भिलाई

बीएसपी में नवीन सुरक्षा एवं डिजिटलीकरण पहलों से कार्यस्थल सुरक्षा को मिला बढ़ावा…

सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) द्वारा कार्यस्थल सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा परिचालन प्रक्रियाओं में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों में अनेक नवीन तकनीक आधारित पहलें लागू की गई हैं। इन पहलों का उद्देश्य मानव एवं मशीन के बीच प्रत्यक्ष संपर्क को न्यूनतम करना, दुर्घटना की संभावनाओं को कम करना तथा परिचालन दक्षता एवं विश्वसनीयता में वृद्धि करना है।

ओर हैंडलिंग प्लांट (ओएचपी) में विद्यमान जाम पहचान प्रणाली को उन्नत करते हुए प्रॉक्सिमिटी सेंसिंग तकनीक से युक्त इलेक्ट्रो-मैकेनिकल टिल्टिंग डिवाइस स्थापित किया गया है। यह उन्नत प्रणाली कन्वेयर अवरोधों की सटीक पहचान सुनिश्चित करती है, अनावश्यक ट्रिपिंग को रोकती है तथा सामग्री के ओवरफ्लो की संभावना को कम करते हुए उपकरणों की विश्वसनीयता एवं परिचालन सुरक्षा में वृद्धि करती है।

बार एवं रॉड मिल (बीआरएम) में क्रेन परिचालन के दौरान कर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक नवीन क्रेन बोर्डिंग प्रणाली विकसित की गई है। इस प्रणाली के माध्यम से ऑपरेटर की सहायता से क्रेन को सुरक्षित रूप से रोका जा सकता है, जिससे अचानक रुकने, लोड के अनियंत्रित झूलने तथा अन्य परिचालन जोखिमों में कमी आती है। क्रेन पर स्थापित टॉगल स्विच के सक्रिय होने पर ऑपरेटर के केबिन में संकेतक प्रकाश प्रदर्शित होता है, जिससे सुरक्षित रूप से क्रेन को रोककर कर्मियों के चढ़ने एवं पुनः संचालन प्रारंभ करने की प्रक्रिया सुनिश्चित होती है।

वहीँ स्टील मेल्टिंग शॉप-2 (एसएमएस-2) के बोरिया स्टोर कॉम्प्लेक्स स्थित बेल्ट एवं मैकेनिकल समूह में रेडियो रिमोट नियंत्रित ओवरहेड क्रेन प्रणाली लागू की गई है। इस प्रणाली के माध्यम से ऑपरेटर बेहतर दृश्यता वाले सुरक्षित स्थान से क्रेन का संचालन कर सकते हैं, जिससे लटके हुए भार के संपर्क में आने का जोखिम कम हुआ है। साथ ही इससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा सामग्री प्रबंधन की दक्षता में भी सुधार हुआ है।

इसी प्रकार स्टील मेल्टिंग शॉप-3 (एसएमएस-3) में डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उन्नत लैडल ट्रैकिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। यह प्रणाली स्वचालन, रियल टाइम मॉनिटरिंग तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित विश्लेषण से युक्त है। इसके माध्यम से लैडल की स्थिति एवं गतिविधियों की सतत निगरानी संभव हुई है, जिससे निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनी है, मैनुअल हस्तक्षेप में कमी आई है तथा परिचालन सुरक्षा एवं दक्षता को बढ़ावा मिला है।

मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) देबदत्त सतपथी ने बताया कि ये पहलें संयंत्र में सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ बनाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा कर्मचारी-केंद्रित कार्य संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सतत अभियान का हिस्सा हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्पादन एवं सेवा क्षेत्रों में तकनीक आधारित सुरक्षा उपायों के माध्यम से बीएसपी सुरक्षित, दक्ष एवं आधुनिक कार्यस्थल के निर्माण की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

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