राउरकेला की तर्ज पर भिलाई में भी लागू हो आवास लाइसेंसिंग स्कीम : देवेंद्र यादव ने BSP DIC को लिखा पत्र…
बीएसपी आवासों को लेकर विधायक की पहल, 55 महीने के लाइसेंस और 11 महीने के विस्तार वाली RSP योजना का दिया हवाला; पूर्व कर्मचारियों के परिवारों को मिल सकती है राहत

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के आवासों में लीज, लाइसेंस और रिटेंशन के तहत रह रहे लोगों का मामला लगातार चर्चा में है। आवास खाली कराने के नोटिस और कार्रवाई के बीच अब राउरकेला स्टील प्लांट (RSP) की क्वार्टर लाइसेंसिंग स्कीम-2026 ने भिलाई के प्रभावित परिवारों के लिए नई उम्मीद जगाई है। इस मुद्दे पर भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने पहल करते हुए बीएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज (DIC) को पत्र लिखकर राउरकेला की तर्ज पर भिलाई में भी क्वार्टर लाइसेंसिंग स्कीम लागू करने की मांग की है।

30 अक्टूबर 2026 को लिखे पत्र में विधायक ने प्रबंधन से आग्रह किया है कि ऐसे आवासों को लाइसेंस आधार पर आवंटित करने की व्यवस्था बनाई जाए, जिनमें पूर्व कर्मचारियों के परिजन वर्तमान में निवासरत हैं और लंबे समय से भिलाई में रह रहे हैं। उन्होंने कहा है कि सेल की दूसरी इकाई राउरकेला स्टील प्लांट में जब ऐसी योजना लागू की जा सकती है, तो भिलाई में भी इस तरह की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए।
राउरकेला की क्वार्टर लाइसेंसिंग स्कीम बनी आधार
विधायक देवेंद्र यादव ने अपने पत्र में राउरकेला स्टील प्लांट के टाउन सर्विसेज डिपार्टमेंट की ओर से 9 अक्टूबर 2026 को जारी क्वार्टर लाइसेंसिंग स्कीम-2026 का उल्लेख किया है। इस योजना के तहत निर्धारित पात्रता और शर्तें पूरी करने वाले वर्तमान कर्मचारियों, पूर्व कर्मचारियों तथा मृत कर्मचारियों के पात्र आश्रित जीवनसाथियों को लाइसेंस आधार पर आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
विधायक ने बीएसपी प्रबंधन से इसी मॉडल को अपनाते हुए भिलाई में भी आवास आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है। उनका मानना है कि इससे उपलब्ध आवासों का बेहतर उपयोग हो सकेगा और उन परिवारों को भी राहत मिल सकती है, जो लंबे समय से भिलाई में रह रहे हैं।
वर्तमान में विधायक देवेंद्र यादव दिल्ली में हैं। उनके भिलाई लौटने के बाद बीएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज और ईडी (एचआर) से मुलाकात कर इस प्रस्ताव को लागू कराने के संबंध में चर्चा करने की बात कही गई है।
55 महीने का लाइसेंस, 11 महीने तक बढ़ाने का प्रावधान
राउरकेला स्टील प्लांट की क्वार्टर लाइसेंसिंग स्कीम-2026 की प्रमुख विशेषता इसकी निर्धारित लाइसेंस अवधि है। इसके तहत आवासों का आवंटन स्थायी आवंटन के बजाय लाइसेंस आधार पर किया जाएगा।
योजना में प्रारंभिक लाइसेंस अवधि 55 महीने निर्धारित की गई है। निर्धारित शर्तों के पालन और प्रबंधन की स्वीकृति के आधार पर इस अवधि को एक बार में 11 महीने के लिए आगे बढ़ाने का प्रावधान भी रखा गया है।
पूर्व कर्मचारियों और आश्रित परिवारों को भी अवसर
इस योजना में केवल वर्तमान कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि पूर्व कर्मचारियों की कुछ निर्धारित श्रेणियों को भी आवेदन का अवसर दिया गया है। इनमें सेवानिवृत्त कर्मचारी, वीआरएस लेने वाले तथा 57 वर्ष की आयु के बाद इस्तीफा देकर सेवा से अलग हुए कर्मचारी शामिल हैं।
इसके अलावा मृत पूर्व कर्मचारियों के पात्र जीवनसाथियों के लिए भी योजना में प्रावधान किया गया है। मृत्यु, स्थायी पूर्ण दिव्यांगता, मेडिकल अनफिट और मेडिकल इनवैलिडेशन जैसी परिस्थितियों में सेवा से अलग हुए कर्मचारियों के परिवार भी निर्धारित शर्तों के तहत आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, ऐसे मामलों में अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित पात्रता शर्तें लागू होंगी।
22 हजार आवास, करीब 9 हजार कार्मिक
राउरकेला स्टील प्लांट में लगभग 22 हजार आवास उपलब्ध हैं, जबकि वहां वर्तमान कार्मिकों की संख्या करीब 9 हजार बताई गई है। ऐसे में उपलब्ध आवासीय संपत्तियों का बेहतर उपयोग करना और उनसे राजस्व अर्जित करने की संभावनाएं तलाशना प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।
क्वार्टर लाइसेंसिंग स्कीम इसी दिशा में एक पहल मानी जा रही है। इसके माध्यम से खाली आवासों का उपयोग सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं और आवेदन की अंतिम तिथि 8 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। हालांकि, योजना से होने वाली संभावित आय का कोई अनुमान सर्कुलर में नहीं दिया गया है।
भिलाई में आवास विवाद के बीच प्रबंधन के फैसले पर नजर
भिलाई में बीएसपी आवासों को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद और असंतोष की स्थिति बनी हुई है। लीज, लाइसेंस और रिटेंशन के तहत आवासों में रह रहे लोगों को मकान खाली करने के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इस स्थिति से विशेष रूप से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और मृत कर्मचारियों के परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
ऐसे में विधायक देवेंद्र यादव ने राउरकेला स्टील प्लांट की क्वार्टर लाइसेंसिंग स्कीम को भिलाई में भी लागू करने का प्रस्ताव रखा है। अब सबकी नजर बीएसपी प्रबंधन के रुख पर है कि वह इस मांग पर क्या निर्णय लेता है और क्या भिलाई में भी इसी तरह की लाइसेंसिंग व्यवस्था शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जाते हैं।
फिलहाल विधायक का पत्र बीएसपी प्रबंधन के सामने आवास विवाद के समाधान के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करने का प्रस्ताव लेकर पहुंचा है।
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