भिलाई इस्पात संयंत्र में सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आगाज, सत्यनिष्ठा से समृद्धि का दिया संदेश…
क्रय प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक मूल्यों पर जोर, अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली सत्यनिष्ठा की शपथ

भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 का शुभारंभ 26 अक्टूबर को मानव संसाधन–ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग में किया गया। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के निर्देशानुसार 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक आयोजित इस सप्ताह की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ रखी गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ संगठनात्मक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करना है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) ए. के. चक्रवर्ती ने सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्ज्वलित कर सप्ताह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारी, महाप्रबंधक, अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सत्यनिष्ठा और नैतिक कार्यसंस्कृति पर जोर
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य महाप्रबंधक (सतर्कता) एवं एसीवीओ सुनील सिंगल ने अतिथियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर के उपलक्ष्य में सतर्कता जागरूकता सप्ताह आयोजित किया जाता है। इसका प्रमुख उद्देश्य भ्रष्टाचार के प्रति लोगों को जागरूक करना और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि संगठन में सत्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों पर आधारित कार्यसंस्कृति विकसित करने के लिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। भ्रष्टाचार की रोकथाम और ईमानदारीपूर्ण कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने के लिए सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करना चाहिए।
क्रय प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी
मुख्य अतिथि ए. के. चक्रवर्ती ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक विकास के साथ भ्रष्टाचार के विरुद्ध सामूहिक प्रयास भी जरूरी हैं। उन्होंने क्रय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, निविदा प्रक्रिया में निष्पक्षता और निर्धारित नियमों के पालन को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों और सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) के उपयोग से क्रय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है। इससे सभी पात्र प्रतिभागियों को समान अवसर उपलब्ध कराने और अनियमितताओं की संभावनाओं को कम करने में मदद मिलती है।
चक्रवर्ती ने भ्रष्टाचार को देश की प्रगति में बाधक बताते हुए कहा कि इसके उन्मूलन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को ईमानदारी, नैतिक मूल्यों और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने कार्यक्षेत्र में पारदर्शी और निष्पक्ष कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
सतर्कता सभी की सामूहिक जिम्मेदारी
मुख्य अतिथि ने कहा कि सतर्कता केवल सतर्कता विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि संगठन के प्रत्येक सदस्य का सामूहिक दायित्व है। भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए सभी को सजग रहना चाहिए और अपने कार्यों में नियमों एवं नैतिक मानकों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र के सतर्कता विभाग द्वारा प्रिवेंटिव विजिलेंस यानी निवारक सतर्कता की संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
विद्यार्थियों ने थीम पर रखे विचार
कार्यक्रम में छात्रा कुमारी रोहिणी कुंभकार, कक्षा 10वीं, एसएसएस-10 तथा कुमारी संजना साव, कक्षा 12वीं, भिलाई विद्यालय सेक्टर-2 ने इस वर्ष की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की सहभागिता के माध्यम से ईमानदारी, नैतिकता और भ्रष्टाचारमुक्त कार्यसंस्कृति के महत्व को रेखांकित किया गया।

अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली सत्यनिष्ठा की शपथ
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य प्रतिभागियों ने सत्यनिष्ठा की शपथ ली। कार्यक्रम का संचालन उप महाप्रबंधक (सतर्कता) अंशुमन सिंह ने किया, जबकि अंत में महाप्रबंधक (सतर्कता) संदीप गुप्ता ने आभार व्यक्त किया।

भिलाई इस्पात संयंत्र में 1 नवंबर तक चलने वाले सतर्कता जागरूकता सप्ताह के माध्यम से ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की भावना को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है।
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