
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़ी बड़ी बीमा धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। दुर्ग पुलिस ने जांच के बाद करीब ₹1 करोड़ 19 लाख रुपये की फर्जी बीमा क्लेम निकासी का मामला उजागर किया है। आरोपियों ने जीवित लोगों को मृत दिखाकर जाली दस्तावेजों के जरिए क्लेम पास कराया। मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
क्या है पूरा NPS बीमा फ्रॉड मामला?
शिकायत के अनुसार, HDFC Life Insurance Company के प्रबंधक द्वारा लिखित आवेदन देकर बताया गया कि NPS खातों से जुड़े कई फर्जी मृत्यु दावों के आधार पर बड़ी रकम निकाली गई है।
जांच में सामने आया कि:
जिंदा पेंशन धारकों को मृत दिखाया गया
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगाए गए
नकली आधार और KYC दस्तावेजों का उपयोग हुआ
ऑनलाइन माध्यम से क्लेम प्रोसेस कर रकम निकाली गई
ऑनलाइन सेवा केंद्र से तैयार होते थे फर्जी दस्तावेज
जांच एजेंसियों को पता चला कि मुख्य आरोपी एक ऑनलाइन सेवा केंद्र संचालित करता था। वह:
NPS निकासी के नाम पर लोगों से आधार, पैन और बैंक डिटेल लेता था
उन्हीं दस्तावेजों से फर्जी KYC तैयार करता था
जाली मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर बीमा दावा डालता था
मृत्यु प्रमाण पत्रों में:
एक जैसे पते
अमान्य QR कोड
संदिग्ध बैंक खातों से लेन-देन
जैसी कई गड़बड़ियां मिलीं।
कंपनी के पूर्व कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध
जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए:
फर्जी दस्तावेज अपलोड किए
सत्यापन प्रक्रिया को दरकिनार किया
क्लेम अप्रूवल में मदद की
पुलिस इस एंगल से भी जांच आगे बढ़ा रही है।
दर्ज धाराएं और कानूनी कार्रवाई
अपराध क्रमांक: 74/2026
धाराएं: 316, 318, 336(2), 337, 338, 339, 340(2), 61(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता
कार्रवाई क्षेत्र: थाना पाटन, जिला दुर्ग
माध्यम: ऑनलाइन NPS खातों के जरिए लेन-देन
क्या-क्या जब्त हुआ?
जांच के दौरान पुलिस ने:
₹10,000 नकद
फर्जी दस्तावेजों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य
इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड
जब्त किए हैं।
पुलिस की जनता से अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:
बीमा और पेंशन योजनाओं से जुड़ी जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति को न दें
KYC दस्तावेज सोच-समझकर साझा करें
किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें
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