इंदिरा गांधी महाविद्यालय में गूंजा ‘हर घर स्वदेशी, हर युवा उद्यमी’ का संदेश…
वैशाली नगर के शासकीय महाविद्यालय में विद्यार्थियों को उद्यमिता, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जुड़ने का आह्वान

भिलाई । इंदिरा गांधी शासकीय महाविद्यालय, वैशाली नगर में विद्यार्थियों के बीच स्वदेशी, स्वावलंबन और उद्यमिता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वावलंबी भारत अभियान एवं भिलाई चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के तत्वावधान में आयोजित उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भविष्य में रोजगार के अवसर तलाशने के साथ-साथ स्वयं रोजगार और व्यवसाय के अवसर तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान “हर घर स्वदेशी, हर युवा उद्यमी” का संदेश विद्यार्थियों तक पहुंचाया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा, “यही समय है—सही समय है। आइए, मिलकर भारत को समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर बनाएं।” उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता की शुरुआत व्यक्ति के अपने संकल्प से होती है। विद्यार्थियों को अपने घरों में अधिक से अधिक देश में निर्मित उत्पादों के इस्तेमाल की आदत विकसित करने और स्वदेशी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
अजय भसीन ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ उद्यम और व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी शिक्षा के साथ काम करना चाहते हैं, उन्हें इंटर्नशिप के माध्यम से कार्य के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा और कौशल को रोजगार एवं व्यवसाय के अवसरों में बदलने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
युवाओं के लिए स्किल ट्रेनिंग पर जोर
कार्यक्रम में भिलाई चेम्बर के अध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्र ने युवाओं के कौशल विकास पर बात रखी। उन्होंने बताया कि जो युवा अपनी स्किल को बेहतर बनाना चाहते हैं, उनके लिए स्वावलंबी केंद्र के माध्यम से विभिन्न स्किल ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाले के रूप में तैयार करने के बजाय उन्हें रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में भी अवसर और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल विकसित करने तथा भविष्य में उसे व्यवसायिक अवसरों से जोड़ने की बात कही।
गार्गी शंकर मिश्र ने कहा कि भारत की बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। युवाओं के कौशल, नवाचार और उद्यमिता को सही दिशा मिलने पर आर्थिक और सामाजिक विकास में योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के साथ-साथ स्थानीय उद्यमियों और व्यवसायों को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
संघर्ष की कहानियों से विद्यार्थियों को मिला संदेश
कार्यक्रम के दौरान पूर्णिमा जी और सरोजिनी पाणिग्रही जी के संघर्ष, मेहनत और उद्यमिता कौशल के माध्यम से सफल व्यवसाय खड़ा करने के उदाहरण विद्यार्थियों के सामने रखे गए। उनकी जीवन यात्रा और व्यवसायिक अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि सही सोच, कौशल, मेहनत और निरंतर प्रयास से अपने लिए नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया कि उद्यमिता केवल व्यवसाय शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नए विचारों को विकसित करना, समस्याओं के समाधान तलाशना और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करना भी इसका हिस्सा है।
भारत की व्यापारिक परंपरा का उल्लेख
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सुनील मिश्रा ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और व्यापारिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने गणित और ज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने शून्य और दशमलव जैसी गणितीय अवधारणाओं का उल्लेख करते हुए भारत की बौद्धिक परंपरा पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि भारत की व्यापार और व्यवसाय से जुड़ी भी एक लंबी परंपरा रही है। वर्तमान समय में युवाओं की प्रतिभा, कौशल, नवाचार और उद्यमिता का उपयोग देश की आर्थिक क्षमता को मजबूत करने में किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा को व्यावहारिक कौशल से जोड़ने और नए अवसरों की तलाश करने का आह्वान किया।
स्कूल-कॉलेजों में लगातार चल रहा अभियान
आयोजकों के अनुसार, 4 सितंबर से 5 अक्टूबर तक चल रहे “उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रम” के माध्यम से विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों के बीच स्वदेशी, उद्यमिता, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराने, कौशल प्रशिक्षण के अवसरों की जानकारी देने और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार एवं व्यवसाय की संभावनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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