अवैध ब्याज वसूली का बड़ा मामला: 40 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज वसूलने वाली मुख्य आरोपी सीमा यादव गिरफ्तार
वैशाली नगर में अवैध ब्याज वसूली के मामले में दुर्ग पुलिस की कार्रवाई, 50 हजार के बदले 29 सप्ताह में वसूले 72,500 रुपये; पहले तीन आरोपी जा चुके हैं जेल

भिलाई/दुर्ग। आर्थिक जरूरतों से परेशान लोगों को ब्याज पर रकम देकर मनमाना ब्याज वसूलने और सुरक्षा के नाम पर ब्लैंक चेक एवं हस्ताक्षरित कोरे स्टाम्प पेपर रखकर धमकाने के मामले में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना वैशाली नगर पुलिस ने प्रकरण की फरार मुख्य आरोपी सीमा यादव (39 वर्ष) को 2 नवंबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया है। इस मामले में पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस के अनुसार आरोपी जरूरतमंद लोगों को रकम उपलब्ध कराकर 40 प्रतिशत प्रतिमाह तक ब्याज वसूलते थे। रकम नहीं देने पर संबंधित लोगों और उनके परिवार को जान से मारने, बेटियों की हत्या करने तथा घर से बेघर करने जैसी धमकियां दी जाती थीं।
50 हजार रुपये के बदले 72,500 रुपये वसूले
मामले में प्रार्थिया पूनम मनोज कुमार, निवासी ईडब्ल्यूएस-541, वैशाली नगर ने 27 अक्टूबर 2026 को थाना वैशाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार वर्ष 2023 से उसकी पहचान सीमा यादव और बबली साहू से थी।
आर्थिक परेशानी के चलते प्रार्थिया ने 16 दिसंबर 2024 को सीमा यादव से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। आरोप है कि इसके बदले 40 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज मांगा गया। सुरक्षा के नाम पर इंडियन बैंक के आठ ब्लैंक चेक और हस्ताक्षरित कोरे स्टाम्प पेपर भी रखवा लिए गए।
प्रार्थिया ने प्रति सप्ताह 2,500 रुपये के हिसाब से 29 सप्ताह में कुल 72,500 रुपये ब्याज के रूप में दिए। इसके बावजूद उससे अतिरिक्त रकम की मांग की जाती रही। पैसे नहीं देने पर उसे जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जाती थी।
सहेली से एक लाख के बदले वसूले 1.40 लाख रुपये
शिकायत में यह भी बताया गया कि प्रार्थिया की सहेली सुमिता ताम्बोली को भी एक लाख रुपये ब्याज पर दिलवाए गए थे। इसके बदले इंडियन बैंक के आठ ब्लैंक चेक सुरक्षा के नाम पर रखे गए।
आरोपियों द्वारा प्रति सप्ताह पांच हजार रुपये के हिसाब से 28 सप्ताह में कुल 1 लाख 40 हजार रुपये ब्याज वसूले गए। इसके बाद भी फोन कर गाली-गलौज और धमकी देने का सिलसिला जारी रहा।
ब्लैंक चेक और कोरे स्टाम्प पेपर बनाते थे दबाव का माध्यम
पुलिस के मुताबिक आरोपियों का तरीका यह था कि वे आर्थिक जरूरत से परेशान लोगों को नगद रकम उपलब्ध कराते थे। इसके बाद सुरक्षा के नाम पर विभिन्न बैंकों के ब्लैंक चेक और कोरे स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर कराकर अपने पास रख लेते थे।
रकम देने के बाद अत्यधिक ब्याज की मांग की जाती थी। मांग पूरी नहीं होने पर ब्लैंक चेक और स्टाम्प पेपर का दबाव बनाकर लोगों को धमकाया और प्रताड़ित किया जाता था।
छापेमारी में 3.79 लाख रुपये नगद और दस्तावेज बरामद
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना वैशाली नगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 402/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 308(5), 3(5) तथा धारा 4 कर्ज एक्ट के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और संबंधित स्थानों से कुल 3 लाख 79 हजार 900 रुपये नगद, विभिन्न बैंकों के ब्लैंक चेक, कोरे स्टाम्प पेपर और ब्याज के लेन-देन से संबंधित हिसाब-किताब की डायरियां बरामद कीं।
पुलिस के अनुसार बबली साहू उर्फ बबली निरंजन के कब्जे से 99,900 रुपये नगद, कोरे स्टाम्प पेपर, विभिन्न बैंकों के ब्लैंक चेक और हिसाब-किताब की डायरी बरामद की गई। वहीं ज्योति निरंजन के कब्जे से ब्याज संबंधी हिसाब-किताब की डायरी मिली।
मुख्य आरोपी सीमा यादव के मकान की तलाशी के दौरान 2 लाख 80 हजार रुपये नगद, ब्याज संबंधी हिसाब-किताब की डायरी, कोरे चेक और स्टाम्प पेपर बरामद किए गए।
पहले तीन आरोपी जा चुके हैं जेल
इस प्रकरण में पुलिस ने पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें बबली साहू उर्फ बबली निरंजन और ज्योति निरंजन को 28 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। आरोपी प्रमोद साहू को भी पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
विवेचना के दौरान फरार मुख्य आरोपी सीमा यादव की तलाश की जा रही थी। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 2 नवंबर 2026 को दोपहर 1:10 बजे विधिवत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को देकर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई।
मुख्य आरोपी का नाम: सीमा यादव, उम्र 39 वर्ष, निवासी पारिवाराल डेयरी के पास, सड़क क्रमांक-14, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग।
दुर्ग पुलिस की आम नागरिकों से अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि आर्थिक जरूरत के समय किसी भी व्यक्ति से ब्याज पर रकम लेने से पहले ब्याज दर और अन्य शर्तों की पूरी जानकारी प्राप्त करें। सुरक्षा के नाम पर किसी को भी ब्लैंक चेक या हस्ताक्षरित कोरे स्टाम्प पेपर न दें।
अवैध ब्याज वसूली, धमकी या मानसिक प्रताड़ना की स्थिति में तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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