभीर जोखिम भी उत्पन्न करता है। यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें एवं दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग प्रदान करें।




