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जवानी में कमजोर हो रहे हैं पैर, सूजन, दर्द और चलने फिरने में परेशानी, ये हो सकते हैं कारण

युवाओं को पैरो में दर्द, सूजन, चलने फिरने में दिक्कत होने लगी है। कभी 50-60 की उम्र तक पैर और घुटने मजबूत बने रहते थे, लेकिन अब 30 साल में ही घुटने जवाब देने लगे हैं। मेदांता के जाने माने डॉक्टर राजीव परख ने इसके पीछे के कुछ कारण बताए हैं।

आजकल युवाओं को पैरों में दर्द, पैरों में सूजन, चलने फिरने में परेशानी होने लगी है। पैर साथ नहीं दे रहे हैं। खड़े रहने से, बैठे रहने, बैठकर खड़े होने से दिक्कत आने लगती है। इसका कारण है कि पैर कमजोर हो रहे हैं। पैरों की मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं, जिससे पैरों की ताकत कम होने लगती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर मेदांता गुरुग्राम के वस्कुलर सर्जन डॉक्टर राजीव परख ने इसके पीछे के कुछ मुख्य कारण बताए हैं। जिससे जवानी में ही पैर कमजोर हो रहे हैं।

कम उम्र में पैरों में दर्द और सूजन का कारण

  1. सबसे पहला और बड़ा कारण है आपका तंबाकू का सेवन करना, चाहे वो किसी भी फॉर्म में हो, आप सिगरेट, बीड़ी, पान, तंबाकू, गुटखा, जर्दा, हुक्का पीते हैं तो इससे पैरों की नसें सख्त हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में नसों में खून का थक्का जमने और नसें हार्ड होने से सिकुड़ने लगती हैं। इससे ब्लड सप्लाई कम हो जाती है और नसों को पोषण नहीं मिल पाता है। इससे पैर कमजोर होने लगते हैं।
  2. बहुत ज्यादा वजन बढ़ने से पैरों पर प्रेशर आता है। पैरों में सूजन आने लगती है। इसका कारण है बहुत ज्यादा तली भुनी चीजें खाना, बहुत ज्यादा जंक फूड खाना, कोलेस्ट्रॉल हाई होना, मक्खन, मैदा, मायोनीज खाने से वजन बढ़ता है और इससे पैरों में सूजन बढ़ जाती है।
  3. अगर बहुत ज्यादा आराम करते हैं तो पैर आलसी हो जाते हैं। ज्यादा मूवमेंट नहीं है और सारे दिन बैठकर काम करते हैं तो इससे पैरों की मसल्स कमजोर होने लगती हैं। कम चलने फिरने से खून की पम्पिंग कम होने लगती है। जिससे पैरों में दिक्कत बढ़ जाती है। तो बहुत ज्यादा आराम करने से भी पैर आलसी हो जाते हैं।
  4. गतल जूते चप्पल का असर भी पैरों पर पड़ता है। शरीर में विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी से हड्डियां खोखली होकर दबने लगती हैं और पैर फ्लैट हो जाते हैं। इससे हड्डियों पर असर पड़ने लगता है। जब पैरों की बनावट बिगड़ जाती है तो पैरों की पम्पिंग पर असर होता है। इससे खून की सप्लाई कम होती है।
  5. अगर आप लंबे समय तक पैरों को लटकाकर बैठते हैं तो इससे भी पैरों पर असर पड़ता है। इससे पैरों में खून की सप्लाई ऊपर की ओर नहीं हो पाती हैं। वहीं लंबे समय तक बैठे रहने से पैरों की ताकत कम होने लगती हैं। घुटनों और पैरों पर ज्यादा असर पड़ने लगता है। इसलिए बीच-बीच में चलते फिरते रहें।

पैरों को मजबूत बनाने के लिए बदलें आदत

सबसे पहले आपको रोजाना 30 से 40 मिनट की वॉक करें। इससे पैरों में ब्लड सप्लाई तेज होती है और सूजन कम होने लगती है। पैरों का चलते फिरते रहना पैरों में ताकत लाता है। वजन कंट्रोल करना सबसे ज्यादा जरूरी है। रोजाना घर का पौष्टिक खाना खाएं। सही चीजें और सही मात्रा में खाना जरूरी है। तला हुआ खाना कम करें, हरी सब्जियां और फल खाएं। खाने में प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर चीजें खाएं। फ्रोजन खाने से बचें। वॉक के वक्त अच्छे आरामदायक जूते पहनें, जिससे पैर को आराम मिले। सोते वक्त पैरों में दर्द होने पर पैरों के नीचे 2 तकिया लगाकर रखें।

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