अन्‍यछत्तीसगढ़दुर्ग

थाना परिसरों से हटेंगे वर्षों पुराने 343 लावारिस वाहन…

स्वामियों की तलाश और दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूरी, अब एएसटीसी के जरिए होगी नियमानुसार नीलामी

दुर्ग। दुर्ग जिले के विभिन्न थाना परिसरों में वर्षों से खड़े लावारिस एवं ला-दावा दोपहिया वाहनों के निराकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वास्तविक स्वामियों की तलाश, सार्वजनिक सूचना और दावा-आपत्ति की निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 343 दोपहिया वाहनों की धारा 28 पुलिस एक्ट के तहत एएसटीसी के माध्यम से नीलामी की कार्रवाई की जा रही है।

लंबे समय से थाना परिसरों में खड़े इन वाहनों के कारण उपलब्ध स्थान का उपयोग प्रभावित हो रहा था। साथ ही थाना आने वाले नागरिकों और पुलिस कर्मचारियों के आवागमन में भी असुविधा हो रही थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए दुर्ग पुलिस ने वाहनों के वास्तविक स्वामियों और वैध दावेदारों की तलाश की प्रक्रिया शुरू की।

पुलिस द्वारा संभावित वाहन स्वामियों एवं उनके परिजनों से संपर्क किया गया। इसके साथ ही विभिन्न समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कराकर निर्धारित समयावधि में आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। निर्धारित अवधि में 343 वाहनों के संबंध में किसी वैध स्वामी अथवा दावेदार द्वारा स्वामित्व का दावा प्रस्तुत नहीं किया गया।

इसके बाद उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण कर आवश्यक दस्तावेजी एवं वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई। अब इन वाहनों के नियमानुसार निपटान के लिए नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

विभिन्न मॉडल होंगे नीलामी में शामिल

नीलामी में कुल 343 दोपहिया वाहन शामिल हैं। इनमें लूना, स्कूटी, स्कूटर, पल्सर, होंडा सीडी-100, पैशन, सीबी-जेड, टीवीएस स्पोर्ट, स्टार सिटी सहित विभिन्न कंपनियों और मॉडलों के वाहन शामिल हैं।

थाना परिसरों से हटेंगे वर्षों पुराने 343 लावारिस वाहन...

इन वाहनों के विधिवत निराकरण से थाना परिसरों में लंबे समय से अनुपयोगी रूप से घिरी जगह खाली होगी। इससे उपलब्ध परिसर का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा और आम नागरिकों तथा पुलिसकर्मियों के आवागमन में होने वाली परेशानी भी कम होगी।

नियमों के तहत पूरी हुई प्रक्रिया

पुलिस ने बताया कि वाहनों के उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद संभावित स्वामियों की जानकारी जुटाई गई। संपर्क के प्रयासों के साथ सार्वजनिक सूचना जारी की गई और दावा-आपत्ति का अवसर दिया गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद धारा 28 पुलिस एक्ट के तहत एएसटीसी के माध्यम से नीलामी की कार्रवाई प्रारंभ की गई है।

रक्षित केंद्र की टीम की रही अहम भूमिका

कार्रवाई में रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा तथा रक्षित केंद्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम द्वारा वाहनों से संबंधित अभिलेखों के परीक्षण, संभावित स्वामियों की जानकारी जुटाने, सार्वजनिक सूचना जारी कराने, दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूरी कराने तथा नीलामी के लिए आवश्यक वैधानिक एवं दस्तावेजी कार्रवाई संपादित की गई।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति का नीलामी में शामिल किसी वाहन पर वैध स्वामित्व संबंधी दावा है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित दस्तावेजों के साथ थाना भिलाई नगर में संपर्क कर अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है।

साथ ही पुलिस ने वाहन खरीदारों से अपील की है कि किसी भी वाहन की खरीदारी से पहले उसके स्वामित्व, पंजीयन और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की विधिवत जांच अवश्य करें।

 

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