भिलाई

उन्नत कौशल विकास को मिलेगा नया आयाम, बीएसपी एवं सीटीटीसी भुवनेश्वर के मध्य एमओयू संपन्न

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) ने उन्नत तकनीकी शिक्षा एवं भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के अंतर्गत कार्यरत स्वायत्तशासी संस्था सेंट्रल टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर (सीटीटीसी), भुवनेश्वर के साथ सेक्टर-5, भिलाई में अत्याधुनिक स्किल डेवलपमेंट एक्सटेंशन सेंटर की स्थापना हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया। एमओयू हस्ताक्षर समारोह का आयोजन इस्पात भवन, भिलाई में हुआ।

इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) बिजय कुमार बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल) टी. के. कृष्णकुमार, संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा इस पहल से जुड़े समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे।

समझौता ज्ञापन पर भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन–प्रशिक्षण एवं विकास) संजीव कुमार श्रीवास्तव तथा सीटीटीसी भुवनेश्वर की ओर से महाप्रबंधक एल. राजशेखर ने हस्ताक्षर किए। यह पहल क्षेत्रीय कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने तथा उद्योगों की भावी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य एक उन्नत प्रशिक्षण एवं कौशल विकास केंद्र की स्थापना करना है, जिससे बीएसपी के कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, स्थानीय युवाओं तथा अन्य हितधारकों को उद्योगोन्मुख तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके। प्रस्तावित एक्सटेंशन सेंटर आधुनिक औद्योगिक तकनीकों एवं उभरते विनिर्माण क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करने का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।

केंद्र में ऑटोमेशन, सीएनसी मशीनिंग, एडवांस्ड हाइड्रोलिक एवं न्यूमैटिक सिस्टम, आधुनिक वेल्डिंग तकनीक, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन, पावर सिस्टम, मोटर ड्राइव्स, मेकाट्रॉनिक्स, वाइब्रेशन एनालिसिस, कैड-कैम, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसे अत्याधुनिक विषयों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

समझौते के अंतर्गत सीटीटीसी भुवनेश्वर अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना, योग्य संकाय सदस्यों की उपलब्धता तथा उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन करेगा। वहीं भिलाई इस्पात संयंत्र आवश्यक आधारभूत संरचना एवं प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए इस केंद्र को तकनीकी अधिगम, नवाचार एवं कौशल संवर्धन के उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने में सहयोग प्रदान करेगा।

यह सहयोग केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संयंत्र संचालन हेतु आवश्यक औद्योगिक कलपुर्जों, स्पेयर्स, टूल्स एवं फिक्स्चर्स के संयुक्त विकास की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे स्वदेशी तकनीकी समाधानों को बढ़ावा मिलेगा, बाहरी निर्भरता में कमी आएगी तथा आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को बल मिलेगा।

अधिकारियों ने बताया कि यह एमओयू भिलाई इस्पात संयंत्र की डिजिटल परिवर्तन, तकनीकी आधुनिकीकरण एवं मानव संसाधन क्षमता विकास की सतत यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पहल न केवल क्षेत्रीय कौशल विकास को नई दिशा प्रदान करेगी, बल्कि भारत सरकार की स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत जैसी राष्ट्रीय पहलों को भी सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

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