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राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रखा छत्तीसगढ़ को भारत की ऊर्जा सुरक्षा एवं भविष्य की क्रिटिकल मिनरल अर्थव्यवस्था का अग्रणी राज्य बनाने का विजन

प्रमुख सुर्खियाँ

• बृजमोहन अग्रवाल द्वारा प्रमुखता से उठाए गए विषयों पर केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अनेक सांसदों की उपस्थिति में अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

• सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को भारत की ऊर्जा सुरक्षा तथा भविष्य की क्रिटिकल मिनरल अर्थव्यवस्था का अग्रणी राज्य बनाने का दूरदर्शी विजन प्रस्तुत किया।

• छत्तीसगढ़ में Critical Mineral Processing Park, Centre of Excellence, अनुसंधान एवं विकास (R&D), खनिज प्रसंस्करण (Processing), पुनर्चक्रण (Recycling), मूल्य संवर्धन (Value Addition), कौशल विकास (Skill Development) तथा खनिज आधारित उद्योगों के विकास की सशक्त पैरवी की।

• लिथियम, टिन, रेयर अर्थ तत्व (REE), ग्रेफाइट, कोबाल्ट, निकेल, टंगस्टन, मोलिब्डेनम, नाइओबियम, वैनेडियम, टाइटेनियम, जिरकोनियम, बेरिलियम, गैलियम, इंडियम, टैंटलम, टेल्यूरियम, सेलेनियम, प्लैटिनम समूह के तत्व (PGM), फॉस्फेट, पोटाश सहित अन्य महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण, खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान, निवेश एवं मूल्य संवर्धन को गति देने पर जोर दिया।

• कोरबा सहित संभावित क्षेत्रों में लिथियम, टिन, रेयर अर्थ तत्व (REE), ग्रेफाइट, हीरा एवं अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के विस्तृत अन्वेषण, अधिक खनन योग्य ब्लॉकों की पहचान, GSI, MECL, NMET एवं IBM की भूमिका सुदृढ़ करने, जिला-स्तरीय खनिज डाटाबेस विकसित करने तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार आधारित खनिज इकोसिस्टम विकसित करने की प्रभावी पैरवी की।

नई दिल्ली। संसद की कोयला एवं खान मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने वाणिज्यिक कोयला खनन सुधार एवं राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन (NCMM) पर चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ के दीर्घकालिक हितों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषय प्रमुखता से उठाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ केवल देश की ऊर्जा सुरक्षा का आधार ही नहीं, बल्कि भविष्य की क्रिटिकल मिनरल आधारित औद्योगिक अर्थव्यवस्था का भी सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बनने की क्षमता रखता है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में क्रिटिकल मिनरल्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होने जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, सेमीकंडक्टर, रक्षा, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा तथा आधुनिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा का वैज्ञानिक एवं दीर्घकालिक दृष्टिकोण से उपयोग किया जाना आवश्यक है।

बैठक में श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में Critical Mineral Processing Park की स्थापना, Centre of Excellence के विकास, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने, आधुनिक खनिज प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण, मूल्य संवर्धन, कौशल विकास तथा खनिज आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता पर विस्तार से अपने सुझाव रखे।

उन्होंने लिथियम, टिन, रेयर अर्थ तत्व (REE), ग्रेफाइट, कोबाल्ट, निकेल, टंगस्टन, मोलिब्डेनम, नाइओबियम, वैनेडियम, टाइटेनियम, जिरकोनियम, बेरिलियम, गैलियम, इंडियम, टैंटलम, टेल्यूरियम, सेलेनियम, प्लैटिनम समूह के तत्व (PGM), फॉस्फेट, पोटाश तथा अन्य महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण, निवेश, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत की भविष्य की औद्योगिक प्रगति में इन खनिजों की निर्णायक भूमिका होगी और छत्तीसगढ़ इस परिवर्तन का नेतृत्व कर सकता है।

श्री अग्रवाल ने विशेष रूप से कोरबा सहित संभावित क्षेत्रों में लिथियम के विस्तृत अन्वेषण, टिन, रेयर अर्थ तत्व, ग्रेफाइट, हीरा तथा अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के लिए अधिक खनन योग्य ब्लॉकों की पहचान, GSI, MECL, NMET तथा भारतीय खान ब्यूरो (IBM) की भूमिका को और सुदृढ़ करने, जिला-स्तरीय खनिज डाटाबेस तैयार करने तथा तकनीक आधारित पारदर्शी खनन व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास एवं खनिज आधारित उद्योगों के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करने पर भी विशेष जोर दिया।

बैठक के दौरान बृजमोहन अग्रवाल द्वारा उठाए गए विषयों पर केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा छत्तीसगढ़ से जुड़े विषयों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

उल्लेखनीय है कि बृजमोहन अग्रवाल इससे पूर्व भी लोकसभा में राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन, महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिजों, उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) तथा छत्तीसगढ़ की भूमिका से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठा चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने छत्तीसगढ़ में क्रिटिकल मिनरल्स पर Centre of Excellence की स्थापना तथा राज्य को राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल इकोसिस्टम में अग्रणी स्थान दिलाने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष लगातार पहल की है।

श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा—

“छत्तीसगढ़ के पास वर्तमान की ऊर्जा शक्ति भी है और भविष्य की क्रिटिकल मिनरल शक्ति भी। हमारा लक्ष्य केवल खनिजों का उत्खनन नहीं, बल्कि अनुसंधान, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, निवेश, आधुनिक तकनीक और रोजगार का ऐसा सशक्त इकोसिस्टम विकसित करना है, जिससे छत्तीसगढ़ भारत की नई औद्योगिक अर्थव्यवस्था का अग्रणी राज्य बने।”**

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