धमतरी के आमदी से डिजिटल शिक्षा की नई उड़ान, युवाओं के लिए खुला अवसरों का नया द्वार…
ई-लाइब्रेरी में हाई-स्पीड इंटरनेट, कंप्यूटर और ई-संसाधनों की सुविधा; UPSC से बैंकिंग तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिलेगा बेहतर माहौल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में युवाओं को विकसित भारत की संकल्पना से जोड़ने और उन्हें विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में डिजिटल शिक्षा को गांव और कस्बों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के नगर पंचायत आमदी में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ई-लाइब्रेरी का लोकार्पण किया गया। राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने इसका उद्घाटन करते हुए इसे युवाओं के सपनों को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।
आमदी में शुरू की गई यह सुविधा विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराने के साथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद करेगी। ई-लाइब्रेरी में ऑनलाइन अध्ययन के लिए आधुनिक कंप्यूटर और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ हजारों ई-बुक्स, ई-जर्नल्स और अद्यतन अध्ययन सामग्री तक पहुंच मिलेगी।
UPSC से बैंकिंग तक तैयारी के लिए आधुनिक माहौल
ई-लाइब्रेरी में UPSC, CGPSC, SSC, रेलवे और बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी। सुव्यवस्थित परिसर और डिजिटल संसाधनों के जरिए युवाओं को घर के नजदीक ही ऐसा वातावरण देने का प्रयास किया गया है, जिसके लिए उन्हें पहले बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था।
यह पहल ग्रामीण और शहरी विद्यार्थियों के बीच डिजिटल संसाधनों की दूरी कम करने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ज्ञान और तकनीक को विकास का आधार बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के विजन को रेखांकित करते हुए मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि ज्ञान विकसित समाज की सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल नए भवन तैयार करना नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। डिजिटल युग में ई-लाइब्रेरी की उपयोगिता को देखते हुए ऐसी सुविधाओं का विस्तार नगर पंचायतों के साथ प्रदेश के महाविद्यालयों तक करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
पंचायतों से कॉलेजों तक पहुंचेगा डिजिटल अध्ययन तंत्र
धमतरी जिले की लगभग सभी नगर पंचायतों में पुस्तकालय सुविधाएं विकसित किए जाने के बाद अब ग्राम पंचायतों और महाविद्यालयों तक आधुनिक अध्ययन व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है। मेघा, सांकरा और बेलरगांव जैसी ग्राम पंचायतों में विकसित सुविधाओं की तर्ज पर अन्य ग्राम पंचायतों में भी ई-लाइब्रेरी और आधुनिक अध्ययन तंत्र उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है।
प्रदेश के प्रत्येक महाविद्यालय में भी इस तरह की डिजिटल सुविधाओं के विस्तार का लक्ष्य रखा गया है। इससे विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में आधुनिक शैक्षणिक संसाधन मिल सकेंगे।
बड़े शहरों की ओर पलायन रोकने में मददगार पहल
स्थानीय स्तर पर विश्वस्तरीय डिजिटल अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम होगी। इससे ग्रामीण प्रतिभाओं को अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और प्रतिभा के पलायन को रोकने में भी मदद मिल सकती है।
डिजिटल शिक्षा, आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री का यह विस्तार युवाओं को अधिक सक्षम बनाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर, तकनीक-सक्षम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। धमतरी के आमदी से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में प्रदेश के गांवों और महाविद्यालयों तक डिजिटल ज्ञान की पहुंच बढ़ाने का आधार बन सकती है।
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