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“आप भी जानिए” कार्यक्रम के तहत स्टील मेल्टिंग शॉप–3 एवं आर.ई.डी. विभाग के कर्मियों की पत्नियों का संयंत्र भ्रमण

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप–3 एवं आर.ई.डी. विभाग में कार्यरत कार्मिकों की पत्नियों को संयंत्र के कार्यक्षेत्र से रूबरू कराने के उद्देश्य से 17 फरवरी 2026 को “आप भी जानिए” कार्यक्रम का आयोजन मानव संसाधन केंद्र में किया गया। इस कार्यक्रम में स्टील मेल्टिंग शॉप–3 एवं आर.ई.डी. विभाग के 22 कार्मिकों की पत्नियाँ शामिल हुई।

इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस–3) त्रिभुवन बैठा, महाप्रबंधक (आर.ई.डी.) गोपालकृष्णन, महाप्रबंधक (मानव संसाधन- संकार्य) संजय द्विवेदी तथा महाप्रबंधक (मानव संसाधन- आयरन एंड स्टील) सुश्री के. सुपर्णा उपस्थित थी। मानव संसाधन विभाग, कार्मिकों के परिवारजनों से अपनत्व एवं पारिवारिक रिश्ते को मजबूती प्रदान करने तथा उन्हें संयंत्र के उत्पादन गतिविधियों से परिचित कराने हेतु समय-समय पर “आप भी जानिए” कार्यक्रम का आयोजन करता है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कार्मिकों की पत्नियों को संयंत्र की कार्यप्रणाली, उत्पादन प्रक्रियाओं एवं सुरक्षा मानकों से अवगत कराना है, जिससे वे अपने परिजन के कार्यस्थल एवं दायित्वों को बेहतर रूप से समझ सकें। कार्यक्रम के प्रारंभ में सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन- स्टील जोन 1) सुशील कामड़े ने सभी कार्मिकों के जीवनसंगनियों का स्वागत करते हुए संयंत्र की कार्यप्रणाली, उत्पादन एवं लाभ में कर्मियों के साथ-साथ उनके परिवारों की महत्वपूर्ण सहभागिता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के अंतर्गत कार्मिकों की पत्नियों को संयंत्र भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने ब्लास्ट फर्नेस-8, एसएमएस-3, यूनिवर्सल रेल मिल तथा कोक ओवन में उत्पादन प्रक्रिया का अवलोकन किया तथा विभागीय सुरक्षा अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों को कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

संयंत्र भ्रमण उपरांत कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार की उपस्थिति में संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें संयंत्र की प्रगति एवं सुरक्षा से संबंधित विषयों पर कर्मियों की पत्नियों से सुझाव आमंत्रित किए गए। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था, उत्पादन प्रक्रिया तथा योजना की उपयोगिता से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की गई और उपस्थित प्रतिभागियों से विचार-विमर्श किया गया।

स्टील मेल्टिंग शॉप–3 के सभागार में आयोजित समापन सत्र में मुख्य महाप्रबंधक त्रिभुवन बैठा ने सभी प्रतिभागियों को समूह छायाचित्र के साथ स्मृति-चिह्न स्वरूप समूह फोटो मुद्रित विशेष मग भेंट किया गया।का र्यक्रम का संचालन सहायक महाप्रबंधक सुशील कामड़े द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में इस्पात अंचल–1 के सभी कर्मियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में भाग लेने वाली सभी प्रतिभागियों ने भ्रमण सम्बंधित अपने अनुभव साझा करते हुए इस प्रकार के आयोजन के लिए संयंत्र प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।

भिलाई इस्पात संयंत्र में “राष्ट्रीय कर्मयोगी मिशन” कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन

उत्कृष्ट योगदान हेतु 15 मास्टर ट्रेनर्स सम्मानित

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन–ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग अंतर्गत एचआरडीसी एवं बीएमडीसी में “राष्ट्रीय कर्मयोगी” एक दिवसीय कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 5 अक्टूबर 2025 से 10 फरवरी 2026 की अवधि के दौरान विभिन्न चरणों में संपन्न हुआ, जिसमें बीएसपी के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करना, व्यावसायिक दक्षताओं में वृद्धि करना तथा सरकारी कर्मियों में सतत अधिगम, सेवा उत्कृष्टता और उत्तरदायित्व की संस्कृति को बढ़ावा देना रहा। निर्धारित अवधि में संयंत्र के 2 लीड ट्रेनर्स के मार्गदर्शन में तैयार 57 मास्टर ट्रेनर्स ने राष्ट्रीय कर्मयोगी एकदिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से 3735 कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के फलस्वरूप बीएसपी ने सेल की समस्त इकाइयों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उक्त 57 मास्टर ट्रेनर्स में से 15 मास्टर ट्रेनर्स ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, नेतृत्व क्षमता एवं प्रभावी प्रशिक्षण व प्रस्तुतीकरण कौशल से विशेष पहचान बनाई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 15 मास्टर ट्रेनर्स में वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन), कुटेश्वर माइंस अरुण कुमार सरोज; कनिष्ठ प्रबंधक (एचआर- एम एंड यू) सुश्री नवनीता चौहान; सहायक प्रबंधक (चिकित्सा) सुश्री शीबा थॉमस;

एमटीए (आरएसएम) सुश्री शेख शिरीन; प्रबंधक (एचआर–मिल्स) सुश्री अवंथि वुचुला; उप प्रबंधक (एचआर-स्टील) सिकंदर इंदोरिया; सहायक महाप्रबंधक (एसएमएस–2) निशांत प्रकाश टोप्पो; महाप्रबंधक (एसएमएस–2) गौरव सिंघल; महाप्रबंधक (राजहरा माइंस) बीरेन्द्र कुमार; सहायक प्रबंधक (दल्ली माइंस) आनंद कुमार; सहायक प्रबंधक (प्लांट गैरेज) दिनेश चंद्र महाजन; सहायक प्रबंधक (एचआर–मिल्स) सुश्री तनमयी मल्लेश; उप प्रबंधक (एचएमई) नरेंद्र राव; कनिष्ठ प्रबंधक (एचआर- एम एंड यू) बी. गोपाल राव; तथा सहायक महाप्रबंधक (सीएमएम) अनिल भावे शामिल हैं।

इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में निदेशक प्रभारी सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार ने 15 मास्टर ट्रेनर्स को उनके उल्लेखनीय योगदान, विषय–ज्ञान, सक्रिय सहभागिता और प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया। पवन कुमार ने मास्टर ट्रेनर्स के समर्पण एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि व्यक्तिगत विकास को राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रीय कर्मयोगी कार्यक्रम जैसे प्रयास सार्वजनिक सेवा प्रणाली में दक्षता, जवाबदेही एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम के दौरान कार्यस्थल के साथ–साथ व्यक्तिगत जीवन में भी दृष्टिकोण एवं व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया।

जिससे कर्मचारी कंपनी एवं समाज की सेवा सकारात्मक एवं प्रेरित मानसिकता के साथ कर सकें। समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने मास्टर ट्रेनर्स द्वारा संचालित संवादात्मक सत्रों एवं व्यावहारिक अंतर्दृष्टियों की प्रशंसा की।

ओएचपी में ‘शून्य दुर्घटना, शून्य ब्रेकडाउन’ लक्ष्य हेतु प्रदर्शन सुधार कार्यशाला आयोजित

भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन– ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग में 18 फरवरी 2026 को ओर हैंडलिंग प्लांट (ओएचपी) के लिए “शून्य दुर्घटना, शून्य ब्रेकडाउन” थीम पर आधारित प्रदर्शन सुधार कार्यशाला (पीआईडब्ल्यू) का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में ओएचपी के यांत्रिक, परिचालन एवं विद्युत विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और परिचालन उत्कृष्टता के प्रति अपने सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित किया।

महाप्रबंधक प्रभारी (एचआर-एल एंड डी) संजीव श्रीवास्तव ने स्वागत उदबोधन दिया। कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार ने कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि संयंत्र की निर्बाध कार्यप्रणाली के लिए विश्वसनीयता, सुरक्षा और टीम भावना अनिवार्य है। उन्होंने मानसून के मद्देनज़र सक्रिय अनुरक्षण और जवाबदेही आधारित कार्यसंस्कृति को अपनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी) सजीव वर्गीज़ ने अपने संबोधन में कार्यशाला से अपेक्षाओं को स्पष्ट करते हुए आधुनिक तकनीकों, विशेषकर एआई आधारित अलर्ट प्रणाली के उपयोग के माध्यम से स्मार्ट एवं विवेकपूर्ण कार्य संस्कृति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक प्रतिबद्धता से ‘शून्य दुर्घटना’ एवं ‘शून्य ब्रेकडाउन’ के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि “सुरक्षा” प्राथमिकताओं से ऊपर एक स्थायी मूल्य है और इसे कार्यसंस्कृति का मूल आधार बनाया जाना चाहिए।
तकनीकी सत्रों के क्रम में मुख्य महाप्रबंधक (यांत्रिकी) पी. के. सिंह ने कन्वेयर बेल्ट के जीवनकाल में वृद्धि पर प्रस्तुति देते हुए उचित एलाइनमेंट, कंडीशन मॉनिटरिंग, निवारक अनुरक्षण तथा श्रेष्ठ परिचालन पद्धतियों के माध्यम से क्षरण कम करने और डाउनटाइम घटाने पर व्यावहारिक सुझाव साझा किए।

इसके पश्चात मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी) सजीव वर्गीज़ ने “स्वामित्व भावना एवं 360 डिग्री अवलोकन” तथा “सर्वोत्तम परिचालन एवं अनुरक्षण पद्धतियां” विषयों पर आधारित सत्रों में व्यवहारगत सकारात्मक परिवर्तन, सामूहिक उत्तरदायित्व तथा संभावित समस्याओं की समयपूर्व पहचान को परिचालन उत्कृष्टता की कुंजी बताया।

कार्यशाला के दौरान ओईएम मैसर्स मेटसो (एमईटीएसओ) की टीम ने वैगन टिपलर, स्टेकर एवं बकेट व्हील रिक्लेमर पर विस्तृत तकनीकी प्रस्तुति देते हुए इन उपकरणों के बेहतर अनुरक्षण एवं दक्ष संचालन की दिशा में सार्थक मार्गदर्शन प्रदान किया।

कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण रहे समूह मंथन सत्र में कन्वेयर की उत्पादकता वृद्धि, कन्वेयर बेल्ट के जीवनकाल में सुधार तथा ‘शून्य दुर्घटना, शून्य ब्रेकडाउन’ लक्ष्य जैसे प्रमुख बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। सभी समूहों ने गहन चर्चा के उपरांत व्यावहारिक एवं क्रियान्वयन योग्य कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं, जिनमें निवारक अनुरक्षण, बेहतर हाउसकीपिंग, विभागीय समन्वय तथा सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्य महाप्रबंधक (एम एंड यू), विजय कुमार बेहरा ने प्रस्तुत समेकित कार्ययोजनाएँ के विश्लेषण उत्कृष्टता तथा प्रस्तावित उपायों की स्पष्टता की सराहना करते हुए विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने तथा मानसून पूर्व बेहतर हाउसकीपिंग एवं अनुशासित अनुरक्षण कार्यों पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम का समन्वय उप महाप्रबंधक (ओएचपी), प्रशांत जैन द्वारा किया गया। कार्यशाला की संपूर्ण रूपरेखा महाप्रबंधक (एचआर–एल एंड डी), मुकुल सहारिया द्वारा तैयार की गई। उन्होंने कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

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