
दुर्ग/ठाणे। म्यूल बैंक खातों के दुरुपयोग और संदिग्ध ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन की जांच के दौरान दुर्ग पुलिस ने महाराष्ट्र के ठाणे में संचालित ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग नेटवर्क का खुलासा किया है। थाना वैशाली नगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ठाणे स्थित एक किराए के फ्लैट में दबिश देकर दो अलग-अलग ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनलों का संचालन कर रहे 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में इन पैनलों के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन किए जाने की जानकारी सामने आई है।
म्यूल बैंक खातों की जांच से मिला सुराग
दुर्ग पुलिस द्वारा साइबर अपराध, म्यूल बैंक खातों के दुरुपयोग और ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना वैशाली नगर में दर्ज अपराध क्रमांक 370/2026 की विवेचना के दौरान संदिग्ध बैंक खातों और ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन की जांच की गई।
प्रकरण में धारा 317(2), 317(4), 112, 3(5) बीएनएस एवं छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 4, 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जांच के दौरान मिले तकनीकी और अन्य साक्ष्यों से पता चला कि दुर्ग-भिलाई और धमतरी क्षेत्र के कुछ युवक महाराष्ट्र के ठाणे में किराए का फ्लैट लेकर ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनलों का संचालन कर रहे थे।
शिफ्ट में चलाए जा रहे थे दो पैनल
पुलिस के मुताबिक, ठाणे स्थित फ्लैट में दो अलग-अलग ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनल संचालित किए जा रहे थे। इनका संचालन शिफ्ट के आधार पर किया जाता था।
आरोपी ऑनलाइन माध्यम से आपस में समन्वय करते थे और सट्टा गतिविधियों से जुड़े दैनिक लेन-देन का हिसाब-किताब भी डिजिटल माध्यम से रखा जाता था।
बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण बरामद
पुलिस टीम ने कार्रवाई के दौरान मौके से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए। बरामद सामग्री में—
- 04 लैपटॉप
- 31 मोबाइल फोन
- 12 एटीएम कार्ड
- 02 पैन कार्ड
- 02 बैंक पासबुक
- 01 वाई-फाई/इंटरनेट उपकरण
- पेन ड्राइव, पावर बैंक, चार्जर और विभिन्न केबल
- नगदी राशि एवं अन्य डिजिटल/तकनीकी सामग्री
शामिल हैं।
डिजिटल फॉरेंसिक जांच से खुलेगा नेटवर्क का दायरा
पुलिस द्वारा जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों का तकनीकी परीक्षण और डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराया जा रहा है। जांच के जरिए ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों, बैंक खातों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की कड़ियों का पता लगाया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए ऑनलाइन सट्टा गतिविधियों से संबंधित राशि के लेन-देन के संकेत मिले हैं। पुलिस आगे की जांच में इन वित्तीय लेन-देन का विस्तृत विश्लेषण कर रही है।
इस तरह संचालित होता था नेटवर्क
जांच में सामने आए तरीके के अनुसार आरोपियों ने महाराष्ट्र के ठाणे में किराए का फ्लैट लिया था। इसी स्थान से दो ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनलों का संचालन किया जा रहा था।
पैनलों को अलग-अलग शिफ्ट में चलाया जाता था। विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए सट्टा संबंधी राशि का लेन-देन किया जाता था तथा दैनिक हिसाब ऑनलाइन माध्यम से दर्ज किया जाता था।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
पुलिस ने मामले में निम्न 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
- विष्णु तिवारी, उम्र 19 वर्ष, निवासी केम्प-1 शांति पारा, बैकुंठ धाम, गवर्नमेंट हॉस्पिटल के पास, भिलाई।
- अंकित निषाद, उम्र 23 वर्ष, निवासी सुभाष नगर, रत्नाबांधा रोड, मधु मेडिकल के सामने, धमतरी।
- नितेश कुमार, उम्र 24 वर्ष, निवासी हटकेसर बस्ती, पानी टंकी के पास, धमतरी।
- नरेश कन्हाई, उम्र 24 वर्ष, निवासी बालाजी नगर, चौक के पास, खुर्सीपार, भिलाई।
- दीपक कश्यप, उम्र 27 वर्ष, निवासी गगरेल गांव, जिला धमतरी।
- मेहुल निषाद, उम्र 23 वर्ष, निवासी सुभाष नगर, हाउसिंग बोर्ड, धमतरी।
- हर्ष वर्धन निषाद, उम्र 19 वर्ष, निवासी अर्शीगांव, लिटिया सेमरिया, थाना बोरी।
- संतोष राम, उम्र 28 वर्ष, निवासी शंकरपुर, जिला मधुबनी, बिहार।
- भुवन लाल देवांगन, उम्र 28 वर्ष, निवासी अन्नपूर्णा पारा, मुक्तिधाम के पास, कांकेर।
- चेतन ध्रुव, उम्र 27 वर्ष, निवासी सुभाष नगर, पुराना नाका, धमतरी।
ठाणे के किराए के फ्लैट से मिली गतिविधियों की कड़ी
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई का केंद्र महाराष्ट्र के ठाणे जिला क्षेत्र स्थित किराए का फ्लैट रहा, जहां से दोनों ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनल संचालित किए जा रहे थे।
संदिग्ध बैंक खातों से मिले वित्तीय और तकनीकी सुरागों का विश्लेषण करते हुए दुर्ग पुलिस टीम ने अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई की और ठाणे तक पहुंच बनाई।
संयुक्त टीम की अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना वैशाली नगर और एसीसीयू, दुर्ग की संयुक्त पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने संदिग्ध बैंक खातों से प्राप्त वित्तीय जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
इसके बाद ठाणे में दबिश देकर ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनलों के संचालन का खुलासा किया गया और मौके से 10 आरोपियों को पकड़ा गया।
बैंक खाता उपलब्ध कराने से बचें
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड, यूपीआई या अन्य बैंकिंग साधन किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध न कराएं।
पुलिस ने चेताया है कि कमीशन या आर्थिक लालच के कारण अपना बैंक खाता उपलब्ध कराना गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना पुलिस को दें
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग अथवा किसी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
मामले में गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई जारी है। जब्त डिजिटल उपकरणों और वित्तीय लेन-देन की जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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