
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से बेहद अजीबोगरीब खबर है. यहां 29 अक्टूबर की रात आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक शख्स की ‘मांस खाने वाले बैक्टीरिया’ के इंफेक्शन से मौत हो गई. इस मामले को लेकर डॉक्टरों ने कहा कि मांस खाने वाले बैक्टीरिया को मेडिकल की भाषा में नेक्रोटाइजिंग फैशिआइटिस कहते हैं. इस तरह का इंफेक्शन बहुत कम लोगों को होता है. यह चमड़ी और उसके टिशु के नीचे होता है. अगर इसका समय पर पता न चले और इलाज जल्दी शुरू न हो तो यह तुरंत इंसान की जान ले लेता है.
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, 44 साल के मृतक का नाम मृमोय रॉय था. वह माध्यमग्राम का रहने वाला था. कुछ दिनों पहले वह ट्रेन से गिर गया था. इस वजह से लोहे की रोड उसके निचले हिस्से से रगड़ गई थी और वह घायल हो गया था. शुरुआती एक हफ्ते तक उसका इलाज स्थानीय नर्सिंग में होम में हुआ. जब उसकी स्थिति गंभीर होने लगी तो उसे 23 अक्टूबर को आरजीकेएमसीएच ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया.
शरीर के नाजुक अंग तक पहुंच गया था इंफेक्शन –
मृमोय का इलाज करने वाले डॉक्टर हिमांशु रॉय ने कहा, ‘मरीज की हालत बेहद गंभीर थी. उसके शरीर में जहर फैला हुआ था. हमने बिना देरी किए उसे तुरंत सर्जरी इंटेंसिव केयर यूनिट (SICU) में भर्ती किया. यहां वेटिंलेटर पर रखकर उनका इलाज शुरू कर दिया गया.’ इलाज के दौरान डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि की कि मरीज के शरीर में नेक्रोटाइजिंग फैशिआइटिस मौजूद है. तब तक इंफेक्शन मरीज के शरीर के निचले हिस्से और नाजुक अंग को खा चुका था.
नहीं बच सकी मरीज की जान –
हिमांशु ने बताया कि मांस खाने वाले बैक्टीरिया ने मरीज के शरीर को जबरदस्त संक्रमित कर दिया था और उसकी हालत गंभीर हो गई थी. बैक्टीरिया चमड़ी से होते हुए उसके नाजुक टिशु में प्रवेश कर गया था. मरीज को बड़ी मात्रा में एंटीबायोटिक और बाकी दवाइयां देने की कोशिश की गई, लेकिन वह बच नहीं सका.
खून का बहाव रोक देता है ये बैक्टीरियाॉ –
डॉक्टरों ने बताया कि मांस खाने वाला बैक्टीरिया रक्त कोशिकाओं पर सबसे पहले हमला करता है. इससे खून की बहाव रुक जाता है और वह टिशु तक नहीं पहुंचता. इसके बाद पूरे शरीर में खून का बहाव रुक जाता है. चूंकि, मृमोय को शराब पीने की भी आदत थी. इसकी वजह से उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम थी.
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