दुर्ग निगम की राजस्व वसूली पर सख्ती: लापरवाह कर्मचारियों को हटाने की तैयारी, बड़े बकायादारों पर गिरेगी गाज…
आवासीय मकानों में कारोबार करने वालों का होगा री-असेसमेंट, बकाया टैक्स पर नल कनेक्शन काटने तक की कार्रवाई

दुर्ग । नगर पालिक निगम दुर्ग ने राजस्व वसूली में तेजी लाने और निगम की आय बढ़ाने के लिए सख्त रुख अपनाया है। महापौर अलका बाघमार और निगम कमिश्नर लीना कोसम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समीक्षा बैठक लेकर बकाया कर वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में अप्रैल से सितंबर 2026 तक की राजस्व वसूली की समीक्षा की गई। इस दौरान कमजोर प्रदर्शन करने वाले सहायक राजस्व निरीक्षकों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए वसूली कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को इस जिम्मेदारी से हटाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर और बाजार एवं राजस्व विभाग प्रभारी शेखर चन्द्राकर भी मौजूद रहे।
कमजोर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
समीक्षा बैठक में सभी वार्डों के सहायक राजस्व निरीक्षकों द्वारा पिछले छह महीनों में की गई वसूली का आकलन किया गया। जिन कर्मचारियों की वसूली बेहद कम पाई गई, उनके प्रदर्शन पर महापौर ने असंतोष जताया।
उन्होंने राजस्व अधिकारी आर.के. बोरकर को निर्देशित किया कि लगातार कमजोर प्रदर्शन करने और जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को वसूली कार्य से पृथक करने की कार्रवाई की जाए।
महापौर ने स्पष्ट किया कि राजस्व वसूली निगम की आय का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए इस कार्य में उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कर्मचारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप काम करना होगा।
फील्ड में उतरकर बड़े बकायादारों से वसूली के निर्देश
महापौर और कमिश्नर ने सभी सहायक राजस्व निरीक्षकों एवं राजस्व उपनिरीक्षकों को नियमित रूप से फील्ड में जाकर करदाताओं से संपर्क करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि केवल कार्यालय में बैठकर राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता। इसके लिए बड़े बकायादारों की पहचान कर उनसे संपर्क करना और बकाया राशि जमा कराने के लिए प्रभावी प्रयास करना जरूरी है।
निगम प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाने और राजस्व लक्ष्य हासिल करने के लिए वसूली अभियान में तेजी लाने को कहा है।
आवासीय मकानों में कारोबार करने वालों का होगा री-असेसमेंट
बैठक में आवासीय भवनों का व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। महापौर ने निर्देश दिए कि ऐसे भवनों को वार्डवार चिन्हांकित कर उनका पुनर्मूल्यांकन यानी री-असेसमेंट किया जाए।
पुनर्मूल्यांकन के बाद नियमानुसार कर का निर्धारण किया जाएगा। जहां आवश्यक होगा, वहां संपत्ति कर में नियमानुसार संशोधन किया जाएगा, ताकि निगम को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार राजस्व प्राप्त हो सके।
इस कार्रवाई का उद्देश्य भवनों के वास्तविक उपयोग के आधार पर कर निर्धारण सुनिश्चित करना और राजस्व व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
बड़े बकायादारों पर सख्ती, जरूरत पड़ने पर कटेंगे नल कनेक्शन
नगर निगम ने लंबे समय से बकाया टैक्स जमा नहीं करने वाले बड़े बकायादारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। महापौर ने निर्देश दिए कि बार-बार अवसर देने के बावजूद कर जमा नहीं करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर बकायादारों के नल कनेक्शन विच्छेद करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। निगम प्रशासन का जोर बकाया कर की वसूली बढ़ाने और करदाताओं को समय पर भुगतान के प्रति जवाबदेह बनाने पर है।
व्यावसायिक गतिविधियों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य
बैठक में बाजार एवं राजस्व विभाग प्रभारी शेखर चन्द्राकर ने अधिकारियों को आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की पहचान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे भवनों और व्यवसायों की जानकारी लाइसेंस शाखा को उपलब्ध कराई जाए, ताकि संबंधित कारोबारियों को नियमानुसार लाइसेंस प्रक्रिया के दायरे में लाया जा सके।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार होना चाहिए। जिन व्यवसायों के लिए लाइसेंस अनिवार्य है, उनके संचालकों को लाइसेंस प्राप्त करना सुनिश्चित करना होगा।
निगम की आय बढ़ाने के लिए जिम्मेदारी तय
महापौर अलका बाघमार और कमिश्नर लीना कोसम ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक में राजस्व लक्ष्य पूरा करने, बकाया कर वसूली में तेजी लाने, आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग की पहचान करने और लाइसेंस नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
निगम प्रशासन की इन सख्त हिदायतों के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और बकायादारों से वसूली की कार्रवाई पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है।
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