SAIL का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत, दूसरी तिमाही में कर-पश्चात लाभ 315% बढ़ा…
पहली छमाही में कारोबार ₹58,243 करोड़ के पार, EBITDA बढ़कर ₹8,917 करोड़ पहुंचा; कर्ज घटाने और लागत अनुकूलन से लाभप्रदता में सुधार

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) और पहली छमाही (H1) के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। 30 सितंबर 2026 को समाप्त अवधि के परिणाम कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और बेहतर लाभप्रदता को दर्शाते हैं। दूसरी तिमाही में कंपनी का कर-पश्चात लाभ (PAT) पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 315 प्रतिशत बढ़ा है।
कंपनी के अनुसार, बिक्री में वृद्धि, लागत अनुकूलन और कर्ज कम करने के प्रयासों से वित्तीय प्रदर्शन को मजबूती मिली है। दूसरी तिमाही में SAIL ने बिक्री मात्रा के साथ कारोबार और परिचालन लाभ में भी वृद्धि दर्ज की।
दूसरी तिमाही में बिक्री मात्रा 5.16 मिलियन टन
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में SAIL की बिक्री मात्रा बढ़कर 5.16 मिलियन टन रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 4.91 मिलियन टन थी। कंपनी ने खुदरा और अन्य ग्राहकों तक अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया, जिससे बिक्री को समर्थन मिला।
दूसरी तिमाही में कच्चे इस्पात का उत्पादन 4.85 मिलियन टन रहा। वहीं, प्रचालन से कारोबार बढ़कर ₹31,998 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के ₹26,704 करोड़ से अधिक है।
पहली छमाही में कारोबार ₹58,243 करोड़
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी ने ₹58,243 करोड़ का परिचालन कारोबार दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह ₹52,625 करोड़ था। इस तरह कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
पहली छमाही में कच्चे इस्पात का उत्पादन 9.61 मिलियन टन रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में 9.50 मिलियन टन उत्पादन हुआ था। इस दौरान बिक्री मात्रा 9.33 मिलियन टन दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की पहली छमाही के 9.46 मिलियन टन से थोड़ी कम रही।
EBITDA और मुनाफे में उल्लेखनीय सुधार
SAIL के वित्तीय परिणामों में परिचालन लाभ और शुद्ध लाभ में मजबूत बढ़ोतरी सामने आई है। पहली छमाही में ब्याज, कर और मूल्यह्रास से पहले की कमाई (EBITDA) बढ़कर ₹8,917 करोड़ हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह ₹5,754 करोड़ थी।
इसी अवधि में कर-पूर्व लाभ (PBT) ₹1,443 करोड़ से बढ़कर ₹4,515 करोड़ पहुंच गया। वहीं, कर-पश्चात लाभ (PAT) ₹1,112 करोड़ से बढ़कर ₹3,410 करोड़ हो गया।
दूसरी तिमाही में EBITDA ₹4,561 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹2,829 करोड़ था। कर-पूर्व लाभ ₹553 करोड़ से बढ़कर ₹2,356 करोड़ और कर-पश्चात लाभ ₹427 करोड़ से बढ़कर ₹1,774 करोड़ हो गया।
कंपनी का कुल कर्ज घटकर ₹20,583 करोड़
कंपनी ने उधारी कम करने की दिशा में किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप कुल कर्ज घटाकर ₹20,583 करोड़ कर लिया है। SAIL के वित्तीय प्रबंधन में कर्ज नियंत्रण, लागत अनुकूलन और परिचालन दक्षता में सुधार को महत्वपूर्ण प्राथमिकता दी जा रही है।
कंपनी का मानना है कि उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग, कच्चे माल के उपयोग में सुधार और स्टील इन्वेंट्री में कमी से लाभप्रदता को और मजबूती मिल सकती है।
CMD ने परिचालन मजबूती और रणनीतिक सजगता को बताया अहम
SAIL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) डॉ. ए. के. पंडा ने कहा कि वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही में कंपनी का प्रदर्शन उसकी परिचालन मजबूती, वित्तीय विवेक और रणनीतिक सजगता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि भारत में बुनियादी ढांचे के विकास और घरेलू इस्पात की बढ़ती मांग का लाभ उठाते हुए कंपनी ने मजबूत उत्पादन, कच्चे माल के बेहतर उपयोग और स्टील इन्वेंट्री में कमी के माध्यम से दूसरी तिमाही में बिक्री मात्रा में पहली तिमाही के मुकाबले 24 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है। लौह अयस्क के उत्पादन और बिक्री में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और लागत नियंत्रण पर जोर
CMD ने बताया कि कंपनी का ध्यान तकनीकी-आर्थिक मानकों को बेहतर बनाने, लागत को युक्तिसंगत करने, इन्वेंट्री अनुशासन बनाए रखने और लाभप्रदता बढ़ाने पर केंद्रित है। इसके साथ ही उच्च गुणवत्ता और बेहतर मूल्य वाले इस्पात उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
SAIL के ताजा वित्तीय परिणाम संकेत देते हैं कि कंपनी बिक्री, परिचालन दक्षता और लागत प्रबंधन को मजबूत बनाकर प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी स्थिति बेहतर करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
पहली छमाही के वित्तीय परिणाम (स्टैंडअलोन)
| वित्तीय संकेतक | H1 2025-26 | H1 2026-27 |
|---|---|---|
| कच्चा इस्पात उत्पादन | 9.50 मिलियन टन | 9.61 मिलियन टन |
| बिक्री मात्रा | 9.46 मिलियन टन | 9.33 मिलियन टन |
| प्रचालन से कारोबार | ₹52,625 करोड़ | ₹58,243 करोड़ |
| EBITDA | ₹5,754 करोड़ | ₹8,917 करोड़ |
| अप्रत्याशित मदों और कर से पहले लाभ | ₹1,781 करोड़ | ₹4,732 करोड़ |
| अप्रत्याशित मदें | -₹338 करोड़ | -₹217 करोड़ |
| कर-पूर्व लाभ (PBT) | ₹1,443 करोड़ | ₹4,515 करोड़ |
| कर-पश्चात लाभ (PAT) | ₹1,112 करोड़ | ₹3,410 करोड़ |
दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम (स्टैंडअलोन)
| वित्तीय संकेतक | Q2 2025-26 | Q1 2026-27 | Q2 2026-27 |
|---|---|---|---|
| कच्चा इस्पात उत्पादन | 4.65 मिलियन टन | 4.76 मिलियन टन | 4.85 मिलियन टन |
| बिक्री मात्रा | 4.91 मिलियन टन | 4.16 मिलियन टन | 5.16 मिलियन टन |
| प्रचालन से कारोबार | ₹26,704 करोड़ | ₹26,246 करोड़ | ₹31,998 करोड़ |
| EBITDA | ₹2,829 करोड़ | ₹4,356 करोड़ | ₹4,561 करोड़ |
| अप्रत्याशित मदों और कर से पहले लाभ | ₹891 करोड़ | ₹2,303 करोड़ | ₹2,429 करोड़ |
| अप्रत्याशित मदें | -₹338 करोड़ | -₹144 करोड़ | -₹73 करोड़ |
| कर-पूर्व लाभ (PBT) | ₹553 करोड़ | ₹2,159 करोड़ | ₹2,356 करोड़ |
| कर-पश्चात लाभ (PAT) | ₹427 करोड़ | ₹1,636 करोड़ | ₹1,774 करोड़ |
इन खबरों का लाभ लेने के लिए अपने परिचितों को फॉरवर्ड करना ना भूलें।




