bhilai-steel-plantchhattisgarhकैरियरछत्तीसगढ़टेक्नोलॉजीभिलाईयूटिलिटी न्यूज

बीएसपी बनेगा दुर्ग आईटीआई क्लस्टर का एंकर इंडस्ट्री पार्टनर, युवाओं को आईटीआई में मिलेगा उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण…

पीएम-सेतु योजना के तहत छत्तीसगढ़ शासन और भिलाई इस्पात संयंत्र के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर, आईटीआई के आधुनिकीकरण से रोजगार और अप्रेंटिसशिप के अवसरों को मिलेगा बढ़ावा

भिलाई/रायपुर। छत्तीसगढ़ में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) ने प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत बीएसपी दुर्ग हब-एंड-स्पोक आईटीआई क्लस्टर के उन्नयन में एंकर इंडस्ट्री पार्टनर की भूमिका निभाएगा। इसका उद्देश्य आईटीआई में प्रशिक्षण सुविधाओं को आधुनिक बनाना और युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।

यह समझौता 13 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव डॉ. बसवराजू एस. की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में हुआ एमओयू

समझौता कार्यक्रम के दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार के नेतृत्व में बीएसपी और राज्य शासन के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। राज्य शासन की ओर से संचालक, रोजगार एवं प्रशिक्षण हेमंत रमेश नंदनवार तथा सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास) संजीव कुमार श्रीवास्तव ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौते से उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने का रास्ता तैयार होगा। इसके माध्यम से युवाओं को औद्योगिक क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण देने और रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।

दुर्ग आईटीआई बनेगा क्लस्टर का हब

पीएम-सेतु योजना के तहत प्रस्तावित दुर्ग हब-एंड-स्पोक आईटीआई क्लस्टर में शासकीय आईटीआई, दुर्ग को हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ चार अन्य संस्थानों को स्पोक संस्थानों के रूप में शामिल किया गया है।

क्लस्टर में शामिल संस्थान:

  • शासकीय आईटीआई, दुर्ग — हब संस्थान
  • शासकीय आईटीआई, भिलाई
  • शासकीय महिला आईटीआई, भिलाई
  • शासकीय आईटीआई, डौंडीलोहारा
  • शासकीय आईटीआई, राजनांदगांव

इस क्लस्टर आधारित व्यवस्था का उद्देश्य प्रशिक्षण संसाधनों और सुविधाओं का बेहतर उपयोग करना तथा विभिन्न संस्थानों में कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।

आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रयोगशालाओं पर रहेगा जोर

पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत आईटीआई की प्रशिक्षण अधोसंरचना के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत कार्यशालाओं और प्रयोगशालाओं का उन्नयन करने के साथ उद्योग-अनुरूप तथा उभरती प्रौद्योगिकियों पर आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा।

योजना का प्रमुख उद्देश्य प्रशिक्षणार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक कौशल से भी लैस करना है। आधुनिक उपकरणों और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था के माध्यम से युवाओं को औद्योगिक कार्यप्रणाली की समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।

इसके साथ ही संकाय विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रशिक्षक नई तकनीकों और उद्योगों की बदलती मांगों के अनुरूप प्रशिक्षण दे सकें।

ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट को मिलेगा बढ़ावा

युवाओं को रोजगार के लिए अधिक सक्षम बनाने के उद्देश्य से कार्यस्थल आधारित प्रशिक्षण यानी ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट के अवसरों को बढ़ावा दिया जाएगा। उद्योगों से सीधे जुड़ाव के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को वास्तविक कार्य परिस्थितियों का अनुभव प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा करियर मार्गदर्शन और मेंटरिंग जैसी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे युवाओं को अपनी रुचि, योग्यता और औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के अनुरूप करियर चुनने में सहायता मिल सकेगी।

उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किए गए पाठ्यक्रम और व्यावहारिक प्रशिक्षण से कुशल जनशक्ति की उपलब्धता बढ़ाने तथा रोजगार के अवसरों तक युवाओं की पहुंच बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

महिला प्रशिक्षणार्थियों के कौशल विकास को भी प्राथमिकता

इस पहल में महिलाओं के कौशल विकास के अवसरों को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण सुविधाओं और रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

क्लस्टर में शासकीय महिला आईटीआई, भिलाई की भागीदारी इस दिशा में महत्वपूर्ण है। कौशल प्रशिक्षण, करियर मार्गदर्शन, मेंटरिंग और प्लेसमेंट सहायता के माध्यम से महिला प्रशिक्षणार्थियों को भी औद्योगिक क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

उद्योग-नेतृत्व वाले एसपीवी के माध्यम से होगा क्लस्टर का उन्नयन

पीएम-सेतु योजना के तहत चिन्हित आईटीआई क्लस्टर का उन्नयन और प्रबंधन उद्योग-नेतृत्व वाले विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) के माध्यम से किया जाएगा। इसमें सेल/बीएसपी की बहुलांश हिस्सेदारी होगी।

योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उद्योग की सहभागिता से आधुनिक कौशल विकास अधोसंरचना तथा प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास के लिए समन्वित निवेश की व्यवस्था की जाएगी। उद्योग की भागीदारी से प्रशिक्षण व्यवस्था को रोजगार बाजार की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।

स्किल इंडिया और विकसित भारत के लक्ष्य को मिलेगी मजबूती

छत्तीसगढ़ शासन और भिलाई इस्पात संयंत्र के बीच हुआ यह समझौता राज्य में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को अधिक रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आईटीआई के आधुनिकीकरण, उद्योग आधारित पाठ्यक्रमों, व्यावहारिक प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सहायता के जरिए युवाओं को बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस पहल से कुशल जनशक्ति की उपलब्धता बढ़ाने, युवाओं के लिए कौशल विकास एवं रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहित करने और उद्योग तथा शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायता मिल सकती है। साथ ही, यह केंद्र सरकार के ‘स्किल इंडिया’ और ‘विकसित भारत’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में भी योगदान देगी।

संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे      https://jantakikalam.com/

इन खबरों का लाभ लेने के लिए अपने परिचितों को फॉरवर्ड करना ना भूलें।

खबरों और विज्ञापन के लिये सम्पर्क करे
[email protected]
मो. – 9827156570

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button