मध्य प्रदेश की समृद्धि के लिए सेवा और सुशासन ही हमारा मूलभूत विकास मंत्र है: मुख्यमंत्री…

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को जबलपुर को एक बड़ा तोहफा देते हुए कहा कि जबलपुर नगर निगम अगले एक साल में महानगर बन जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों (आयुक्त, कलेक्टर और अन्य) को जबलपुर महानगर का मसौदा प्रस्ताव जल्द से जल्द तैयार करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा हमारी सरकार का दाहिना हाथ है और सुशासन बायां हाथ। हम मध्य प्रदेश के विकासशील क्षेत्र के नागरिकों के कल्याण और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं। सेवा और सुशासन हमारे लिए समृद्ध मध्य प्रदेश के निर्माण का मूल और वास्तविक विकास मंत्र है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने राज्य की जनता के साथ विकास पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया है। आज इस क्षेत्र में हर जगह विकास नजर आ रहा है। ‘सच्चा वादा, पक्का काम’ हम जो भी खाते हैं, वो करके भी दिखाते हैं। शनिवार को जबलपुर के गीता भवन क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 11 लाख पौधे लगाने के महा अभियान के उद्घाटन समारोह को मुख्यमंत्री डॉ. यादव संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जबलपुर जिले को कई उपहार भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर में एक ‘फर्नीचर क्लस्टर’ बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के जबलपुर मेडिकल विश्वविद्यालय को अब मध्य प्रदेश के एम्स (राज्य स्तरीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान) के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में स्थित राष्ट्रीय उद्यान में आने वाले पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करने के लिए मदन महल पहाड़ी के पास एक चिड़ियाघर बनाया जाएगा, जिससे जबलपुर में वन्यजीवों के दर्शन की सुविधा विकसित हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि जबलपुर जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार संदीपानी विद्यालय स्थापित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जबलपुर शहर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने के लिए लगभग 397 करोड़ रुपये की 5 विकास परियोजनाओं का उपहार दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर नगर निगम के स्वच्छता सर्वेक्षण पर केंद्रित एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत यहां के सैकड़ों पात्र स्ट्रीट वेंडरों को डिजिटल क्रेडिट कार्ड प्रदान किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर शहर में 362.31 करोड़ रुपये की लागत से ‘अमृत 1.0’ सीवेज परियोजना का शुभारंभ किया और कथुंडा, लालपुर और तेवार में तीन बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने जबलपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र में रजक समुदाय के लिए 25 लाख रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एक आधुनिक लॉन्ड्री क्षेत्र का उद्घाटन किया और गुरंदी बाजार क्षेत्र में 2.5 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक मछली बिक्री केंद्र का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर को ‘सद्गुणों से परिपूर्ण नगर’ बताते हुए कहा कि हमारे देश और क्षेत्र में अनेक दिशाओं में विकास कार्य चल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश स्वर्ण युग की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ से आकाशवाणी को नई पहचान दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के उद्देश्य के अनुरूप देश की 80 करोड़ आबादी को मुफ्त राशन, पक्के मकान, मुफ्त शौचालय, हर घर में नल का पानी और आयुष्मान कार्ड के माध्यम से 5 लाख रुपये तक की मुफ्त उपचार सुविधा मिल रही है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत छोटे-मोटे दुकानदारों को लाभ मिल रहा है। आज जबलपुर के अनेक लाभार्थियों को डिजिटल कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य सरकार प्रत्येक गरीब के जीवन को खुशियों के प्रकाश से रोशन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘सरकार का अर्थ सहकारिता’ और ‘सहकारिता का अर्थ परिवार’ की है करना। विश्व के समक्ष भारत वसुधैव कुटुंबकम का आदर्श उदाहरण है। भारतीय परंपरा प्राचीन काल से इसी भावना से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हम सभी अपने वनों को हरा-भरा रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
प्रकृति के साथ संबंध मजबूत करने के लिए आज जबलपुर से 11 लाख पौधे लगाने का गहन वृक्षारोपण अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन में ऋषि-मुनि के समान हैं। वृक्षों से हमें स्वच्छ वायु मिलती है। यह सभी को जीवन प्रदान करता है। वृक्षारोपण की नई जापानी ‘मियावाकी विधि’ से एक एकड़ भूमि पर 12 हजार पौधे लगाए जा सकते हैं।
यह क्षेत्र तीन साल से भी कम समय में घना जंगल बन जाता है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश में नदियों की जन्मभूमि है। यहां घने जंगल हैं। नदियां वनों को हरा-भरा रखती हैं। यह सभी को समृद्धि और उन्नति का अवसर प्रदान करती हैं। गुजरात और राजस्थान को भी नर्मदा नदी से समृद्धि प्राप्त होती है। चंबल और सोन जैसी नदियाँ गंगा-यमुना के प्रवाह को गति प्रदान करती हैं।
सब समान-सबको सम्मान – यही यूसीसी का आधार है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की आजादी के बाद तत्कालीन सरकारों ने समाज को अपने-अपने नजरिए और राजनीतिक सोच से देखा। उन्होंने धर्म के आधार पर भेदभाव किया। भगवान कृष्ण की लीलाओं को दर्शाने वाली रहीम और रसखान की रचनाएँ देखें। प्रधानमंत्री श्री मोदी की सरकार आने के बाद देश में कहीं भी एकता नहीं रही।
उन्होंने कहा कि भारत बदल रहा है। मध्य प्रदेश सरकार ने हिंदू और मुस्लिम सहित सभी वर्गों के लिए एक समान कानून लागू करने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने यूसीसी (सभी वर्गों के लिए एक समान कानून) लागू करने के लिए 3 करोड़ से अधिक एसएमएस भेजे, जिसके बाद यूसीसी समिति के सामने 10 लाख से अधिक सुझाव आए।
इन सुझावों में 74 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम बहनों ने यूसीसी लागू करने का समर्थन किया। ‘सब समान-सबको सम्मान’ के उद्देश्य से हमारी सरकार एक समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश का लोक निर्माण विभाग देश का सर्वश्रेष्ठ कार्यरत विभाग है।
लोक निर्माण क्षेत्र में हमारी सरकार द्वारा किए गए अनेक नए कार्य और नवाचार अब पूरे देश में लागू किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश ने ब्रिटिश काल के राजमार्ग अधिनियम और अग्नि सुरक्षा अधिनियम का भी अध्ययन किया है। क्षेत्र में भव्य संदीपानी विद्यालय का निर्माण हो रहा है, पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक पदों पर भर्ती चल रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संदीपानी विद्यालय भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रतीक है। हमारे बच्चों को नैतिक शिक्षा दी जाती थी, इसीलिए पूरे क्षेत्र में भव्य संदीपानी विद्यालय बनाए गए हैं। युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए हमने इस वर्ष 10 हजार शिक्षकों की भर्ती की है।
पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की गई है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे को सुलझाकर अब तक राज्य के सभी विभागों के ढाई लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नत किया जा चुका है। पुलिस विभाग में 25 हजार अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद ये विश्वविद्यालय केवल सागर और उज्जैन में थे, लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ी। वर्तमान में 75 से अधिक विश्वविद्यालय हैं। हमारा विश्वविद्यालय भी ऐसा बने जहां छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिले। भविष्य में जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को एम्स की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। चिकित्सा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालय को पूर्ण रूप से सुसज्जित करने का यह मॉडल पूरे क्षेत्र में लागू किया जाएगा। अब वह चीता मध्य प्रदेश में भी रहता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश आरंभ से ही बाघों का राज्य रहा है, अब तो यहाँ चीता भी जीवित है। यह हमारा सौभाग्य है कि मध्य प्रदेश मगरमच्छ, घड़ियाल, गिद्ध, तेंदुए जैसे वन्यजीवों के मामले में भी अग्रणी राज्य है। चीता पूरे एशिया महाद्वीप से विलुप्त हो गया था, लेकिन मध्य प्रदेश की पवित्र भूमि में चीतों की संख्या 20 से बढ़कर 52 हो गई है।
यह वन्यजीवों के साथ हमारे सह-अस्तित्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। हम ‘जीओ और जियो दो’ की भावना से वन्यजीवों के संरक्षण के लिए भी काम कर रहे हैं। असम से जंगली भैंसें लाई गई हैं। भविष्य में गैंडे और किंग कोबरा जैसे जानवरों को भी उनके प्राकृतिक आवासों में लाया जाएगा और पुनर्स्थापित किया जाएगा। सरकार वनों के संवर्धन और पर्यटन के माध्यम से रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रयासरत है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और लोक निर्माण विभाग के नवाचारों पर प्रकाश डाला। जबलपुर के सांसद आशीष दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सरकार सभी के साथ मिलकर काम कर रही है। विकास परियोजनाओं ने पिछले ढाई वर्षों में जबलपुर का रूप बदल दिया है।
राज्य सरकार अंत्योदय की भावना से प्रेरित होकर काम कर रही है और हर वर्ग की चिंता कर रही है। क्षेत्रीय विधायक डॉ. अभिलाश पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश विधानसभा ने समान नागरिक संहिता विधेयक पारित किया है। राज्य सरकार ने राज्य में अग्नि सुरक्षा अधिनियम लागू करने के लिए भी एक विधेयक पारित किया है।
जबलपुर के महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अनु’ ने कहा कि जबलपुर शहर को आज अमृत चरण-1 योजना के तहत विकास कार्यों का उपहार मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में 7 अगस्त से राज्य भर में ‘जन विश्वास अभियान’ चलाया जाएगा। यह एक अनूठा अभियान है जिसमें राज्य सरकार स्वयं नागरिकों के घर-घर पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि जबलपुर नगर निगम ने शहर की मुख्य नालियों पर एसटीपी संयंत्र स्थापित किए हैं, जिनके माध्यम से मां नर्मदा में बहने वाले पानी को साफ किया जा रहा है। महापौर ने कहा कि जबलपुर देश का ऐसा शहर बन गया है, जहां कचरे से भी बिजली बनाई जा रही है। जबलपुर जिले में वृक्षारोपण अभियान के तहत 11 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा वाल्मिकी, विधायक अशोक ईश्वरदास रोहाणी, विधायक सुशील कुमार तिवारी, विधायक नीरज सिंह ठाकुर, विधायक संतोष वरकड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया, जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संदीप जैन, उपाध्यक्ष प्रशांत, रत्नेश सोनकर, राजकुमार पटेल, विनोद गोंटिया सहित अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।




