आईआईटी भिलाई के छठे दीक्षांत समारोह में 313 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां…
अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में संस्थान की प्रगति, ₹187 करोड़ पहुंचा आरएंडडी बजट; छत्तीसगढ़ के पहले आईटी पार्क की स्थापना को बताया बड़ी उपलब्धि

भिलाई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई में 24 अक्टूबर 2026 को संस्थान परिसर स्थित नालंदा हॉल में छठे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में 313 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर नीति आयोग के पूर्व सदस्य, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग (DDR&D) के पूर्व सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के पूर्व महानिदेशक तथा भारत सरकार के रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार रहे डॉ. विजय कुमार सारस्वत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता आईआईटी भिलाई के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र कुमार विजय ने की।


अकादमिक शोभायात्रा के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ
दीक्षांत समारोह की शुरुआत अकादमिक शोभायात्रा के साथ हुई। आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने स्वागत भाषण दिया और संस्थान की वार्षिक उपलब्धियों पर आधारित निदेशक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बीते वर्ष के दौरान संस्थान में हुए विकास कार्यों, अनुसंधान गतिविधियों और नवाचार से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी।

निदेशक ने कहा कि आईआईटी भिलाई को छत्तीसगढ़ का पहला आईटी पार्क स्थापित करने की उपलब्धि पर गर्व है। यह आईटी पार्क छत्तीसगढ़ सरकार और आईआईटी भिलाई की संयुक्त पहल के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा सिविल लाइंस में आईटी पार्क के उद्घाटन का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य राज्य में प्रौद्योगिकी, नवाचार, उद्यमिता, अनुसंधान और रोजगार सृजन के लिए विश्वस्तरीय इकोसिस्टम विकसित करना है।
अनुसंधान एवं विकास बजट बढ़कर ₹187 करोड़ पहुंचा
निदेशक की रिपोर्ट में आईआईटी भिलाई की अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों में हुई प्रगति पर भी प्रकाश डाला गया। संस्थान में वर्तमान में 191 परियोजनाएं संचालित हैं, जबकि अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) बजट बढ़कर ₹187 करोड़ हो गया है।

यह प्रगति संस्थान में अनुसंधान गतिविधियों के विस्तार और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों को दर्शाती है। संस्थान विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से प्रौद्योगिकी विकास और शोध के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा है।
प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ समझौते
अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में आईआईटी भिलाई ने पिछले वर्ष कई प्रतिष्ठित विदेशी संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। इनमें IMT नॉर्ड यूरोप, इकोल सेंट्राल डी नांत और ग्राज़ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय शामिल हैं।
इन समझौतों के माध्यम से संस्थान ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग और अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी भागीदारी को आगे बढ़ाया है।
एआई आधारित विद्या समीक्षा केंद्र का भी उल्लेख
निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) का भी उल्लेख किया। इसे आईआईटी भिलाई टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फाउंडेशन (IBITF) ने छत्तीसगढ़ सरकार की समग्र शिक्षा पहल के सहयोग से विकसित किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, 30 मार्च 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस विद्या समीक्षा केंद्र को राज्य को समर्पित किया गया था। यह पहल शिक्षा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकी समाधानों के उपयोग से जुड़ी है।
तकनीकी शिक्षा, नवाचार और रोजगार सृजन पर जोर
आईआईटी भिलाई की ओर से प्रस्तुत उपलब्धियों में आईटी पार्क की स्थापना, अनुसंधान परियोजनाओं का संचालन, आरएंडडी बजट में वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग प्रमुख रहे। संस्थान का लक्ष्य छत्तीसगढ़ में तकनीकी विकास, उद्यमिता और रोजगार सृजन के अवसरों को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत इकोसिस्टम विकसित करना है।
छठे दीक्षांत समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। साथ ही संस्थान की अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की दिशा भी सामने आई।
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