भिलाई

इस्पात गलन शाला–3 में राजभाषा कार्यशाला का आयोजन…

भिलाई इस्पात संयंत्र, इस्पात गलन शाला–3 के कॉन्फ्रेंस हॉल में राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में इस्पात गलन शाला–3 में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों तथा विभिन्न एजेंसियों के 37 कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे मुख्य महाप्रबंधक (इस्पात गलन शाला–3) त्रिभुवन बैठा।

कार्यशाला में सुशील कामड़े, सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन–स्टील ज़ोन 1), प्रकाश आत्मपूज्य, सहायक महाप्रबंधक (प्रचालन), नीरज कुमार दुबे, वरिष्ठ प्रबंधक (प्रचालन), उमेश कोरे, उप प्रबंधक (क्रेन मेंटेनेन्स-मेकेनिकल), तुषार रविन्द्र अगलावे, उप प्रबंधक (प्रचालन), सुश्री सरस्वती, सहायक प्रबंधक (प्रचालन) सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्य महाप्रबंधक (इस्पात गलन शाला–3), त्रिभुवन बैठा ने राजभाषा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए सभी कार्मिकों को अपने दैनिक कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्थापना काल से ही इस्पात गलन शाला–3 ने निष्पादन के समग्र क्षेत्रों सहित हिंदी में कार्यालयीन कार्यों की दिशा में भी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, यही कारण है कि विभाग को ‘निदेशक प्रभारी राजभाषा वैजयंती पुरस्कार’ मिला है। उत्कृष्टता की इस परंपरा को निरंतर जारी रखने विभाग पूर्णतः संकल्पित है।

उमाशंकर परगनिहा, महाप्रबंधक एवं विभागीय राजभाषा समन्वय अधिकारी, इस्पात गलन शाला–3 ने राजभाषा के शत-प्रतिशत कार्यान्वयन के लिए कार्यपालक निदेशक द्वारा जारी जाँच बिंदुओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में निर्धारित चेक प्वाइंट्स के अनुपालन तथा राजभाषा कार्यों की सतत निगरानी की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम को रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए हिंदी मुहावरों की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार तुषार रविन्द्र अगलावे, उप प्रबंधक (प्रचालन), सुश्री सीमा शर्मा, इंजीनियरिंग एसोसिएट, पन्नालाल सिन्हा, इंजीनियरिंग एसोसिएट तथा अभिजीत सिंह, इंजीनियरिंग एसोसिएट को प्रदान किया गया। द्वितीय पुरस्कार विजेता रहे ललित उपाध्याय, इंजीनियरिंग एसोसिएट तथा तृतीय पुरस्कार विकास राज दुबे, इंजीनियरिंग एसोसिएट ने जीता।

कार्यशाला में जितेन्द्र दास मानिकपुरी, उप प्रबंधक (संपर्क व प्रशासन–राजभाषा) ने राजभाषा की अनिवार्यता तथा राजभाषा से संबंधित विभिन्न अधिनियमों एवं प्रावधानों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने सरल एवं सहज हिंदी के प्रयोग पर जोर देते हुए गूगल वॉइस टायपिंग का प्रशिक्षण दिया तथा सजीव प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से हिंदी में कार्य करना और भी सरल एवं सुविधाजनक बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम का सफल संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन उमाशंकर परगनिहा, महाप्रबंधक एवं विभागीय राजभाषा समन्वय अधिकारी, इस्पात गलनशाला–3 ने किया। कार्यशाला के आयोजन में सुश्री सीमा शर्मा, इंजीनियरिंग एसोसिएट का विशेष योगदान रहा।

कार्यशाला के दौरान सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रहमान द्वारा ‘ज़ीरो टॉलरेंस रूल’ के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि, इस संबंध में हिंदी में तैयार किए गए स्टिकर एवं पोस्टर संयंत्र के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शित किए गए हैं, जिससे कर्मचारियों एवं कार्यबल में सुरक्षा के प्रति जागरूकता को और सुदृढ़ किया जा सके।

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