दुर्ग

ई-मेल से प्राप्त शिकायत पर BNSS के तहत ऑनलाइन एफआईआर दर्ज, नए आपराधिक कानून का प्रभावी क्रियान्वयन

दुर्ग भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत थाना पदमनाभपुर पुलिस द्वारा ई-मेल के माध्यम से प्राप्त शिकायत पर त्वरित एवं विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की गई।*

▪️ *BNSS की धारा 173 (2)के अनुसार किसी भी संज्ञेय अपराध की सूचना ई-मेल, ऑनलाइन पोर्टल अथवा अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्राप्त होने पर उसे विधिवत दर्ज किया जा सकता है तथा शिकायतकर्ता द्वारा तीन दिवस के भीतर थाना उपस्थित होकर हस्ताक्षर करने के उपरांत एफआईआर को औपचारिक रूप से रिकॉर्ड पर लिया जाता है।*

▪️ *ई-मेल से प्राप्त शिकायत पर धारा 173(2) BNSS के अंतर्गत शिकायत पंजी में प्रविष्टि की गई तथा शिकायतकर्ता के थाना उपस्थित होकर हस्ताक्षर करने के पश्चात अपराध क्रमांक 412/2026 अंतर्गत धारा 85 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत विधिवत एफआईआर पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।*

▪️ *नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत दुर्ग पुलिस नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।*

संक्षिप्त विवरण :

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत थाना पदमनाभपुर पुलिस द्वारा ई-मेल के माध्यम से प्राप्त शिकायत प्राप्त होने पर विधिसम्मत कार्रवाई की गई। BNSS की धारा 173 (2)के प्रावधानों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्राप्त संज्ञेय अपराध की सूचना को विधिवत दर्ज करने की प्रक्रिया अपनाई गई। शिकायत प्राप्त होने पर धारा 173(2)( BNSS के तहत शिकायत पंजी में प्रविष्टि की गई तथा शिकायतकर्ता को तीन दिवस के भीतर थाना उपस्थित होकर शिकायत पर हस्ताक्षर करने हेतु सूचित किया गया।

शिकायतकर्ता द्वारा थाना उपस्थित होकर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने एवं हस्ताक्षर किए जाने के उपरांत अपराध क्रमांक 412/2026 अंतर्गत धारा 85 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत विधिवत एफआईआर पंजीबद्ध कर प्रकरण की विवेचना प्रारंभ की गई।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) में प्रारंभिक जांच (Preliminary Inquiry) का भी महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में, जिनमें 3 से 7 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है, उप पुलिस अधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारी की अनुमति से एफआईआर दर्ज करने से पूर्व अधिकतम 14 दिवस के भीतर प्रारंभिक जांच की जा सकती है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है अथवा नहीं।

सराहनीय भूमिका :

उक्त कार्यवाही में थाना पदमनाभपुर के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों का पालन करते हुए त्वरित एवं विधिसम्मत कार्रवाई की गई।

दुर्ग पुलिस की अपील :

दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी संज्ञेय अपराध की सूचना ई-मेल अथवा अन्य अधिकृत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी उपलब्ध करा सकते हैं। नए आपराधिक कानूनों के तहत उपलब्ध डिजिटल सुविधाओं का उपयोग कर नागरिक त्वरित एवं पारदर्शी पुलिस सेवाओं का लाभ उठाएं तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

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