संसदीय प्राक्कलन समिति की बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा…
बिलासपुर में 24 घंटे नाइट लैंडिंग और जगदलपुर-अंबिकापुर उड़ानें बहाल करने की मांग

रायपुर/ऋषिकेश । संसदीय प्राक्कलन समिति के उत्तराखंड अध्ययन प्रवास के दौरान ऋषिकेश में हुई उच्चस्तरीय बैठकों में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ से जुड़े हवाई संपर्क, भारी उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र के मुद्दे उठाए। समिति की बैठकों में नागरिक उड्डयन, भारी उद्योग और विद्युत क्षेत्र से संबंधित विषयों की समीक्षा की गई। संसद की डिजिटल गैलरी के अनुसार प्राक्कलन समिति ने सितंबर 2026 में उत्तराखंड का अध्ययन दौरा किया था।

रायपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जे की मांग
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अधिकारियों की मौजूदगी में एयरपोर्ट विकास तथा UDAN योजना से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल को पूर्ण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा देने की मांग रखी।

उन्होंने कहा कि रायपुर की हवाई कनेक्टिविटी को और मजबूत करने से प्रदेश के यात्रियों के साथ-साथ व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी बेहतर संपर्क मिल सकता है।
बिलासपुर में नाइट लैंडिंग और क्षेत्रीय उड़ानों पर जोर
सांसद ने बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट, बिलासपुर पर नाइट लैंडिंग सुविधा को पूरी तरह प्रभावी करने और 24 घंटे कनेक्टिविटी की दिशा में काम करने की मांग भी रखी। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड में बिलासपुर एयरपोर्ट पर नाइट-लैंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्धारित उड़ानों के संचालन का उल्लेख है।

इसके साथ ही उन्होंने जगदलपुर और अंबिकापुर से बंद पड़ी
नियमित उड़ानों को बहाल करने की आवश्यकता बताई। उनके अनुसार बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों को राज्य और देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में हवाई सेवा की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
बैठक में Alliance Air और Pawan Hans के अधिकारी भी मौजूद रहे। बिलासपुर की उड़ान सेवाओं और अन्य कनेक्टिविटी से जुड़े विषय हाल के दिनों में भी चर्चा में रहे हैं।
खनिज संपदा का प्रदेश में हो अधिकतम मूल्य संवर्धन
भारी उपकरणों की उत्पादन क्षमता की समीक्षा से संबंधित बैठक में बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को राज्य के औद्योगिक विकास से जोड़ने की बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध लौह अयस्क और कोयले का अधिकतम मूल्य संवर्धन राज्य के भीतर किया जाना चाहिए।

उन्होंने आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के विस्तार और भारी उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उनके अनुसार इससे स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
बैठक के दौरान BHEL के CMD शिव कुमार मूर्ति ने समिति के सदस्यों का स्वागत किया। बैठक में भारी उद्योग मंत्रालय, BHEL और HEC के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
ऊर्जा परियोजनाओं की समयबद्धता और पर्यावरण पर चर्चा
“भारत में विद्युत परियोजनाएं – मुद्दे और चुनौतियां” विषय पर हुई बैठक में ऊर्जा उत्पादन, हाइड्रो प्रोजेक्ट्स और पारेषण व्यवस्था से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई।

बृजमोहन अग्रवाल ने बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने विकास कार्यों के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता भी बताई।
इस बैठक में केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के साथ NTPC, NHPC, THDC, PGCIL, PFC और REC के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रस्तावों पर निर्णय की उम्मीद
बृजमोहन अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि प्राक्कलन समिति के माध्यम से केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों के समक्ष रखे गए छत्तीसगढ़ से जुड़े प्रस्तावों पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस अध्ययन प्रवास में समिति द्वारा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े संस्थानों और अधिकारियों के साथ बैठकें की गईं। संसद की आधिकारिक डिजिटल गैलरी में भी समिति की उत्तराखंड अध्ययन यात्रा और BHEL प्लांट दौरे का उल्लेख दर्ज है।
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