
भिलाई। मशहूर ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह की कालजयी ग़ज़लों ने एक बार फिर संगीत प्रेमियों को उनकी सुरीली दुनिया की सैर कराई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएँ विभाग द्वारा महात्मा गांधी कला मंदिर, सिविक सेंटर में ‘स्वरांजलि’ संगीतमय संध्या का आयोजन किया गया। जगजीत सिंह की स्मृति को समर्पित इस कार्यक्रम में उनकी सदाबहार ग़ज़लों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को संगीत के सुनहरे दौर की यादों से जोड़ दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार उपस्थित रहे। संगीतमय प्रस्तुतियों के दौरान सभागार में ग़ज़लों की मिठास और सुरीले संगीत का खास माहौल देखने को मिला।
प्रभंजय चतुर्वेदी और अंजलि शुक्ला तिवारी की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
संगीत संध्या में राष्ट्रीय स्तर के ग़ज़ल एवं भजन गायक प्रभंजय चतुर्वेदी तथा आकाशवाणी एवं दूरदर्शन की स्थापित कलाकार अंजलि शुक्ला तिवारी ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बनाया।

कलाकारों ने जगजीत सिंह के लंबे और गौरवशाली संगीत सफर की चुनिंदा लोकप्रिय ग़ज़लों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों को उपस्थित संगीत प्रेमियों ने सराहा। कार्यक्रम ने ग़ज़ल गायकी की उस परंपरा को फिर से महसूस करने का अवसर दिया, जिसमें भावपूर्ण आवाज, अर्थपूर्ण शब्द और सादगी भरा संगीत श्रोताओं के दिलों तक पहुंचता है।
जगजीत सिंह के साथ मंच साझा कर चुके रईस शाह की वायलिन संगत रही खास
‘स्वरांजलि’ की प्रमुख विशेषताओं में मुंबई के राष्ट्रीय स्तर के वायलिन वादक रईस शाह की संगत शामिल रही। रईस शाह जगजीत सिंह के साथ भी कई कार्यक्रमों में संगत कर चुके हैं। उनकी वायलिन की मधुर धुनों ने ग़ज़लों की भावनात्मक अभिव्यक्ति को और प्रभावशाली बनाया।

कार्यक्रम में अन्य वाद्य कलाकारों ने भी अपनी प्रतिभा से संगीत संध्या में चार चांद लगाए। तबले पर भालचंद्र शेगेकर, बाँसुरी पर दुष्यंत हरमुख, की-बोर्ड पर साईं चक्रवर्ती, ऑक्टोपैड पर देवव्रत मजुमदार और शहनाई पर सतीश सिन्हा ने सजीव संगीत संगत प्रदान की।
वाद्य यंत्रों के सुरीले तालमेल ने प्रस्तुतियों को प्रभावशाली बनाया और श्रोताओं को ग़ज़ल संगीत की विविधता का अनुभव कराया।
बीएसपी की सांस्कृतिक पहल ने संगीत प्रेमियों को दिया खास अवसर
कार्यक्रम का आयोजन सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएँ विभाग द्वारा उप महाप्रबंधक (क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएँ) राजेन्द्र प्रसाद के मार्गदर्शन में किया गया।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। ‘स्वरांजलि’ ने न केवल जगजीत सिंह की संगीत विरासत को स्मरण करने का अवसर दिया, बल्कि भिलाई में सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और भारतीय ग़ज़ल संगीत की समृद्ध परंपरा से लोगों को जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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