स्वयं के दुख,तनाव,मुड़ ऑफ का कारण दूसरे नहीं टू मच थिंकिंग,व्यर्थ चिंतन है.. परमात्मा से रिश्ता जोड़ उन्हें प्रेम से याद करे

भिलाई:- जो हर कार्य कल पर छोड़ते है वो अलबेलापन आलस्य के संस्कार के अधीन है, कल और काल का कोई भरोसा नहीं,हर घड़ी अंतिम घड़ी, आदि अविनाशी सत्तोप्रधान आत्म निश्चय से सृष्टि रूपी रंगमंच पर कर्म करे।पुरुषार्थ फर्स्ट है,जिसके आधार पर प्रालब्ध बनती है।
यह बातें प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर 7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ प्रवास में अहमदाबाद से आई युवा प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका तथा वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगीनी ब्रह्माकुमारी चंद्रिका दीदी जी ने कही।
आपने बताया कि सृष्टि कर्म और न्याय के सिद्धांत पर चलती है।
भगवान से कुछ भी छिपता नहीं। तो मैं क्यों छुपाऊ, परमात्मा से हर बात बताओ। परमात्मा सदा हाजिर रहता है साथ देने लेकिन बच्चे सदा भूल जाते हैं ,परमात्मा मे मेरा निश्चय मुझे निश्चिंत और निर्भय बनाता है। अक्सर हम हमारे तनाव,दुखी और मूड ऑफ होने का दोषारोपण दूसरों को समझते है,लेकिन मेरे अपने संस्कारों,व्यर्थ चिंतन, टू मच थिंकिंग के कारण हम अत्यधिक चिंतित है।
अपनी ही कमी कमजोरी से वैराग्य आवश्यक है। आपने समाधान बताते हुए कहा कि परमात्मा से माता पिता, गुरु, शिक्षक,सखा, बालक के रूप में संबंध जोड़ कर उन्हें प्रेम से याद करे।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में हम विभिन्न आसनों का प्रयोग करेंगे शारीरिक दक्षता के लिए, लेकिन परमात्मा से संबंध जोड़कर याद करना राजयोग का प्रमुख चरण है।
विचित्र भगवान की सृष्टि रूपी रंगमंच की विचित्र लीला को उसके साथ साक्षी होकर देखो, तो आपसे भाग्यवान और कोई नहीं होगा,जो भी आपके संबंध संपर्क में आएगा उसका भी तनाव दूर हो जाएगा।
सबकी एक कम्पलेन रहती है कि दूसरे नहीं बदलते , संग अच्छा नहीं है, इस कारण मन से शक्तिशाली नहीं बन सकते। लेकिन परमात्म श्रेष्ठ मत के आधार पर ज्ञान स्वरूप, शक्ति स्वरूप के वरदानी बन अपनी स्थिति को अचल बनाओ। साक्षी होकर हर एक का पार्ट देखो। अपने सतोगुणी पार्ट में स्थित रहो।
सदा परमात्मा के संग में बालक के रूप में रहो तो तमोगुणी आत्मा व वायुमंडल के संग के रंग का प्रभाव पड़ नहीं सकता।
आपने कर्मयोगी की परिभाषा बताया कि कर्मयोगी वह है जो कर्म के कल्प वृक्ष की डाली पर बैठ कर्म करते भी उपराम स्थिति में रहे।
इस अवसर पर डिवाइन ग्रुप के बच्चों ने सुंदर सांस्कृतिक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका राजयोगिनी हेमलता दीदीजी और राजयोगिनी आशा दीदी जी ने हेमलता दीदी जी हृदयपूर्वक आभार व्यक्त किया। 24 जून मातेश्वरी जगदम्बा जी की पुण्य स्मृति दिवस व अंतर्राष्ट्रीय योग मास के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का बड़ी संख्या में ब्रह्मा वत्सो ने लाभ लिया।
संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे



