बीएसपी ने ईपीएफओ पोर्टल पर संविदा कार्यादेश अपलोड करने हेतु स्वचालित प्रणाली विकसित की…

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) ने वैधानिक अनुपालन को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पोर्टल पर संविदा कार्यादेश (कांट्रेक्टचुअल वर्क आर्डरस) अपलोड करने के लिए एक स्वचालित (ऑटोमेटेड) प्रणाली विकसित कर सफलतापूर्वक लागू की है। यह प्रणाली ईपीएफओ के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप विकसित की गई है, जिससे वैधानिक प्रक्रियाओं का समयबद्ध एवं त्रुटिरहित अनुपालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
ईपीएफओ के दिशा-निर्देशों के अनुसार भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा जारी सभी संविदा कार्यादेशों को ईपीएफओ पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया को सरल, त्वरित एवं पूर्णतः स्वचालित बनाने के उद्देश्य से वित्त एवं लेखा विभाग द्वारा बॉट आधारित ऑटोमेशन प्रणाली विकसित की गई है, जो संयंत्र की आंतरिक सूचना प्रणाली एवं ईपीएफओ पोर्टल के बीच निर्बाध समन्वय स्थापित कर कार्य करती है।
इस स्वचालित प्रणाली का शुभारंभ कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम एवं कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार ने इस्पात भवन स्थित कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) के सभागार में किया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) राजीव महेंद्रु सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
नई प्रणाली के माध्यम से उपयोगकर्ता को केवल उस अवधि का चयन करना होता है, जिसके कार्यादेश ईपीएफओ पोर्टल पर अपलोड किए जाने हैं। इसके पश्चात यह प्रणाली सी एंड आईटी द्वारा तैयार रिपोर्ट से संबंधित संविदा कार्यादेशों का विवरण स्वतः प्राप्त कर लेती है।
उपयोगकर्ता द्वारा ईपीएफओ लॉगिन विवरण दर्ज करते ही बॉट सुरक्षित रूप से ईपीएफओ पोर्टल से जुड़कर चयनित अवधि के सभी कार्यादेश स्वतः अपलोड कर देता है। इससे मैनुअल कार्य में उल्लेखनीय कमी आएगी, समय की बचत होगी तथा कार्य की शुद्धता एवं दक्षता में वृद्धि होगी।
शुभारंभ समारोह के दौरान स्वचालित प्रणाली का लाईव डेमोंसट्रेसन भी किया गया, जिसमें इसकी कार्यप्रणाली, सरल उपयोग, सटीकता तथा वैधानिक अनुपालन को समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने की क्षमता का प्रदर्शन किया गया।
यह डिजिटल पहल भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आधुनिक तकनीक के समावेश, ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने तथा वैधानिक अनुपालन को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे



