मध्यप्रदेश

संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना तथा कुपोषण दूर करना स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी – कमिश्नर शीलेंद्र सिंह

स्वास्थ्य विभाग के सभी चिकित्सक एवं कर्मचारी जिलों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दें, किसी भी स्थिति में गर्भवती महिलाओं की जान को खतरे में डालते हुए घर में प्रसव न कराया जाए, प्रसव हर हाल में अस्पताल में हो। स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी लगातार फील्ड में भ्रमण करें।

उक्त निर्देश रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ऊर्जा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जल संसाधन विभाग, पीएचई, जल निगम विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक में दिए।  कमिश्नर ने एएनसी रजिस्ट्रेशन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और निर्देश दिए कि किसी भी जिले में एएनसी रजिस्ट्रेशन 95 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए।

इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के कर्मचारियों को सभी गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन कर उनकी प्रथम माह से 9 माह तक नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराने के निर्देश दिए। गर्भवती महिला यदि एनिमिक है या सीवियर एनिमिक है तो तत्काल उन्हें उच्च स्तर की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए। कमिश्नर ने कहा कि गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों में कुपोषण दूर करना स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, उन्होंने आगामी सोमवार से सभी ग्राम पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर गर्भवती महिलाओं के एएनसी चेकअप कराने के निर्देश दिए।

कमिश्नर ने कहा कि यदि किसी गर्भवती महिला की उपचार के दौरान या प्रसव के दौरान मृत्यु होती है तो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग जिम्मेदार होंगे और ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग व महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों पर जिम्मेदारी अधिरोपित की जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि अनमोल पोर्टल एवं पोषण ट्रैकर एप पर स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से एकरूप एंट्री अनिवार्य रूप से अपलोड करेंगे।

उन्होंने समस्याग्रस्त क्षेत्र में विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन के कार्य में गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने रीवा जिले में स्वास्थ्य के हर पैरामीटर पर किए गए गुणवत्ताविहीन कार्य पर सख्त नाराज़गी व्यक्त की और कहा कि ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर यदि कर्मचारी कार्य ठीक से नहीं करेंगे तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कारवाई की जाएगी। कमिश्नर ने मातृ मृत्यु दर, एनआरसी एडमीशन, निक्षय शिविर स्कैनिंग, भूख की जांच वाले सेम बच्चे, पोषण किट, एक्स-रे, टीकाकरण, आयुष्मान कार्ड की प्रगति की समीक्षा की और सभी में अपेक्षित परिणाम लाने के निर्देश दिए ।

कमिश्नर ने स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूली बच्चों के शैक्षणिक एवं मानसिक स्तर में व्यापक सुधार करें, कक्षा आठवीं तक के बच्चों को लिखना, पढ़ना, जोड़, घटाना और गिनती अनिवार्य रूप से आनी चाहिए। कमिश्नर ने कहा कि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष सभी शिक्षक उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम दें।

उन्होंने शिक्षा की क्वालिटी सुधारने के निर्देश दिए और कहा कि वर्तमान में दी जा रही शिक्षा से बच्चों का पर्याप्त शैक्षणिक एवं विकास नहीं हो पा रहा है। कमिश्नर ने कहा कि यदि हम बच्चों को स्किल्ड बनाएंगे तो बच्चे आगे जाकर एक जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास करना शिक्षकों की जिम्मेदारी है।

कमिश्नर ने आगामी 15 दिवस में पाठ्य पुस्तक एवं साइकिल वितरण का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए और कहा कि सभी बच्चों की अपार आईडी प्राथमिकता से बनाई जाए। यदि अपार आईडी बनाने में जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक मैं यदि कोई त्रुटि है तो सभी संबंधित अधिकारी मिलकर त्रुटि में सुधार कर अपार आईडी बनाने में सहयोग करें। कमिश्नर ने बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि कक्षा 11वीं एवं कक्षा 12वीं के बच्चों के लिए रिमेडियल क्लास लगाई जाएं, साथ ही बच्चों को जेईई और नीट की तैयारी भी कराई जाए।

कमिश्नर ने कहा कि इनकी तैयारी के लिए बाहर से विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे, बच्चों को नि:शुल्क ऑनलाइन क्लास के माध्यम से जेईई और नीट की तैयारी कराई जाएगी। कमिश्नर ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह शिक्षकों के माध्यम से बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए तैयार करें।

कमिश्नर ने 15 दिवस में सभी स्कूली बच्चों के शत प्रतिशत नामांकन बनवाने के भी निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि आगामी 6 माह में सेवानिवृत्त होने वाले सभी शिक्षकों का डाटा अभी से बुलाकर सभी के सेवानिवृत्ति के प्रकरण तैयार किए जाएं और सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी शिक्षकों को पीपीओ प्रदान कर दिया जाए।

ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए की ऊर्जा विभाग के अधिकारी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित करें उन्होंने धरती आबा कार्यक्रम के अंतर्गत विद्युत से संबंधित सभी कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए और कहा कि जहां ट्रांसफार्मर खराब हो चुके हैं उन्हें प्राथमिकता से सुधारा जाए और जहां जहां ट्रांसफार्मर की मांग है वहां पर प्राथमिकता से ट्रांसफार्मर स्थापित किये जाएं। कमिश्नर ने शहरी क्षेत्र में लगाए जा रहे हैं स्मार्ट मीटर के कार्य की प्रगति की समीक्षा की और निर्देश दिए की मजरों-टोलों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का कार्य समय सीमा में पूरा कर लिया जाए।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने सभी जिले के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जिलेवार स्वीकृत सभी नल जल योजनाएं शीघ्रता से पूरी करें। यदि कोई ठेकेदार नलजल योजना के कार्य में गंभीरता पूर्वक कार्य नहीं कर रहा है या अपूर्ण छोड़ रहा है तो ऐसे कांट्रैक्टरों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए।

कमिश्नर ने कहा कि भारत सरकार से दिसंबर माह तक ही नल जल योजनाओ के लिए राशि प्राप्त होगी। अतः दिसंबर से पूर्व सभी नल जल योजनाएं पूर्ण कर ली जाएं। कमिश्नर ने पाइपलाइनों में टूट-फूट और खराब हैण्डपंपों के सुधार के निर्देश दिए। जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने संयुक्त संचालक जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी जिलों में वन अधिकार दावों की जांच का कार्य पूरा किया जाए।

कमिश्नर ने निर्देश दिए कि छात्रावासों के रखरखाव के लिए आने वाली राशि समय पर छात्रावासों को उपलब्ध कराई जाए। सभी छात्रावासों में साफ-सफाई एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। छात्रावास में बेडशीट, तकिया एवं अन्य सामग्री स्वच्छ एवं साफ रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री जन मन के तहत बहुउद्देशीय भवन निर्माण कार्य की जानकारी ली और निर्देश दिए की धरती आबा योजना में विकास के जो कार्य लिए गए हैं उन्हें पूरा किया जाए।

जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने गंगा कछार अंतर्गत निर्माणाधीन योजनाओ की जानकारी ली और निर्देश दिए कि रबी सीजन में खेतों को पानी मिले। इसके लिए अभी से कार्य योजना बना ली जाए। नर्मदा घाटी विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने नागौद-सतना शाखा नहर, भू अर्जन में कार्यवाही और रीवा शाखा नहर की अदयतन स्थिति की समीक्षा की।

जल निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह घरों में सप्लाई होने वाली पेयजल की गुणवत्ता का स्तर मेंटेन करें और बीच-बीच में गुणवत्ता चेक करते रहे। समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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