दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई – बिहार से संचालित ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, 03 आरोपी गिरफ्तार…

दुर्ग संक्षिप्त विवरण :
ऑनलाइन सट्टा, साइबर अपराध एवं म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना खुर्सीपार में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 236/2026 में धारा 318(3), 318(4), 319 भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 7 के अंतर्गत विवेचना की जा रही थी।
प्रकरण में पूर्व में ऑनलाइन सट्टा एवं म्यूल बैंक खातों से जुड़े कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी थी। विवेचना के दौरान प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण, मोबाइल डेटा, डिजिटल ट्रेल एवं गोपनीय सूचना के आधार पर गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश की जा रही थी।
इसी क्रम में गठित विशेष पुलिस टीम को बिहार राज्य के पटना रवाना किया गया। तकनीकी निगरानी एवं स्थानीय स्तर पर सतत सूचना संकलन के आधार पर पुलिस टीम ने पटना स्थित नारायण प्लाजा अपार्टमेंट में कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा एक विधि-विरुद्ध बालक को विधिक प्रावधानों के अनुसार अभिरक्षा में लिया।
पूछताछ एवं प्रारंभिक तकनीकी जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी किराये के मकान में रहकर ऑनलाइन सट्टा संचालन कर रहे थे तथा विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग एवं बेटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को जोड़कर अवैध सट्टा संचालित करते थे।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका) :
आरोपी संगठित तरीके से ऑनलाइन गेमिंग एवं बेटिंग प्लेटफॉर्म जैसे लूडो, कैसीनो, एविएटर (Aviator), फुटबॉल बेटिंग सहित अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आईडी उपलब्ध कराकर लोगों से दांव लगवाते थे। हार-जीत की राशि का लेन-देन विभिन्न नेट बैंकिंग, यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग एवं म्यूल बैंक खातों के माध्यम से कराया जाता था। आरोपी लगातार बैंक खाते बदलते हुए डिजिटल माध्यम से लेन-देन कर अवैध कमाई करते थे ताकि वित्तीय ट्रांजेक्शन को छिपाया जा सके।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह द्वारा प्रतिदिन लगभग ₹12 से ₹15 लाख का ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जाता था तथा प्रतिमाह लगभग ₹4 से ₹5 करोड़ का ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन किया जाता था। जब्त डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विस्तृत फॉरेंसिक एवं तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।
घटना स्थल :
पटना, बिहार स्थित नारायण प्लाजा अपार्टमेंट (किराये का आवास), जहां से ऑनलाइन सट्टा संचालन किया जा रहा था।
आरोपी का नाम :
1. आफताब अहमद, उम्र 24 वर्ष, निवासी अहमदनगर कैंप-2, रजा जामा मस्जिद के पास, थाना छावनी, भिलाई, जिला दुर्ग।
2. दानिश खान, उम्र 24 वर्ष, निवासी कैंप-1, थाना वैशाली नगर, भिलाई, जिला दुर्ग।
3. एक विधि-विरुद्ध बालक को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अभिरक्षा में लिया गया।
जप्त सामग्री :
1. 14 नग मोबाइल फोन
2. 14 नग एटीएम कार्ड
3. 11 बैंक पासबुक
4. ऑनलाइन सट्टा संचालन में प्रयुक्त अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी सामग्री
सराहनीय कार्य :
उक्त कार्रवाई में थाना खुर्सीपार पुलिस की विशेष टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन, अंतर्राज्यीय समन्वय एवं सतत विवेचना के माध्यम से आरोपियों की पहचान कर बिहार राज्य में सफल कार्रवाई की गई। प्रकरण में थाना खुर्सीपार की विवेचना टीम एवं साइबर तकनीकी सहयोगी टीम की सराहनीय भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन सट्टा, अवैध बेटिंग अथवा साइबर अपराध से दूर रहें। अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड या मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु उपलब्ध न कराएं। किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन सट्टा, साइबर धोखाधड़ी या अवैध वित्तीय गतिविधि की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें। ऐसे अपराधों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




