दुर्ग में सड़क निर्माण की जांच में खुली पोल, 6 इंच की जगह 2.5–3 इंच सीसी रोड मिलने पर महापौर सख्त…
गया नगर में औचक निरीक्षण के दौरान मानकों की अनदेखी सामने आई, ठेकेदार को गुणवत्ता सुधारने की हिदायत

दुर्ग । नगर पालिक निगम दुर्ग क्षेत्र में चल रहे सीमेंटीकरण सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर महापौर अलका बाघमार ने सख्त रुख अपनाया है। क्षेत्रवासियों से मिली शिकायत के बाद महापौर ने गया नगर वार्ड क्रमांक 5 के महर्षि स्कूल लाइन क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान महापौर ने सड़क की मोटाई, निर्माण प्रक्रिया और मौके पर किए जा रहे अन्य कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप काम नहीं होने की स्थिति सामने आई।
6 इंच की जगह महज 2.5 से 3 इंच मोटाई
मौके पर निर्माणाधीन सीसी सड़क की मोटाई की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि सड़क का निर्माण निर्धारित मापदंड के अनुसार 6 इंच मोटाई में किया जाना था, जबकि मौके पर लगभग 2.5 से 3 इंच तक ही निर्माण पाया गया।

सड़क के दोनों ओर निर्धारित चैनल का भी समुचित निर्माण नहीं किया जा रहा था। निर्माण कार्य में सामने आई इन अनियमितताओं पर महापौर ने मौके पर ही नाराजगी जताई और संबंधित ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई।
गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की चेतावनी
महापौर अलका बाघमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नगर निगम के विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मापदंड, तकनीकी स्वीकृति और गुणवत्तापूर्ण सामग्री के अनुरूप ही कराए जाने चाहिए।
महापौर ने कहा कि सड़क निर्माण का उद्देश्य केवल काम पूरा करना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत और टिकाऊ निर्माण सुनिश्चित करना है, जिसका लाभ नागरिकों को लंबे समय तक मिल सके।
तकनीकी मानकों के अनुसार ही होगा आगे का काम
महापौर ने मौके पर मौजूद निगम अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी मापदंडों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने निर्माणाधीन सड़क को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप मजबूत और बेहतर बनाने तथा गुणवत्ता की जांच के बाद ही आगे का कार्य कराने के निर्देश दिए।
जनता के पैसों से होने वाले काम में पारदर्शिता जरूरी
महापौर ने कहा कि नगर निगम द्वारा कराए जा रहे विकास कार्य जनता के पैसों से होते हैं। ऐसे में नागरिकों को उनके धन का उपयोग गुणवत्तापूर्ण निर्माण के रूप में मिलना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्माण एजेंसी के काम पर लगातार नजर रखने और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने को कहा।
लोक कर्म प्रभारी ने भी दिए निगरानी के निर्देश
लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर ने कहा कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्माण स्थल पर लगातार निगरानी रखने तथा ठेकेदार से निर्धारित मापदंडों के अनुसार ही कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान ये रहे मौजूद
औचक निरीक्षण के दौरान महापौर के साथ लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर, जल कार्य प्रभारी लीना दिनेश देवांगन, पार्षद रंजीता पाटिल और कार्यपालन अभियंता मो. सलीम सिद्दीकी मौजूद रहे।
इसके अलावा निगम के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि भी मौके पर उपस्थित थे।
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