बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में बड़ा कदम, बाल कल्याण परिषद ने 2026-27 के बजट को दी मंजूरी…
बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में कार्यकारिणी की बैठक, पुनर्वास सेवाओं के विस्तार के साथ बुजुर्गों के लिए डे-केयर सेंटर का सुझाव

रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद की राज्य कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रायपुर सांसद एवं परिषद के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल ने की।

बैठक में परिषद के विभिन्न कार्यों, संस्थाओं की व्यवस्थाओं, वित्तीय स्थिति और आगामी योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान बच्चों के कल्याण और पुनर्वास से जुड़े कार्यों को और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देने पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बाल कल्याण परिषद केवल एक संस्था नहीं है, बल्कि विशेष और जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित भविष्य तथा सम्मानजनक जीवन देने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि परिषद से जुड़ी संस्थाओं में बच्चों को बेहतर वातावरण, शिक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने बच्चों के पुनर्वास से जुड़ी गतिविधियों को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई। साथ ही संस्थाओं में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया।
सामाजिक सरोकारों का दायरा बढ़ाने का सुझाव
बैठक के दौरान परिषद के कार्यक्षेत्र को और व्यापक बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। इसी क्रम में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए एक ‘डे-केयर सेंटर’ शुरू करने का सुझाव दिया गया।
प्रस्तावित डे-केयर सेंटर के माध्यम से बुजुर्गों को दिन के समय आवश्यक सुविधाएं और सामाजिक जुड़ाव उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकता है।
इस पहल को परिषद के सामाजिक सरोकारों के विस्तार से जोड़कर देखा गया। इससे बच्चों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के क्षेत्र में भी परिषद की भूमिका बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया जा सकेगा।
ऑडिट रिपोर्ट को मिली मंजूरी
कार्यकारिणी समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। सदस्यों ने रिपोर्ट पर चर्चा के बाद इसे अनुमोदित किया।

वहीं आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुमानित बजट पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के बाद बजट को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में परिषद की आगामी गतिविधियों और विभिन्न संस्थाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वित्तीय प्रावधानों की समीक्षा की गई।
वार्षिक आमसभा की तैयारी पर चर्चा
परिषद की आगामी वार्षिक आमसभा यानी AGM के आयोजन को लेकर भी निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि दीपावली के बाद वार्षिक आमसभा आयोजित की जाएगी।
AGM की तिथि और समय निर्धारित करने का अधिकार परिषद के महासचिव को सौंपा गया है।
रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती
परिषद के विभिन्न प्रकल्पों में रिक्त पदों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक में संस्थाओं के संचालन में मानव संसाधन की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
रिक्त पदों को भरने के लिए नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर सहमति बनी। इससे परिषद द्वारा संचालित संस्थाओं के कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
निर्माण कार्यों और अनुदान प्रस्तावों की समीक्षा
बैठक में सांसद एवं विधायक निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। संबंधित कार्यों की प्रगति और आवश्यक प्रक्रियाओं पर चर्चा हुई।
इसके साथ ही मिशन वात्सल्य के अंतर्गत ‘खुला आश्रय बालक गृह’ के अनुदान प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
परिषद के विभिन्न प्रकल्पों से जुड़े प्रस्तावों की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
स्पीच थेरेपी और प्रशिक्षण केंद्र पर भी चर्चा
बैठक में वाणी वाचन एवं बहु-प्रशिक्षण केंद्र के संचालन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। केंद्र के माध्यम से बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था की प्रगति की जानकारी ली गई।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से CSR मद के तहत मिलने वाले सहयोग के प्रस्ताव की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
CSR के माध्यम से मिलने वाले सहयोग से परिषद की विभिन्न गतिविधियों और संस्थागत व्यवस्थाओं को और मजबूती मिलने की संभावना पर भी चर्चा हुई।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के बालगृहों की जानकारी
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जेजे एक्ट के अंतर्गत संचालित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के बालगृहों की कार्यप्रणाली का प्रतिवेदन भी बैठक में प्रस्तुत किया गया।
इनमें बालक एवं बालिका के लिए संचालित बालगृहों की व्यवस्थाओं की जानकारी सदस्यों के समक्ष रखी गई।
इसके अलावा कोंडागांव स्थित बालिका बालगृह की कार्यप्रणाली से संबंधित जानकारी भी बैठक में साझा की गई। सदस्यों ने संस्थाओं में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
‘शिक्षा का मंदिर’ का किया निरीक्षण
कार्यकारिणी बैठक के बाद परिषद अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल ने ‘शिक्षा का मंदिर’ का स्थलीय निरीक्षण किया।
उन्होंने वहां संचालित गतिविधियों की जानकारी ली और बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को देखा। इस दौरान संबंधित पदाधिकारियों से संस्थान की व्यवस्थाओं और बच्चों की प्रगति के बारे में जानकारी ली गई।
स्पीच थेरेपी सेंटर में बच्चों की प्रगति जानी
इसके बाद बृजमोहन अग्रवाल ने ‘स्पीच थेरेपी सेंटर’ का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां थेरेपी ले रहे बच्चों की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने बच्चों को दी जा रही थेरेपी और अन्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को समझा। बच्चों के विकास और पुनर्वास के लिए किए जा रहे परिषद के प्रयासों की उन्होंने सराहना की।
सेवा कार्यों को और प्रभावी बनाने पर जोर
पूरी बैठक के दौरान बच्चों की देखभाल, शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान रहा।
परिषद के विभिन्न संस्थानों की आवश्यकताओं, वित्तीय प्रबंधन और मानव संसाधन से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में लिए गए निर्णयों के माध्यम से परिषद की संस्थाओं में व्यवस्थाओं को और मजबूत करने तथा जरूरतमंद बच्चों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया गया।
ये पदाधिकारी रहे उपस्थित
बैठक का संचालन परिषद के महासचिव चंद्रेश शाह ने किया। संयुक्त सचिव राजेन्द्र कुमार निगम ने आभार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर परिषद की उपाध्यक्ष डॉ. कमल वर्मा, कोषाध्यक्ष इंदिरा जैन, संयुक्त सचिव प्रकाश अग्रवाल, भूपेंद्र कोटडिया, महासमुंद से कार्यकारिणी सदस्य विश्वनाथ पाणिग्रही, हर्षा जोशी, सुनीता चंसोरिया, हरजीत जुनेजा और संगीता शर्मा मौजूद रहीं।
इसके अलावा परिषद द्वारा संचालित सभी संस्थाओं के अधीक्षक और प्रमुख पदाधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।
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