
सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र ने तकनीकी आत्मनिर्भरता एवं परिचालन उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए सिंटर प्लांट-3 की 8.4 मेगावाट एचटी सिंक्रोनस वेस्ट गैस फैन मोटर का लेवल-4 (एल-4) अनुरक्षण पहली बार पूर्णतः अपने आंतरिक संसाधनों (इन-हाउस) से सफलतापूर्वक संपन्न किया है। बाहरी एजेंसी से यह कार्य कराए जाने पर इसकी अनुमानित लागत 55 लाख रुपये से अधिक थी, जबकि इन-हाउस निष्पादन के माध्यम से संयंत्र ने उल्लेखनीय लागत बचत के साथ अपनी तकनीकी दक्षता का परिचय दिया।
इस परियोजना के अंतर्गत मोटर के अनुरक्षण में क्रायोजेनिक क्लीनिंग तकनीक का उपयोग किया गया तथा अनुरक्षण कार्य को अधिक प्रभावी एवं सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक विशेष उपकरण (स्पेशलाइज्ड मेंटेनेंस टैकल्स) भी संयंत्र स्तर पर ही विकसित किए गए। इन नवाचारों से मोटर की कार्यक्षमता, विश्वसनीयता एवं सेवा आयु में उल्लेखनीय वृद्धि होने की अपेक्षा है।
अनुरक्षित एवं पुनर्स्थापित मोटर का लोकार्पण मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) बी. के. बेहरा द्वारा किया गया। इस परियोजना की परिकल्पना एवं मार्गदर्शन मुख्य महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल) टी. के. कृष्ण कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी एवं सिंटर प्लांट-3) सजीव वर्गीज, महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट-3) राहुल बिजुरकर तथा महाप्रबंधक (एचएमई) ए. के. डे के नेतृत्व में किया गया। इस कार्य में मुख्य महाप्रबंधक (प्लेट मिल) कार्तिकेय बेहरा का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
इस अनुरक्षण कार्य के सफल निष्पादन में सिंटर प्लांट-3 की टीम से भदेओ टुडू, विवेक श्रीवास्तव, दीपक गुप्ता, राजेश साहू, एस. सी. साहू तथा अरुणेश शर्मा का उल्लेखनीय योगदान रहा। वहीं एचएमई की ओर से संतोष कुमार साहू, नरेंद्र राव एवं अतुल भड़े, ईआरएस से पी. के. पाढ़ी एवं के. बघेल तथा ए एंड डी से यू. एस. बरवाल एवं धीरेंद्र ने इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे



