रीवा-सिंगरौली रेलवे लाइन पर कमिश्नर सख्त, सभी बाधाएं तत्काल हटाने के निर्देश; जमीन अधिग्रहण और मुआवजा कार्य में तेजी लाने के आदेश…

रीवा संभाग कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रीवा से सीधी और सिंगरौली रेलवे लाइन निर्माण कार्य की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, एसडीएम हुजूर डॉ. अनुराग तिवारी, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर, उपायुक्त राजस्व एलएल अहिरवार उपस्थित रहे। सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा, सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल, वन विभाग तथा विद्युत विभाग के अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में कमिश्नर ने रेलवे के सभी डीएम और इंजीनियर को सभी प्रोजेक्ट समय पर पूरा करने के निर्देश दिए तथा कहा कि रेलवे लाइन एवं रेल प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य आ रही बाधाओं को प्राथमिकता से दूर कराएं। रामपुर नैकिन रेलवे प्रोजेक्ट का कार्य सितंबर माह तक पूरा करें। बैठक में बताया गया कि रेलवे लाइन में निश्चित अंतराल पर दो आरओबी बनाए जाने हैं।
रीवा जिले के दो गावों बांसा एवं रौरा में रेलवे चेनेज क्रमांक 20200 एवं 12000 में आरओबी निर्माण कार्य प्रस्तावित है, जिसका धारा 19 के तहत प्रकाशन भी किया जा चुका है और धारा 23 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। कमिश्नर ने सीधी जिले के ग्राम झांझ, रायखोर, पटेहरा, मझियार में भूस्वामियों के मुआवजा भुगतान की स्थिति की जानकारी ली एवं उक्त सभी ग्राम में धारा 19 एवं धारा 23 के अंतर्गत कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कमिश्नर ने सिंगरौली जिले के कलेक्टर को निर्देश दिए कि कुछ स्थानों पर मुवावजे के लिए अनाधिकृत लोगों ने स्ट्रेक्चर एवं मकान बना रखे हैं उन्हें हटाते हुए सख्त कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधी कलेक्टर ने जानकारी दी कि ग्राम नौढिया में रेलवे परियोजना हेतु अधिकृत भूमि पर 19 परिवार के कच्चे मकान स्थित हैं।
उक्त भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है किंतु मकान अभी तक खाली नहीं किए गए हैं। इससे सीधी यार्ड में गुड्स साइडिंग प्लेटफार्म के निर्माण के कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। कमिश्नर ने कहा कि मुआवजा वितरण हो चुका है तो लोगों को अन्यत्र शिफ्ट किया जाए। सीधी जिले के बहरी तहसील के अंतर्गत मऊ, मझरेटी खुर्द, कुबरी, कुशियारी, भीतरी, बेलहा आदि ग्रामों में कुल 1.1570 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण हेतु धारा 21 के अंतर्गत भूस्वामियों को सूचना दी जा चुकी है।
यहां अवार्ड का प्रकाशन लंबित है। बहरी तहसील में कुल 89 संरचनाएं रेलवे एलाइनमेंट में आ रही हैं जिन्हें हटाना आवश्यक है। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि जहां संरचनाओं का हटाया जाना आवश्यक है उन्हें वहाँ से हटाया जाए एवं मुआवजा वितरण लंबित न रखा जाए। जल्द से जल्द राहत राशि का वितरण कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए।
कमिश्नर ने विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि ग्राम कुर्सा एवं ढोगा क्षेत्र में स्थित एमपी पीटीसीएल की 132/220 केवी एचटी लाइन रेलवे एलाइनमेंट में बाधा उत्पन्न कर रही है। उसे तत्काल स्थानांतरित किया जाए। सीधी-देवसर के मध्य अति उच्च दाब 132 केवी की ट्रांसमिशन लाइनों को हटाने एवं मार्ग परिवर्तन का कार्य भी शीघ्र किया जाए।
उल्लेखनीय है की ट्रांसमिशन लाइन को हटाने के लिए विद्युत विभाग को राशि का भुगतान भी रेलवे द्वारा कर दिया गया है। कमिश्नर ने सिंगरौली जिले के चितरंगी एवं देवसर तहसीलों में रेलवे लाइन पर आने वाली सरकारी भूमि पर स्थित परिसंपत्तियों के मूल्यांकन का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं ग्राम कटोली तहसील देवसर के अधिग्रहण क्षेत्रफल संबंधी रिकार्ड में जो अंतर है उसे भी दूर करने के निर्देश दिए गए।
कमिश्नर ने निर्देश दिए कि भू अभिलेख संबंधी सभी विसंगतियों को तत्काल दूर कर रेलवे लाइन का रास्ता क्लियर किया जाए। सिंगरौली कलेक्टर ने बताया कि रेलवे लाइन में आने वाले ग्राम झोको, जियावन एवं सिलफ के अवार्ड बन गए हैं। साथ ही कुछ एरिया अवार्ड से छूट गए हैं। उनका अध्ययन कर जल्द ही अवार्ड पारित किए जाएंगे।
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