
भिलाई/वैशाली नगर । दुर्ग जिले के भिलाई में वैशाली नगर पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और बिना वैध लाइसेंस हथियार रखने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 28 सितंबर 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कैंप-01 क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकदी, बैंकिंग दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री के साथ कई हथियार बरामद किए हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कार्रवाई गौसिया मस्जिद के पास, कैंप-01 भिलाई क्षेत्र में की गई। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि कुछ आम लोगों के बैंक खातों को प्राप्त कर उनका इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के तौर पर किया जा रहा था। इन खातों के माध्यम से संदिग्ध वित्तीय लेन-देन किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 2,97,650 नकद बरामद किए। इसके साथ ही बैंकिंग गतिविधियों से संबंधित सामग्री भी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, जब्त सामान में पंजाब ग्रामीण बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, Airtel एवं Idea के सिम कार्ड और मतदाता पहचान पत्र शामिल हैं। पुलिस अब इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के आधार पर संबंधित वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
बैंक खातों के जरिए लेन-देन की जांच
पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों को प्राप्त कर उन्हें म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी मिली है। ऐसे खातों के माध्यम से राशि के संदिग्ध लेन-देन की आशंका को देखते हुए बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन बैंक खातों के माध्यम से किस प्रकार के लेन-देन किए गए और उनसे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
तलाशी में 11 हथियार बरामद
वित्तीय लेन-देन से जुड़े मामले की कार्रवाई के दौरान पुलिस को आरोपियों के कब्जे से बिना वैध लाइसेंस के हथियार भी मिले। पुलिस के अनुसार, तलाशी में कुल 11 हथियार बरामद किए गए हैं। बरामद हथियारों में 01 एयरगन, 01 बड़ी तलवार, 01 छोटी तलवार, 02 लोहे की तलवार, 02 चापड़, 01 खुखरी, 01 साधारण धारदार हथियार और 01 बटनदार स्प्रिंग धारदार हथियार शामिल हैं।
हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस ने इस संबंध में अलग से कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 369/2026, धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं म्यूल अकाउंट एवं संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से संबंधित मामले में अपराध क्रमांक 370/2026, धारा 317(2), 317(4), 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सिम्मी उर्फ आलोक उर्फ आलू, उम्र 26 वर्ष, झरनजीत कौर उर्फ पूजा, उम्र 23 वर्ष, रंजीता कौर, उम्र 45 वर्ष और सिमरन कौर, उम्र 27 वर्ष शामिल हैं। पुलिस के अनुसार चारों आरोपी गौसिया मस्जिद के पास, कैंप-01 भिलाई, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग क्षेत्र के निवासी हैं।
पुलिस की ओर से जारी विवरण में सिम्मी उर्फ आलोक उर्फ आलू को घोषित गुंडा-बदमाश बताया गया है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित न्यायालयीन प्रक्रिया के अधीन होगी।
दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई में दो अलग-अलग अपराधों में वैधानिक कार्रवाई की गई है। पहला मामला संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और म्यूल अकाउंट से संबंधित है, जबकि दूसरा मामला बिना वैध लाइसेंस हथियार रखने से जुड़ा है।
दोनों मामलों में चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को विधिवत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड की कार्रवाई की जा रही है।
इलेक्ट्रॉनिक सामग्री से जुटाए जा रहे साक्ष्य
पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। ऐसे में जांच टीम बैंकिंग दस्तावेजों के साथ इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, इन सामग्रियों से संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और उससे जुड़े लोगों के संबंध में अतिरिक्त जानकारी मिलने की संभावना है।
जांच के दौरान बैंक खातों में हुए लेन-देन, खाताधारकों की जानकारी और इस्तेमाल किए गए बैंकिंग माध्यमों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस द्वारा मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से की अपील
इस कार्रवाई के बाद दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपने बैंकिंग साधनों को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि लोग अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, मोबाइल नंबर अथवा अन्य बैंकिंग साधन किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध न कराएं।
पुलिस के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के बैंक खाते का इस्तेमाल संदिग्ध या अवैध वित्तीय लेन-देन में होता है तो खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकता है। इसलिए नागरिकों को अपने बैंक खातों और उनसे जुड़े मोबाइल नंबर तथा अन्य दस्तावेजों की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध वित्तीय लेन-देन या अवैध हथियार से संबंधित गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
नोट: उपरोक्त जानकारी पुलिस द्वारा जारी विवरण पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालयीन प्रक्रिया में होने वाले निर्णय के अधीन होगी।
इन खबरों का लाभ लेने के लिए अपने परिचितों को फॉरवर्ड करना ना भूलें।
सोशल मीडिया लिंक
https://www.facebook.com/
https://twitter.com/
https://instagram.com/
https://whatsapp.com/channel/
खबरों की अपडेट पाने के लिये subscribe करे
www.jantakikalam.com.



