राजभाषा कार्यशाला के अंतर्गत ‘मेरा विषय–मेरी समालोचना’ विषय पर हिंदी संगोष्ठी आयोजित

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर सेवाएँ विभाग द्वारा राजभाषा कार्यशाला के अंतर्गत ‘मेरा विषय–मेरी समालोचना’ विषय पर हिंदी संगोष्ठी का आयोजन नगर सेवाएँ भवन के सभागार में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हिंदी के प्रति अनुराग विकसित करना, अभिव्यक्ति कौशल को प्रोत्साहित करना तथा कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाप्रबंधक (नगर सेवाएँ) सुश्री आर. रंजनी ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाप्रबंधक (मानव संसाधन– औद्योगिक संबंध एवं ठेका श्रमिक प्रकोष्ठ) राजीव कुमार थे। इस अवसर पर पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक (सिविल), एचएससीएल देवेन्द्र कुमार दुबे तथा उप प्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन–राजभाषा) जितेन्द्र दास मानिकपुरी विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में उप प्रबंधक (प्रवर्तन) एवं विभागीय राजभाषा समन्वय अधिकारी मुकुंद दास मानिकपुरी ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए बताया कि नगर सेवाएँ विभाग वर्ष 2010 से राजभाषा हिंदी में उत्कृष्ट कार्यालयीन कार्य तथा राजभाषा नीतियों के प्रभावी अनुपालन के लिए निदेशक प्रभारी ‘राजभाषा वैजयंती पुरस्कार’ प्राप्त करता रहा है।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि राजीव कुमार ने संत कबीर के प्रसिद्ध दोहे “निंदक नियरे राखिए…” का उल्लेख करते हुए कहा कि समालोचना व्यक्ति एवं संगठन दोनों के निरंतर विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि रचनात्मक आलोचना से आत्ममंथन की प्रेरणा मिलती है तथा कार्यशैली एवं विचारों में सकारात्मक सुधार संभव होता है।
विशिष्ट वक्ता देवेन्द्र कुमार दुबे ने ’21वीं शताब्दी की नई शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत जन-जागरण कार्यक्रम’ विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए ज्ञानवर्धक साहित्य के अध्ययन, मानसिक विकास, मानवीय मूल्यों तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं उप प्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन–राजभाषा) जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने भिलाई इस्पात संयंत्र के राजभाषा कार्यक्रमों के उद्देश्यों, समालोचना की अवधारणा तथा उसकी उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत विषयों की समीक्षात्मक टिप्पणियाँ भी प्रस्तुत कीं।
संगोष्ठी में प्रतिभागियों ने विभिन्न समसामयिक एवं विषयगत मुद्दों पर अपनी समालोचनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं। इंजीनियरिंग एसोसिएट आलोक ताम्रकार ने ‘अचानक ठप हुए बड़े सिस्टम की दुरुस्ती की प्रक्रिया’, डॉ. शीतल चंद्र शर्मा ने ’90 के दशक का हिंदी सिनेमा समालोचना के दायरे में’, जूनियर इंजीनियरिंग एसोसिएट वाई. उमाशंकर राव ने ‘वर्तमान दौर में एआई’, सहायक महाप्रबंधक रमेश कुमार गुप्ता ने ‘आईना’ तथा सहायक महाप्रबंधक पी. एल. साहू ने ‘मीडिया तंत्र’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाप्रबंधक (नगर सेवाएँ) सुश्री आर. रंजनी ने सभी वक्ताओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रतिभागियों एवं विभिन्न विभागों से उपस्थित श्रोताओं को सम्मानित किया गया तथा अतिथियों को नगर सेवाएँ विभाग की ओर से स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
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