होर्मुज में सख्ती: रूस-ईरान के तेल पर अमेरिका ने खत्म की छूट, भारत के लिए बढ़ी चुनौती…

अमेरिका ने घोषणा की है कि वह उन रूस और ईरान के तेलों पर लगाए गए प्रतिबंधों में छूट की अवधि नहीं बढ़ाएगा। इस घोषणा ने भारत की भी चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका का कहना है कि हमने रूस और ईरान से कच्चा तेल खरीदने की एक निश्चित वक्त की अनुमति दी थी जिसका उद्देश्य युद्ध के कारण आपूर्ति में आई बाधाओं को कम करना था।
एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका समुद्र में ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में छूट का नवीनीकरण नहीं करेगा, जो इस सप्ताह समाप्त हो रही है, और रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों में भी अब छूट नहीं मिलेगी,जो सप्ताहांत में खत्म हो रही है।
बेसेंट ने कहा, “हम रूसी तेल के लिए सामान्य लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करेंगे, और न ही हम ईरानी तेल के लिए सामान्य लाइसेंस का नवीनीकरण करेंगे। यह वह तेल था जो 11 मार्च से पहले पानी में था। इसलिए, वह सब इस्तेमाल हो चुका है।”
भारत की बढ़ेगी टेंशन
बता दें कि अमेरिका की इन प्रतिबंधों में मिली छूट का फायदा भारत को मिल रहा था। सरकारी अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, प्रतिबंधों में छूट लागू होने के बाद भारत ने रूस से लगभग 3 करोड़ बैरल तेल का ऑर्डर दिया था।
मार्च में शुरू की गई इस छूट ने ईरान को 20 मार्च से पहले लोड किए गए तेल (लगभग 14 करोड़ बैरल) को बेचने की अनुमति दी थी, ताकि मौजूदा संघर्ष के दौरान वैश्विक आपूर्ति संबंधी चिंताओं को कम किया जा सके। भारत को संयुक्त राज्य अमेरिका का “अत्यावश्यक साझेदार” बताते हुए अमेरिका ने कहा था कि उसे उम्मीद है कि भारत अमेरिकी तेल को और ज्यादा खरीदेगा।
तेल खरीद की 30 दिन की छूट क्यों मिली थी?
12 मार्च को, अमेरिकी वित्त विभाग ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के उद्देश्य से भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने के लिए 30 दिन की छूट जारी की थी। अमेरिका ने कहा था, वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति जारी रखने के लिए, अमेरिकी वित्त विभाग भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट जारी कर रहा है।
रूस को लेकर ट्रंप का कहना था कि जानबूझकर उठाया गया यह अल्पकालिक कदम रूसी सरकार को कोई खास वित्तीय लाभ नहीं देगा, क्योंकि यह केवल समुद्र में फंसे तेल से संबंधित लेन-देन को ही अधिकृत करता है।
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