ऑनलाइन सट्टे के लेन-देन में इस्तेमाल हो रहा म्यूल बैंक खाता, खरीद-बिक्री करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार…
दुर्ग पुलिस की सुपेला थाना टीम की कार्रवाई, 4 मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और 3 एटीएम कार्ड जब्त; बैंक खाता के जरिए रकम के लेन-देन की जांच जारी

भिलाई/दुर्ग। ऑनलाइन सट्टे के वित्तीय लेन-देन में कथित रूप से इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खाता की खरीद-बिक्री के मामले में दुर्ग जिले की सुपेला पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी दूसरे व्यक्तियों से बैंक खाते कम कीमत पर खरीदकर अधिक कीमत पर आगे बेचने का काम कर रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के खातों के जरिए ऑनलाइन सट्टा पैनल में रकम के लेन-देन और क्यूआर कोड से प्राप्त राशि को दूसरे खाते में अंतरित करने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, एक बैंक पासबुक और तीन एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में अन्य संबंधित व्यक्तियों और बैंक खातों के इस्तेमाल की भूमिका की जांच जारी है।
मुखबिर की सूचना पर दाऊ बाड़ा तालाब के पास कार्रवाई
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को थाना सुपेला पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि नीरज गायकवाड़ और उसका साथी अंशु साव ऑनलाइन सट्टे के लेन-देन में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों की खरीद-बिक्री कर रहे हैं। सूचना के मुताबिक, दोनों दाऊ बाड़ा तालाब के पास मौजूद थे।
सूचना के आधार पर सुपेला पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक पूछताछ में बैंक खातों की खरीद-बिक्री से संबंधित जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने प्रकरण में आवश्यक साक्ष्य संकलित किए।
88 हजार रुपये में खरीदे खाते, एक लाख में बेचने की जानकारी
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान नीरज गायकवाड़ ने अंशु साव से आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के चार खाते 88 हजार रुपये में खरीदने और उन्हें सिकंदर नामक व्यक्ति को एक लाख रुपये में बेचने की जानकारी दी।
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि इन खातों में से एक खाते का उपयोग ऑनलाइन सट्टा पैनल से जुड़े लेन-देन में किया गया। क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त रकम को सिकंदर द्वारा बताए गए बैंक खाते में अंतरित करने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, इस काम के बदले प्रतिमाह 25 हजार रुपये मिलने की जानकारी दी गई है। इन तथ्यों की पुष्टि के लिए पुलिस वित्तीय लेन-देन और संबंधित खातों की जांच कर रही है।
80 हजार में खरीदे थे चार खाते, 88 हजार में बेचे
पुलिस के मुताबिक, दूसरे आरोपी अंशु साव ने पूछताछ में करण सागरिया से आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के चार म्यूल खाते 80 हजार रुपये में खरीदकर नीरज गायकवाड़ को 88 हजार रुपये में बेचने की जानकारी दी।
इस प्रकार प्रारंभिक पूछताछ में बैंक खातों की खरीद-बिक्री की एक कड़ी सामने आई है। पुलिस अब खातों के वास्तविक धारकों, उनके इस्तेमाल, संबंधित लेन-देन और इस गतिविधि से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
चार मोबाइल, बैंक पासबुक और तीन एटीएम कार्ड जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना से संबंधित सामग्री जब्त की है। इसमें चार मोबाइल फोन शामिल हैं, जिनमें से दो नीरज गायकवाड़ और दो अंशु साव के कब्जे से मिले। इसके अलावा एक बैंक पासबुक और तीन एटीएम कार्ड भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस इन सामग्रियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना कर रही है। प्रकरण में अपराध क्रमांक 1552/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4) एवं 3(5) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में नीरज गायकवाड़ (25 वर्ष), निवासी कृष्णा नगर, अंबेडकर चौक, सुपेला, जिला दुर्ग तथा अंशु साव (22 वर्ष), निवासी स्पर्श अस्पताल के पास, पुरानी बस्ती, सतनामी पारा, सुपेला, भिलाई, जिला दुर्ग शामिल हैं।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
बैंक खातों की खरीद-बिक्री से जुड़ा मामला
प्रारंभिक जांच के अनुसार, म्यूल बैंक खातों की खरीद-बिक्री के जरिए ऐसे बैंक खातों को आगे उपलब्ध कराया जा रहा था, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टे से जुड़े वित्तीय लेन-देन में किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस संबंधित खातों में हुए लेन-देन, क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त रकम और उसे दूसरे खातों में अंतरित किए जाने की प्रक्रिया की जांच कर रही है।
जांच के दौरान खाताधारकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।
कार्रवाई में इनकी रही भूमिका
इस कार्रवाई में थाना सुपेला के थाना प्रभारी निरीक्षक एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक चितराम ठाकुर तथा आरक्षक कमल याहू और मनोज सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल नंबर या बैंक खाते से जुड़ी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। कम समय में अधिक कमाई के लालच में बैंक खाते किराये पर देना या बेचना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को अपने बैंक खाते के दुरुपयोग की आशंका हो, तो वह तत्काल संबंधित बैंक और पुलिस को सूचना दे। ऑनलाइन सट्टे या संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारी साझा कर नागरिक अपराध नियंत्रण में सहयोग कर सकते हैं।
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