संयंत्र के मानव संसाधन कार्यपालकों की राजभाषा कार्यशाला संपन्न

भिलाई इस्पात संयंत्र के इस्पात भवन, द्वितीय तल स्थित सभागार में महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन) ज्योतीन्द्र नाथ ठाकुर के मुख्य आतिथ्य में मानव संसाधन विभाग के कार्यपालकों के लिए राजभाषा कार्यशाला का आयोजन 15 जुलाई 2026 को किया गया।
इस अवसर पर महाप्रबंधक (मा.सं.-संकार्य) संजय द्विवेदी, महाप्रबंधक (मा.सं.-औद्योगिक संबंध एवं ठेका श्रमिक प्रकोष्ठ) राजीव कुमार, महाप्रबंधक (मा.सं., मिल्स-मेंटेनेन्स एण्ड सर्विसेस) प्रताप शेखर नायक, महाप्रबंधक (मा.सं.-वेफेयर एण्ड कैन्टीन) सुरजीत मल्लिक, उप महाप्रबंधक (मा.सं.- कार्मिक सेवाएँ) मनीष पंत सहित बड़ी संख्या में मानव संसाधन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि ज्योतीन्द्र नाथ ठाकुर, महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन) ने अपने उद्बोधन में कहा कि, हम सभी हिंदी भाषी भारतीयों को हिंदी में कार्यालयीन कार्य करना, पत्राचार, नोटिंग, ई-मेल तथा वार्तालाप करना गर्व की अनुभूति देता है। हमारा संयंत्र राष्ट्रीय कर्तव्यों के निर्वहन में सदैव ही अग्रणी रहा है। हमें अपने राष्ट्रीय कर्तव्यों का पालन करने में आत्मगौरव की अनुभूति होती है। हिंदी में कार्यालयीन कार्य हमारी सांविधिक आवश्यकता ही नहीं, राष्ट्रीय कर्तव्य भी है।
राजभाषा नीति के कार्यान्वयन व अनुपालन में भी हमें अग्रणी रहना है। हम सबको चाहिए कि, हिंदी में हस्ताक्षर करें तथा जब भी कुछ कार्यालयीन लेखन करें, कम से कम चार-पाँच पंक्तियाँ हिंदी में अवश्य लिखें। उन्होंने कहा कि, कार्मिक विभाग शतप्रतिशत पत्राचार हिंदी में करने को प्रतिबद्ध है।
राजीव कुमार, महाप्रबंधक (मा.सं.-औद्योगिक संबंध एवं ठेका श्रमिक प्रकोष्ठ) ने राजभाषा हिंदी में कार्यालयीन कार्यों की अनिवार्यता, राजभाषा नीति, विभिन्न प्रावधानों तथा संसदीय समिति द्वारा निरीक्षण के परिपेक्ष्य में दैनंदिन कार्यों में हिंदी के महत्त्व का विशेष उल्लेख किया।
संजय द्विवेदी, महाप्रबंधक (मा.सं.-संकार्य) ने समूचे भारत में हिंदी की व्यापकता के विषय में उल्लेख करते हुए बताया कि, भारत के भिन्न-भिन्न भाषा भाषी प्रदेशों के व्यक्तियों के मध्य भी संवाद की सरल भाषा है हिंदी, हिंदी हमारी प्रगति में सहायक है, अतः हमें हिंदी पर गर्व होना ही चाहिए।
विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विभागीय राजभाषा समन्वय अधिकारी एवं सहायक महाप्रबंधक (मा.सं.- आयरन एण्ड स्टील) रोहित हरित ने बताया कि विभाग में कार्मिकों के व्यक्तिगत विषयों से जुड़े कार्यों की अधिकता रहती है, अतः कार्मिकों से हमारी संवाद की भाषा तो हिंदी है ही, साथ ही कार्यालयीन कार्य भी हिंदी में किए जाते हैं।
हिंदी के प्रति अनुराग जागृत करने समय-समय पर आयोजित विविध कार्यक्रमों में प्रतिभागिता हेतु कार्मिकों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाता है। यही कारण है कि संयंत्र स्तरीय वार्षिक हिंदी पुरस्कारों में मानव संसाधन विभाग को प्रतिवर्ष पुरस्कृत किया जाता है। उन्होंने बताया कि जून समाप्त तिमाही में मानव संसाधन विभाग का हिंदी में पत्राचार 99.95 प्रतिशत है, जिसे शत-प्रतिशत करने हम निरंतर प्रयासरत हैं।
इस अवसर पर जितेन्द्र दास मानिकपुरी, उप प्रबंधक (संपर्क व प्रशासन-राजभाषा) ने राजभाषा के सांविधिक प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को राजभाषा हिंदी में समस्त कार्य करने हेतु शपथ दिलाई।
कार्यशाला के एक विशेष तकनीकी सत्र में रोहित हरित ने हिंदी वॉइस टाइपिंग का सजीव प्रदर्शन किया तथा प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक टूल्स का उपयोग करके, बोलकर आसानी से और तेजी से हिंदी में टाइपिंग की जा सकती है, जो कि कार्यालयीन कार्यों में गति लाने में सहायक है। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी एवं कार्यालयीन फाइलों में उपयोग की जाने वाली विभिन्न प्रकार की मानक हिंदी टिप्पणियों (Remarks/Noting) की जानकारी दी और उन्हें साझा किया, ताकि अधिकारीगण अपने दैनिक सरकारी कार्यों और नोटिंग में सही व सटीक तकनीकी शब्दों का प्रयोग कर सकें।
कार्यक्रम का संचालन विभागीय राजभाषा समन्वय अधिकारी रोहित हरित, सहायक महाप्रबंधक (मा.सं.- आयरन एण्ड स्टील) ने किया एवं निवेश विजयन, वरिष्ठ प्रबंधक (मा.सं.-स्ट्रेटेजिक एच.आर., आर.टी.आई. एण्ड कॉर्पोरेट रिफरेन्स) ने आभार प्रदर्शन किया।
राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी भाषा में मुहावरों पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे: प्रथम- गिरीश कुमार मढ़रिया, उप प्रबंधक (मा.सं.-एस.पी. एण्ड ओ.एच.पी.), द्वितीय- डॉ. उपेन्द्र कुमार शर्मा, सहायक प्रबंधक (मा.सं.-सेवाएँ), तृतीय-सुश्री पारुल दीवान, वरिष्ठ प्रबंधक (मा.सं.), प्रोत्साहन पुरस्कार विजेता रहे: सुश्री प्रियंका मीना वरिष्ठ प्रबंधक (मा.सं.-मिल्स ज़ोन-1), राहुल थोटे, वरिष्ठ प्रबंधक (मा.सं.-औद्योगिक संबंध एवं ठेका श्रमिक प्रकोष्ठ) एवं मदन मोहन श्रीवास्तव, सहायक प्रबंधक (मानव संसाधन-सी.ओ.सी.सी.डी.)।
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