बिजली कटौती से औद्योगिक उत्पादन प्रभावित, भिलाई चेम्बर ने मुख्यमंत्री से की स्थायी समाधान की मांग…
उद्योग जगत के ‘ऊर्जा मित्र’ के रूप में आगे आया भिलाई चेम्बर, उत्पादन में बाधा और आर्थिक नुकसान पर जताई चिंता

भिलाई। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों में बार-बार हो रही बिजली कटौती को लेकर भिलाई चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने चिंता जताई है। चेम्बर का कहना है कि कई-कई घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से उद्योगों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। मशीनों का संचालन रुकने, तैयार माल की आपूर्ति में देरी और अतिरिक्त खर्च के कारण उद्यमियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस समस्या की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए चेम्बर ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख ऊर्जा उत्पादक राज्यों में गिना जाता है, इसके बावजूद औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित बिजली कटौती होना चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उद्योगों को निर्बाध बिजली नहीं मिलेगी, तो वे अपने कारोबार और उत्पादन को सुचारु रूप से कैसे संचालित कर पाएंगे।
उत्पादन से लेकर आपूर्ति तक पड़ रहा असर
भिलाई चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने उद्योगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए स्वयं को औद्योगिक क्षेत्र के ‘ऊर्जा मित्र’ के रूप में प्रस्तुत किया है।
चेम्बर के चेयरमैन दिनकर बसोतिया ने कहा कि उद्योग किसी भी प्रदेश की आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन और विकास की रीढ़ होते हैं। यदि उद्योगों को समय पर और पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं होगी, तो इसका सीधा असर उत्पादन, व्यापार, श्रमिकों के रोजगार और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
भिलाई उद्योग चेम्बर के अध्यक्ष जे.पी. गुप्ता ने कहा कि बिजली कटौती का असर केवल उत्पादन रुकने तक सीमित नहीं है। मशीनों के अचानक बंद होने से उत्पादन प्रक्रिया बाधित होती है, तैयार माल की आपूर्ति में देरी होती है और मशीनों को दोबारा चालू करने में अतिरिक्त समय व खर्च लगता है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों में काम करने वाले छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए ऐसी परिस्थितियां अधिक चुनौतीपूर्ण साबित होती हैं।
ऊर्जा उत्पादक राज्य में बिजली संकट पर जताई चिंता
भिलाई चेम्बर के अध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में प्रदेश के उद्योगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ना चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए केवल नए निवेश को आकर्षित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मौजूदा उद्योगों को भी जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। निर्बाध विद्युत आपूर्ति उद्योगों के सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण है।
चेम्बर ने रखीं ये प्रमुख मांगें
भिलाई चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने शासन और संबंधित विभागों से औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कटौती की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। चेम्बर के अनुसार, इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाने चाहिए:
- औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कटौती के कारणों की समीक्षा की जाए।
- नियमित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
- आवश्यक परिस्थितियों में बिजली बंद करने से पहले उद्योगों को सूचना दी जाए।
- विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए, ताकि उत्पादन और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
चेम्बर का कहना है कि यदि बिजली बंद होने की पूर्व सूचना दी जाती है, तो उद्योग अपने उत्पादन और कार्यों की योजना पहले से तैयार कर सकेंगे। इससे अचानक होने वाली बाधाओं और उनसे जुड़े नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
वर्तमान उद्योगों को ऊर्जा सुरक्षा देने पर जोर
चेम्बर ने कहा कि प्रदेश में नए उद्योगों को आमंत्रित करने के साथ-साथ मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के सुचारु संचालन पर भी ध्यान देना जरूरी है। उद्योगों को पर्याप्त और नियमित बिजली उपलब्ध होने से उत्पादन, रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को स्थिरता मिल सकती है।
भिलाई चेम्बर ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग इस समस्या पर गंभीरता से विचार कर औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। चेम्बर के मुताबिक, उद्योगों को ऊर्जा सुरक्षा उपलब्ध कराना औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
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